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रूस-यूक्रेन युद्ध: रूस और यूक्रेन के बीच जंग के चार साल पूरे हो गए हैं. अभी तक दोनों के बीच में कोई समझौता नहीं हो पाया है. हालांकि, पिछले साल अमेरिकी की मध्यस्थता में दोनों देशों के प्रतिनिधित्व से बातचीत चल रही थी और उम्मीद की जा रही थी कि मामला सुलझ जाएगा. लेकिन उससे कोई समाधान नहीं निकल पाया और अभी तक दोबारा कोई कोशिश भी नहीं की गई. इसी बीच रूस ने यूक्रेन को चेतावनी दी है कि कीव पर हमले तेज किए जाएंगे. इसी कड़ी में मास्को ने यूक्रेन पर मंगलवार को 100 से ज़्यादा ड्रोन और दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं हैं.
राजनयिक छोड़ दें कीव : मास्को
रूस ने सोमवार को विदेशी नागरिकों और राजनयिकों से आग्रह किया कि वह जितना जल्दी हो सके राजधानी कीव को छोड़ दें. साथ ही वहां पर रहने वाले निवासी भी सैन्य और सरकारी संगठनों से दूर रहे. मास्को ने कहा कि कीव पर सुनियोजित हमले की तैयारी की जा रही है. विदेश मंत्रालय के एक बयान मुताबिक, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने सोमवार को फोन पर अमेरिकी फॉरेन मिनिस्ट्री मार्को रुबियो से कहा कि वह कीव से अपने राजनयिक कर्मचारियों को निकाल लें. हालांकि, रुबियो ने यह नहीं बताया कि विदेश विभाग इस कदम को उठाएगा या नहीं, लेकिन भारत की यात्रा के दौरान इस बात पर अपनी चिंता जाहिर की. उन्होंने कहा कि यूक्रेन में चल रहा है युद्ध आने वाले वक्त में भयानक हो सकता है.
अमेरिका की कोशिश के बाद नहीं रुका युद्ध
बता दें कि रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग को रोकने के लिए अमेरिका ने एक साल तक काफी कोशिश की थी. हालांकि, कोई सफलता हासिल नहीं हुई और तीसरे देश की तरफ से शुरू हुईं कोशिशें ठंडे बस्ते में चल गईं. दूसरी तरफ यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को एक बयान में कहा कि रूस की ओर से कीव और यूक्रेन के अन्य शहरों के लिए खतरा पहले जैसा ही बना हुआ है. मंत्रालय ने बताया कि रूस चार साल से भी ज्यादा समय से राजधानी पर लगातार मिसाइल और ड्रोन से हमले कर रहा है.
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यूक्रेन ने किया छात्रवास पर हमला
रूस ने कहा कि पिछले हफ्ते उसका इस साल का सबसे बड़ा मिसाइल हमला शुक्रवार को यूक्रेन के घातक ड्रोन हमले का जवाब था. मास्को के अनुसार, यह हमला यूक्रेन द्वारा रूस के कब्जे वाले इलाके लुहांस्क क्षेत्र के स्टारोबिलस्क शहर में एक छात्रावास पर बमबारी करने के बाद किया गया था. दूसरी तरफ यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने बताया कि अमेरिका में बने आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम यूक्रेन को रूसी बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए चाहिए, उनकी कमी ईरान युद्ध की वजह से हुई है. जेलेंस्की ने सोमवार को देर रात सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिका के साथ एंटी-बैलिस्टिक क्षमताओं के उत्पादन को बढ़ाने के मामले में लंबे समय से कोई प्रगति नहीं हुई है.
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