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भ्रष्टाचार के आरोप में जिंगरुई पर गिरी गाज

by Live India
जिनपिंग का बड़ा एक्शन: भ्रष्टाचार के आरोप में पोलित ब्यूरो के ताकतवर नेता ज़िंगरुई पर गिरी गाज

चीन निष्कासन: चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) ने मंगलवार को पोलित ब्यूरो के प्रभावशाली सदस्य और शिनजियांग प्रांत के पूर्व प्रमुख मा ज़िंगरुई (67) को भ्रष्टाचार और अनुशासन उल्लंघन के गंभीर आरोपों में पार्टी से निकाल दिया है. सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, मा को सरकारी सेवा से भी बर्खास्त कर दिया गया है. उन पर राजनीतिक निष्ठा छोड़ने और सिद्धांतों से विश्वासघात करने का आरोप है. 2022 में शुरू हुए मौजूदा पार्टी कार्यकाल के दौरान जांच के दायरे में आने वाले मा 24 सदस्यीय पोलित ब्यूरो के तीसरे सदस्य हैं, जो 105 साल पुरानी पार्टी के इतिहास में बेहद दुर्लभ घटना है.

पार्टी और सेना के सैकड़ों अधिकारियों को सजा

राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 2012 में सत्ता संभालने के बाद से भ्रष्टाचार-विरोधी बड़ा अभियान चलाया है, जिसके तहत भ्रष्टाचार और अनुशासन तोड़ने के लिए पार्टी और सेना के सैकड़ों अधिकारियों को सज़ा दी गई है. समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने बताया कि जांच में पाया गया कि मा ने राजनीतिक, संगठनात्मक और ईमानदारी से जुड़े अनुशासन का उल्लंघन किया था. उन्होंने परिवार के सदस्यों को बाज़ार भाव से कम कीमत पर घर खरीदने में मदद की थी. वे सत्ता और पैसे के बदले सेक्स के लेन-देन में शामिल थे.

मा ने परिवार को पहुंचाया लाभ

मा ने परिवार के सदस्यों को अपने पद के प्रभाव का इस्तेमाल करके भारी फ़ायदा उठाने की छूट दी थी. यह भी पाया गया कि मा ने बिज़नेस ऑपरेशन, प्रोजेक्ट कॉन्ट्रैक्टिंग और नौकरी में प्रमोशन के मामले में दूसरों को फ़ायदा पहुंचाया था. रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने या तो खुद या फिर अपने रिश्तेदारों और करीबी सहयोगियों के साथ मिलकर गैर-कानूनी तरीके से भारी मात्रा में पैसे और कीमती सामान लिए. CPC ने उन्हें पार्टी से निकालने, सरकारी पद से हटाने, उनकी गैर-कानूनी कमाई ज़ब्त करने और 20वीं CPC नेशनल कांग्रेस के डेलीगेट के तौर पर उनका दर्जा रद्द करने का आदेश दिया. रिपोर्ट में कहा गया है कि कानून के मुताबिक जांच और मुक़दमे के लिए उनका मामला सरकारी वकीलों को सौंप दिया गया है.

अप्रैल से चल रही थी जांच

पिछले साल जुलाई में मा ने शिनजियांग उइगुर ऑटोनॉमस रीजन के कम्युनिस्ट पार्टी सेक्रेटरी का पद छोड़ दिया था. मा, जो CPC के ‘लीडिंग ग्रुप फ़ॉर रूरल अफ़ेयर्स’ के डिप्टी हेड भी थे, नवंबर से पार्टी के कई अहम कार्यक्रमों में शामिल नहीं हुए थे, जिससे उनके ठिकाने को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं. चीन ने अप्रैल में मा के ख़िलाफ़ जांच की घोषणा की थी और उसके बाद उन्हें अनुशासनात्मक और निगरानी जांच के दायरे में लाया गया था. इसके बाद पोलितब्यूरो ने मा के भ्रष्टाचार के मामलों पर ‘सेंट्रल कमीशन फ़ॉर डिसिप्लिन इंस्पेक्शन’ की रिपोर्ट की समीक्षा की और उसे मंज़ूरी दी, जिसके बाद उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया.

रॉकेट प्रोजेक्ट के भी रह चुके हैं कमांडर-इन-चीफ

एयरोस्पेस एक्सपर्ट होने के नाते मा ने कई साल ‘चाइना एयरोस्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी कॉर्पोरेशन’ में बिताए और 2007 से 2013 तक इसके जनरल मैनेजर के तौर पर काम किया. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की पिछली रिपोर्टों के अनुसार, उस दौरान वे चीन के मानवयुक्त अंतरिक्ष कार्यक्रम के डिप्टी कमांडर-इन-चीफ और देश के नई पीढ़ी के कैरियर रॉकेट प्रोजेक्ट के कमांडर-इन-चीफ भी थे. हाल के वर्षों में चीन के भ्रष्टाचारविरोधी अभियान के तहत एयरोस्पेस सेक्टर में मा के साथ काम कर चुके कई पूर्व सहयोगियों की भी जांच की गई है. 2022 से, पार्टी की केंद्रीय समिति के कम से कम 24 सदस्यों को या तो निकाल दिया गया है या उनकी जांच चल रही है, जबकि अकेले पिछले साल पार्टी, सरकार, सेना और सरकारी कंपनियों के 65 वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई.

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समाचार स्रोत: पीटीआई

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