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Strait of Hormuz : स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बार फिर बंद किए जाने पर चीन की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है. चीनी राष्ट्रपति ने ईरान से आग्रह किया है कि वह इसको खोल दें, क्योंकि यह एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है.
होर्मुज जलडमरूमध्य: ईरान और अमेरिका के बीच चले चार हफ्तों तक चले युद्ध ने मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पहुंच गया था. इसी बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता में ईरान और अमेरिका दो हफ्ते तक सीजफायर करने के लिए तैयार हो गए. इसी बीच ईरान ने आरोप लगाते हुए कहा कि अमेरिका ने हमारे एक कार्गो जहाज को बंधक बना लिया है और वह लगातार घेराबंदी कर रहा है. इसके बाद ईरान ने एक बार फिर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद कर दिया. इसी बीच चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने सोमवार को कहा कि सामान्य आवागमन के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की अपील की. साथ ही बीजिंग ने इसको एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग बताया. वहीं, ईरान ने दावा किया है कि इस पर उसका अविभाज्य अधिकार है.
क्षेत्रीय के साथ अंतरराष्ट्रीय गलियारा
शी जिनपिंग ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर बातचीत में कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों का सामान्य आवागमन बना रहना चाहिए. साथ ही यह क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साझा हितों को भी पूरा करता है. ईरान द्वारा होर्मुज को बंद किए जाने के बाद चीनी राष्ट्रपति का यह पहला बयान सामने आया है. इस समुद्री गलियारे के बंद होने से दुनिया में, खासकर एशिया में ऊर्जा संकट मंडराने लगा है. मिडिल ईस्ट में लंबे समय तक तनाव जारी रहने पर चीन ने चिंता जाहिर की है. शी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चीन क्षेत्रीय देशों को अच्छे पड़ोसी, विकास, सुरक्षा और सहयोग का एक साझा घर बनाने में सहायता करता है. हम सिर्फ इतना आग्रह करेंगे कि खाड़ी देश भविष्य की चीजें अपने हाथों में लें और अपने स्तर पर इस समस्या को सुलझाने का काम करें.
ईरान ने किए खाड़ी देशों पर हमले
आपको बताते चलें कि अमेरिका और ईरान संघर्ष ने इस पूरी स्थिति को पूरी तरह बदलकर रख दिया है. ईरान ने सऊदी अरब और क्षेत्र के अन्य देशों पर हमले किए हैं. साथ ही अपने खिलाफ अमेरिका द्वारा छेड़े गए युद्ध का मुकाबला करने के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को भी बंद कर दिया है. इसके अलावा चीन के विदेश मंत्रालय ने इस बात पर चिंता व्यक्त की है कि अमेरिकी नौसेना ने एक मालवाहक जहाज पर गोलीबारी की है. यह जहाज चीन से चलकर ईरान के एक बंदरगाह की ओर जा रहा था और उसने अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को चुनौती दी थी.
ईरान ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिकी नौसेना ने इस जहाज को जब्त कर लिया. हमें अमेरिका द्वारा जहाज को जबरदस्ती रोकने पर चिंता है और हमें उम्मीद है कि संबंधित पक्ष जिम्मेदारी से संघर्ष-विराम समझौते का पालन करेंगे. साथ ही विवाद और तनाव को बढ़ाने से भी काफी बचेंगे.
समाचार स्रोत: पीटीआई
