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अमित शाह: जंतर-मंतर पर करीब 36 दिन से जारी रहा सीजेपी का धरना-प्रदर्शन अब शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद खत्म हो चुका है. जून में नीट पेपर लीक मामले में छात्र और प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे थे. आखिरकार 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से अपना इस्तीफा दे दिया. उन्होंने कहा कि भारत की युवाशक्ति ही इस देश की असली ताकत है.
इस बीच धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने देश के युवाओं और विद्यार्थियों के लिए अपनी बात कही है. आइए जानते हैं पूरी खबर.
पद से कहीं अधिक महत्वपूर्ण देश- अमित शाह
NEET पेपर लीक विवाद को लेकर हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के कारण बढ़ते दबाव के बीच शनिवार को प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपनी खास बात कही. शाह ने कहा है कि बीजेपी कार्यकर्ताओं के लिए देश, युवा और छात्र किसी भी पद से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने आगे कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इसी सिद्धांत का उदाहरण है.
अमित शाह ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, “भाजपा के कार्यकर्ताओं के लिए पद से कहीं अधिक महत्वपूर्ण देश, हमारी युवा पीढ़ी और विद्यार्थी हैं. आज केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान जी का अपने पद से इस्तीफा इसी को दर्शाता है.”
भाजपा के कार्यकर्ताओं के लिए पद से कहीं अधिक महत्वपूर्ण देश, हमारी युवा पीढ़ी और विद्यार्थी हैं। आज केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री @dpradhanbjp जी का अपने पद से इस्तीफा इसी को दर्शाता है।
मोदी सरकार देश के युवाओं की भावनाओं का सम्मान करती है और पेपर लीक के विरुद्ध आवश्यक सुधारों के… https://t.co/p12wLKGUkm
– अमित शाह (@AmitShah) 25 जुलाई, 2026
पेपर लीक के विरुद्ध आवश्यक सुधारों के लिए कटिबद्ध- शाह
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “मोदी सरकार देश के युवाओं की भावनाओं का सम्मान करती है और पेपर लीक के विरुद्ध आवश्यक सुधारों के लिए कटिबद्ध है.” उन्होंने आगे कहा, “पेपर लीक के दोषियों को कठोर दंड मिले, इसके लिए मोदी जी द्वारा लिए गए निर्णय सराहनीय हैं. मुझे पूर्ण विश्वास है कि इन कदमों से NEET परीक्षा में सफल हुए विद्यार्थियों के साथ पूरा न्याय होगा.”
धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल पर क्या बोले गृह मंत्री?
केंद्रीय मंत्री शाह ने धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल पर भी अपनी बात कही. उन्होंने अपनी एक्स पोस्ट में कहा, “धर्मेंद्र प्रधान जी ने अपने कार्यकाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन, मातृभाषाओं में परीक्षाओं की व्यवस्था, पीएम श्री विद्यालयों के विस्तार, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने, कौशल विकास एवं उद्योग-अकादमिक समन्वय को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं.”
उन्होंने कहा, “परीक्षा प्रणाली को अधिक समावेशी और छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में भी उनके प्रयास उल्लेखनीय रहे हैं. उनका कार्यकाल भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प के प्रति उनके समर्पण का परिचायक है.”
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समाचार स्रोत: पीटीआई
