6
Iran-Israel War: ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों तथा खाड़ी क्षेत्र में सैन्य प्रतिष्ठानों पर जवाबी कार्रवाई के बाद सोमवार को वैश्विक तेल बाजार में भारी उछाल रहा.
ईरान-इज़राइल युद्ध: ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों तथा खाड़ी क्षेत्र में सैन्य प्रतिष्ठानों पर जवाबी कार्रवाई के बाद सोमवार को वैश्विक तेल बाजार में भारी उछाल रहा. इन हमलों ने आपूर्ति को रोक दिया है, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण मार्गों से होने वाले निर्यात पर संकट गहरा गया है. व्यापारियों को आशंका है कि मध्य पूर्व से होने वाली तेल आपूर्ति पूरी तरह ठप हो सकती है. वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 8.6% की बढ़त के साथ $72.79 प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि शुक्रवार को यह $67 पर था. वहीं, अंतर्राष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 9% की उछाल के साथ $79.41 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले सात महीनों का उच्चतम स्तर है. ऊर्जा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि यह संघर्ष लंबा खिंचा तो कच्चे तेल और गैसोलीन की कीमतों में और अधिक वृद्धि हो सकती है, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट पैदा होने का खतरा है.
आठ देश बढ़ाएंगे कच्चे तेल का उत्पादन
रिस्टैड एनर्जी के अनुसार, प्रति दिन लगभग 15 मिलियन बैरल कच्चा तेल – दुनिया के तेल का लगभग 20% होर्मुज के जलडमरूमध्य के माध्यम से भेजा जाता है, जिससे यह दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल चोकपॉइंट बन जाता है. उत्तर में ईरान की सीमा से लगे इस जलडमरूमध्य से यात्रा करने वाले टैंकर सऊदी अरब, कुवैत, इराक, कतर, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात और ईरान से तेल और गैस ले जाते हैं. ईरान ने फरवरी के मध्य में एक सैन्य अभ्यास के लिए जलडमरूमध्य के कुछ हिस्सों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया था, जिसके बाद आने वाले दिनों में तेल की कीमत लगभग 6% अधिक हो गईं. तेल उत्पादक आठ देशों ने घोषणा की कि वे रविवार को कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाएंगे. मालूम हो कि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) अमेरिका में उत्पादित उच्च गुणवत्ता वाले कच्चे तेल (Crude Oil) का एक प्रमुख ग्रेड और वैश्विक बेंचमार्क है. यह हल्का (low density) और मीठा (low sulfur) तेल होता है जो इसे पेट्रोल और डीजल के लिए बेहतरीन बनाता है. यह मुख्य रूप से अमेरिकी तेल कीमतों के लिए मानक के रूप में उपयोग किया जाता है.
युद्ध के बीच रूस से तेल ले सकता है चीन
युद्ध शुरू होने से पहले आयोजित एक बैठक में पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन ने कहा कि वह अप्रैल में प्रति दिन 206,000 बैरल उत्पादन बढ़ाएगा, जो विश्लेषकों की अपेक्षा से अधिक था. उत्पादन बढ़ाने वाले देशों में सऊदी अरब, रूस, इराक, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, कजाकिस्तान, अल्जीरिया और ओमान शामिल हैं. रिस्टैड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और भू-राजनीतिक विश्लेषण के प्रमुख जॉर्ज लियोन ने एक ईमेल में कहा कि वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा होर्मुज के जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है, जो विश्व व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र है. ईरान एक दिन में लगभग 1.6 मिलियन बैरल तेल निर्यात करता है, ज्यादातर चीन को, जिसे ईरान से निर्यात बाधित होने पर आपूर्ति के लिए कहीं और देखने की आवश्यकता हो सकती है. हालांकि, विश्लेषकों का कहना है कि चीन के पास पर्याप्त रणनीतिक तेल भंडार है और वह रूस से आयात को भी बढ़ावा दे सकता है.
ये भी पढ़ेंः ‘पिछले 36 घंटों से…’ ऑपरेशन एपिक फ्यूरी को लेकर ट्रंप का बड़ा बयान; ईरान के लिए कही ये बात
