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झारखंड भूमि अधिग्रहण संघर्ष: झारखंड से भूमि अधिग्रहण मुआवजे को लेकर भीषण झड़प की खबर सामने आई है. इसमें दो पुलिसकर्मी समेत 10 लोगों के जख्मी होने की सूचना है.
मिली जानकारी के अनुसार, एक अधिकारी ने बताया कि गुरुवार को झारखंड के पलामू जिले में भूमि अधिग्रहण के मुआवजे को लेकर ग्रामीणों और सरकारी कर्मचारियों व सुरक्षा बलों के बीच झड़प हुई. इसमें दो पुलिसकर्मियों सहित कम से कम 10 लोग घायल हो गए हैं. आइए जानते हैं पूरा मामला.
पलामू में एक फॉरेस्ट चेकपोस्ट के पास की घटना
न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड में भूमि अधिग्रहण मुआवजे को लेकर हुए संघर्ष में 10 लोग घायल हुए हैं. इनमें 2 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं.
यह घटना पलामू के सदर पुलिस स्टेशन इलाके के चियांकी में एक फॉरेस्ट चेकपोस्ट के पास हुई. स्थानीय प्रशासन और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की टीमें पलामू को बिहार के औरंगाबाद से जोड़ने वाले NH 39 के विस्तार का काम शुरू करने के लिए जगह साफ करने वहां पहुंची थीं.
ग्रामीणों ने टीमों को रोकते हुए कहा कि जब तक उन्हें उचित मुआवजा नहीं दिया जाता, तब तक वे उन्हें अपने घर गिराने नहीं देंगे. एक ग्रामीण ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए भूमि का अधिग्रहण किया गया था, लेकिन “भूमि के बदले मुआवजे का भुगतान अभी भी लंबित है.” अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर पुलिस और सरकारी वाहनों पर पत्थर फेंके, जिससे एक महिला कांस्टेबल सहित दो कर्मी घायल हो गए.
पुलिस ने लाठीचार्ज किया- उपायुक्त
ग्रामीणों द्वारा की गई पथराव की घटना में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए मेदिनीराई मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया. घायल पुलिसकर्मियों की पहचान राजमोहन सिंह और प्रिया कुमारी के रूप में हुई है. वहीं, पलामू के उपायुक्त (डीसी) दिलीप सिंह शेखावत ने पीटीआई को बताया, “स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया.”
नेशनल हाईवे का निर्माण हर हाल में होगा- डीसी
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस घटना में करीब आठ ग्रामीण घायल हो गए. डीसी ने कहा कि पत्थरबाजी में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने कहा, “जहां तक मुआवजे का सवाल है, प्रशासन इस मामले की जांच करेगा. नेशनल हाईवे का निर्माण हर हाल में किया जाएगा.” उन्होंने बताया कि पलामू सदर के उप-विभागीय मजिस्ट्रेट ने गुरुवार और शुक्रवार के लिए निर्माण स्थल की निर्धारित सीमा के भीतर निषेधाज्ञा (Prohibitory Orders) लागू की थी, लेकिन ग्रामीणों ने आदेश का उल्लंघन करते हुए वहां जमावड़ा किया.
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समाचार स्रोत: पीटीआई
