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वैश्विक मंच पर भारत की नई पहचान

by Live India
वैश्विक मंच पर भारत की नई पहचान

डिजिटल इंडिया: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि डिजिटल इंडिया ने भारत को दुनिया भर में नई पहचान दी है. मोदी ने सरकार की ‘डिजिटल इंडिया’ पहल की तारीफ़ की और कहा कि इसने गवर्नेंस को नए सिरे से परिभाषित किया है, नागरिकों को सशक्त बनाया है और सर्वांगीण विकास को गति दी है. उन्होंने कहा कि ‘डिजिटल इंडिया’ के 11 वर्षों ने दुनिया भर में भारत को एक नई पहचान दिलाई है. मोदी ने ‘X’ पर एक पोस्ट में कहा कि आज ‘डिजिटल इंडिया’ पहल की शुरुआत के 11 साल पूरे हो रहे हैं. इस पहल ने गवर्नेंस को नए सिरे से परिभाषित किया है, नागरिकों को सशक्त बनाया है और सर्वांगीण विकास को गति दी है.

कामकाज हुआ अधिक पारदर्शी, कुशल और सुलभ

प्रधानमंत्री ने कहा कि आसान डिजिटल पेमेंट और लाभार्थियों तक पारदर्शिता के साथ सीधे लाभ हस्तांतरण (DBT) से लेकर बढ़ते डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर तक, टेक्नोलॉजी ‘ईज़ ऑफ़ लिविंग’ (जीवन को आसान बनाने) को आगे बढ़ाने का एक शक्तिशाली साधन बन गई है. मोदी ने कहा कि देश के हर कोने से युवा उद्यमी, स्टार्टअप और इनोवेटर दुनिया के सामने मौजूद अहम चुनौतियों के समाधान तैयार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस पहल ने शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कृषि, व्यापार और सार्वजनिक सेवा वितरण को मजबूत किया है, जिससे कामकाज अधिक पारदर्शी, कुशल और सुलभ हुआ है.

AI, सेमीकंडक्टर में भारत की तेज प्रगति

मोदी ने कहा कि डिजिटल दुनिया में सरकार की कोशिशों से यह सुनिश्चित हुआ है कि भारत AI, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी उभरती हुई तकनीकों में तेजी से प्रगति कर रहा है. उन्होंने कहा कि इससे विकास और अवसरों के नए रास्ते भी खुलेंगे. हमारा ध्यान ऐसे भविष्य के निर्माण पर रहेगा जहां तकनीक मानवता की सेवा करे, हर नागरिक को सशक्त बनाए और सतत विकास को बढ़ावा दे. मोदी ने कहा कि डिजिटल इंडिया एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत की मज़बूत नींव है और पिछले 11 सालों में इसने गरीबों और वंचितों को सशक्त बनाने के साथ-साथ नागरिकों का जीवन आसान बनाने में अहम भूमिका निभाई है.

परेशानियों से मिली मुक्ति

उन्होंने कहा कि ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के विस्तार से लेकर डिजिटल ट्रांज़ैक्शन तक, इस अभियान की अभूतपूर्व सफलता ने पूरी दुनिया का ध्यान भारत की ओर खींचा है. उन्होंने आगे कहा कि जब एक अरब से ज़्यादा लोग टेक्नोलॉजी को अपनाते हैं, तो इसका असर क्रांतिकारी होता है. अधिकारियों ने बताया कि 2015 से पहले, सरकारी सेवाओं का मतलब अक्सर लंबी लाइनें, कागज़ी कार्रवाई और सीमित कनेक्टिविटी होता था, लेकिन डिजिटल इंडिया ने इंटरनेट की पहुंच बढ़ाकर और सेवाओं को ऑनलाइन लाकर डिजिटल अंतर को कम करने में मदद की.

इस प्रोग्राम ने बड़े पैमाने पर लोगों तक किफायती इंटरनेट और डिजिटल सुविधाएं पहुंचाकर डिजिटल टेक्नोलॉजी के लोकतंत्रीकरण को भी बढ़ावा दिया. पिछले एक दशक में ‘डिजिटल इंडिया’ भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की नींव बन गया है. भारत अब ग्लोबल रियल टाइम डिजिटल पेमेंट के मामले में सबसे आगे है. UPI दुनिया भर में होने वाले कुल ट्रांज़ैक्शन का लगभग 49 प्रतिशत हिस्सा संभालता है.

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समाचार स्रोत: पीटीआई

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