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झुकने को तैयार नहीं Trump

by Live India
झुकने को तैयार नहीं Trump

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Trump Threatens Countries: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेवर बदले नहीं हैं. उन्होंने क्लियर कर दिया है कि वो झुकने वालों में से नहीं हैं.

24 फरवरी, 2026

वाशिंगटन से एक ऐसी खबर आई है जिसने ग्लोबल मार्केट में खलबली मचा दी है. दरअसल, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वो झुकने वालों में से नहीं हैं. सोमवार को उन्होंने दुनिया भर के देशों को दो टूक चेतावनी दी कि, भले ही अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने उनके मनमाने टैरिफ पर रोक लगा दी हो, लेकिन जो देश पुराने वादों से मुकरेंगे, उन्हें अब और भी भारी कीमत चुकानी होगी.

पुराना हिसाब और नया दांव

डोनाल्ड ट्रंप ने न सिरफ पुराने टैरिफ को लागू रखने की जिद पकड़ी है, बल्कि उन्होंने ‘ग्लोबल टैरिफ’ की दर को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर सीधा 15 प्रतिशत करने का भी ऐलान कर दिया है. ट्रंप का कहना है कि ये उन देशों के लिए सबक होगा जो अमेरिका के साथ खेल खेलना चाहते हैं. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि जो देश दशकों से अमेरिका को लूट रहे हैं, अगर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आड़ लेकर चालाकी की, तो उन पर पहले से ज्यादा टैक्स थोपा जाएगा.

ट्रंप की जिद

आपको बता दें कि बीते शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के उस फैसले को रद्द कर दिया था, जिसमें उन्होंने ‘इमरजेंसी पावर्स’ का इस्तेमाल करके लगभग हर देश से आने वाले सामान पर टैक्स लगा दिया था. लेकिन ट्रंप के इरादे कुछ और ही हैं. मंगलवार को होने वाले ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ भाषण से ठीक पहले उन्होंने हिंट दिया है कि वो कांग्रेस को दरकिनार करके एक कार्यकारी आदेश के जरिए इस 10-15 प्रतिशत के टैक्स को लागू कर सकते हैं.

गिरती रेटिंग

भले ही ट्रंप तेवर दिखा रहे हों, लेकिन घर के अंदर यानी अमेरिका में उनकी पॉपुलैरिटी के ग्राफ में गिरावट देखी जा रही है. एक हालिया सर्वे के मुताबिक, सिर्फ 39 प्रतिशत अमेरिकी उनके आर्थिक फैसलों से खुश हैं और 38 प्रतिशत लोग ही उनके इमिग्रेशन संबंधी कदमों का समर्थन कर रहे हैं. आम जनता आज भी महंगी ग्रॉसरी, घर के किराए और बिजली के बिलों से परेशान है. ऊपर से टैरिफ के इस उतार-चढ़ाव ने बाजार में खलबली मचा रखी है. इसके अलावा, प्रदर्शनकारियों और संघीय एजेंटों के बीच हुई हिंसक झड़पों ने भी डोनाल्ड ट्रंप की इमेज को नुकसान पहुंचाया है.

विपक्ष का हमला

दूसरी तरफ, डेमोक्रेटिक पार्टी ने ट्रंप को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है. सीनेटर रॉन वेडन, एड मार्की और जीन शाहीन ने एक नया बिल पेश किया है, जिसमें मांग की गई है कि सरकार जनता से अवैध रूप से वसूले गए लगभग 175 बिलियन डॉलर यानी करीब 14 लाख करोड़ रुपये ब्याज समेत वापस करे. विपक्षी नेताओं का कहना है कि ट्रंप ने गैरकानूनी तरीके से टैक्स वसूला और अब वो इसे जनता को लौटाने से इनकार कर रहे हैं. हालांकि, इस बिल के कानून बनने की उम्मीद कम है, लेकिन चुनाव से पहले ये ट्रंप के लिए बड़ी सिरदर्दी बन सकता है. खैर, ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद रिफंड की प्रक्रिया काफी उलझी हुई है. लेकिन ट्रंप की 15 प्रतिशत की नई धमकी ने साफ कर दिया है कि वो हथियार डालने के मूड में बिल्कुल नहीं हैं.

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