Home Latest News & Updates सारे भेदभाव मिटाकर मजबूत राष्ट्र के लिए RSS का बड़ा विज़न

सारे भेदभाव मिटाकर मजबूत राष्ट्र के लिए RSS का बड़ा विज़न

by Live India
भेदभाव मिटाकर बनेगा सशक्त राष्ट्र, समरस समाज के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का विज़न

7

RSS: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हिंदू समाज में जाति, भाषा और क्षेत्र के आधार पर भेदभाव खत्म करने पर जोर दे रहा है. अपने इस विजन के जरिए राष्ट्र निर्माण के लिए विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों में कार्य कर रहा है.

30 अप्रैल, 2026

हिंदू समाज में जाति, भाषा, प्रांत आदि के आधार पर भेदभाव समाप्त होना चाहिए. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण के कार्य में लगा है. इसके लिए 32 से अधिक संगठन समाज के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं. ये बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नरेंद्र ठाकुर ने गुरुवार को नारद जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित मीडिया संवाद कार्यक्रम में कहीं.

100 साल की जर्नी

उन्होंने कहा कि आरएसएस की 100 वर्ष की यात्रा सामान्य यात्रा नहीं है. हमारे कार्यकर्ताओं ने अनेक उतार-चढ़ाव देखे हैं. संघ विश्व में भारत माता की जय जयकार के लिए कार्य करता है. भारत को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र बनाना संघ का उद्देश्य है. प्रथम सरसंघचालक डॉ. हेडगेवार को याद करते हुए उन्होंने कहा कि संघ व्यक्ति निष्ठ नहीं, तत्व निष्ठ बनने में विश्वास करता है. इसीलिए हमने किसी व्यक्ति को नहीं बल्कि परम पवित्र भगवा ध्वज को गुरु माना. उन्होंने कहा कि संघ की 85000 से अधिक दैनिक शाखाएं और 32000 से अधिक साप्ताहिक मिलन चल रहे हैं. वनवासी क्षेत्रों से लेकर नगरों तक अनगिनत सामाजिक कार्य स्वयंसेवक चला रहे हैं.

यह भी पढ़ेंःRSS का संगठन विस्तार और सामाजिक समरसता पर जोर: जुटे 1400 प्रतिनिधि, शताब्दी वर्ष के लक्ष्यों पर भी मंथन

परिवर्तन का काम

नरेंद्र ठाकुर ने संघ के भविष्य की कार्य योजना पर चर्चा करते हुए कहा कि पंच परिवर्तन का कार्य समाज में चल रहा है. सामाजिक समरसता के माध्यम से हम हिंदू समाज के बीच हर प्रकार का भेदभाव मिटाना चाहते हैं. शताब्दी वर्ष में हिंदू सम्मेलनों में समाज के सभी वर्ग एक साथ आए और सहयोग किया. कुटुम्ब प्रबोधन के जरिए संघ चाहता है कि पारिवारिक व्यवस्था ठीक रहे तो समाज भी ठीक रहेगा. पर्यावरण संरक्षण भी समाज का प्रमुख कर्तव्य होना चाहिए. साथ ही स्व के आधार पर समाज का जीवन चलना चाहिए. भाषा, वेशभूषा में भी स्व का भाव होना चाहिए. इसी प्रकार सभी को नागरिक कर्तव्यों का बोध होना चाहिए. हर व्यक्ति देश, समाज के प्रति अपने कर्तव्य को समझे.

समाज में सद्भाव

यूजीसी दिशा निर्देशों को लेकर किए गए एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि यह मामला सर्वोच्च न्यायालय के विचाराधीन है. इसलिए संघ इस विषय पर अपना कोई मत व्यक्त नहीं करना चाहता, फिर भी हमारा मानना है कि समाज में सद्भाव बना रहना चाहिए. कार्यक्रम में अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य कृपा शंकर जी, पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र प्रचार प्रमुख सुभाष जी, सह क्षेत्र प्रचार प्रमुख एवं राष्ट्रधर्म के निदेशक मनोजकांत जी, प्रांत प्रचारक कौशल जी, प्रांत संघचालक सरदार स्वर्ण सिंह जी , विश्व संवाद केंद्र के प्रमुख डॉ. उमेश जी, विश्व संवाद केंद्र न्यास के उपाध्यक्ष अशोक सिन्हा, प्रांत के विशेष संपर्क प्रमुख प्रशांत भाटिया ,मीडिया संवाद एवं सम्पर्क प्रमुख बृजनन्दन राजू सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ पत्रकार एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे.

यह भी पढ़ेंः लेह से अंडमान तक संघ की दस्तक: तेजी से फैला RSS का नेटवर्क, अब ‘राज्य प्रचारक’ संभालेंगे जिम्मेदारी

Related Articles