Home News मई के महीने में कब है कौन सी एकादशी?

मई के महीने में कब है कौन सी एकादशी?

by Live India
Kamada Ekadashi 2026 जानें कामदा एकादशी की तिथि और पूजा विधि

May Ekadashi Date: एकादशी के दिन कुछ नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है, इसलिए एकादशी तिथि का ध्यान रखना चाहिए. जानें मई के महीने में एकादशी किस दिन है और शुभ मुहूर्त क्या है.

29 अप्रैल, 2026

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का खास महत्व है. एकादशी के दिन भगवान विष्णु की भक्ति-भाव से पूजा करना चाहिए. हर महीने में 2 एकादशी आती हैं यानी साल भर में कुल 24 एकादशी आती हैं. हर एकादशी का अपना धार्मिक महत्व होता है. एकादशी के दिन कुछ नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है, लेकिन अक्सर लोगों को इसकी तारीख के बारे में जानकारी नहीं होती और वे गलती कर देते हैं. आज हम आपको बताएंगे कि मई के महीने में कौन सी एकादशी किस दिन है, उनके शुभ मुहूर्त क्या हैं और उनका क्या महत्व है.

अपरा एकादशी

ज्येष्ठ में आने वाली कृष्ण पक्ष की एकादशी को अपरा एकादशी कहते हैं. अपरा एकादशी भगवान विष्णु के त्रिविक्रम अवतार को समर्पित है. अपरा एकादशी के दिन व्रत करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है और अपार पुण्य मिलता है. इस दिन व्रत करने से पिछले जन्म के किए हुए पाप धुल जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. अपरा एकादशी की तिथि 12 मई को दोपहर 2 बजकर 52 मिनट पर शुरू होगी और 13 मई को 1 बजकर 29 मिनट पर खत्म होगी. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, 13 मई को एकादशी का व्रत रखा जाएगा. पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 32 मिनट से लेकर 8 बजकर 55 मिनट तक है.

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पद्मिनी एकादशी

ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पद्मिनी एकादशी कहते हैं. पद्मिनी एकादशी भगवान विष्णु को बहुत प्रिय है. इस दिन व्रत रखने से वर्षों की तपस्या करने जितना फल मिलता है. पद्मिनी एकादशी पर संतान सुख की मनोकामना पूरी होती है. पद्मिनी एकादशी की तिथि 26 मई को सुबह 5 बजकर 10 मिनट पर शुरू होगी और 27 मई को सुबह 6 बजकर 21 मिनट पर खत्म होगी. उदया तिथि के अनुसार पद्मिनी एकादशी का व्रत 27 मई को रखा जाएगा. पूजा का शुभ मुहूर्त 27 मई को सुबह 05 बजकर 25 मिनट से लेकर 8 बजकर 52 मिनट तक है.

इन नियमों का पालन करें

  • एकादशी के दिन चावल खाना वर्जित माना गया है. चाहे आप व्रत रख रहें हैं या नहीं, चावल नहीं खाना चाहिए.
  • इस दिन लहसुन, प्याज, मांस, मदिरा और मांस-मछली का सेवन नहीं करना चाहिए.
  • एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए. पूजा के लिए पत्ते एक दिन पहले ही तोड़कर रख लें.
  • इस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें और किसी पर गुस्सा न करें.
  • एकादशी के दिन बाल काटना या नाखून काटना भी अशुभ होता है.
  • इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करके जरूरतमंद लोगों को अन्न-धन का दान करना चाहिए.

समाचार स्रोत: पीटीआई

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