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असम में कमांडो कैंप पर उग्रवादी हमला

by Live India
चुनाव से पहले दहला असम: कमांडो कैंप पर उग्रवादी हमला, 4 जवान घायल, पिछले साल के ड्रोन हमलों का लिया बदला

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Militant Attack: असम में चुनाव से पहले कमांडो कैंप पर उग्रवादियों ने हमला कर हिमंत बिस्वा सरमा सरकार को चुनौती दी है.

22 मार्च 2026

उग्रवादी हमला: असम में चुनाव से पहले कमांडो कैंप पर उग्रवादियों ने हमला कर हिमंत बिस्वा सरमा सरकार को चुनौती दी है. हमले के बाद उग्रवादियों के खिलाफ राज्यव्यापी सर्च ऑपरेशन शुरू हो गया है. उल्फा (आई) ने तिनसुकिया हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि उसने पिछले साल के ड्रोन हमलों का बदला लिया है. असम के तिनसुकिया जिले में रविवार तड़के असम पुलिस कमांडो शिविर पर उल्फा (आई) उग्रवादियों ने भीषण हमला कर दिया. हमले में चार सुरक्षाकर्मी घायल हो गए. जब सुरक्षाकर्मियों ने जवाबी गोलीबारी शुरू की तो उग्रवादी भाग गए. पुलिस ने उग्रवादियों को पकड़ने के लिए पूरे राज्य में अभियान चला रखा है.

राज्यव्यापी सर्च ऑपरेशन शुरू

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि उग्रवादियों को पकड़ने के लिए जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी गई है. उल्फा (आई) ने जगुन इलाके में हुए हमले की जिम्मेदारी ली है. उल्फा ने कहा कि पुलिस ने उसके संगठन को प्रतिबंधित करने के साथ-साथ पिछले साल उसके शिविरों पर सेना ने ड्रोन से हमला किया था. संगठन ने कहा कि इसी हमले का जवाब दिया गया है.यह हमला राज्य में 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले हुआ है. पुलिस अधिकारी ने कहा कि हमला देर रात करीब 2.30 बजे किया गया. आतंकवादियों ने शिविर पर कई रॉकेट चालित ग्रेनेड (आरपीजी) गोले दागे, जिनमें से पांच गोले फट गए. शिविर में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की, जिससे थोड़ी देर के लिए गोलीबारी हुई.

हमले के बाद भागे उग्रवादी

अधिकारी ने कहा कि हमले में सात उग्रवादी शामिल थे, जो अंधेरे का लाभ लेकर अरुणाचल प्रदेश के साथ अंतरराज्यीय सीमा पार करके भाग गए. हमले की पुष्टि करते हुए सीएम सरमा ने कहा कि एक घटना हुई है. यह बेहद निंदनीय है. असम पुलिस और सेना द्वारा जवाबी कार्रवाई शुरू की गई है. हमें विश्वास है कि उग्रवादियों को पकड़ लिया जाएगा. 2021 में सत्ता में आने के बाद हिमंत बिस्वा सरमा सरकार के शांति प्रयासों की दिशा में संगठन के नेताओं, कैडरों और समर्थकों को सुरक्षा एजेंसियों ने निशाना बनाया और उनमें से कई मारे गए. उल्फा (आई) ने पिछले साल जुलाई में भारत-म्यांमार सीमा पर अपने मोबाइल शिविरों पर ड्रोन और मिसाइल हमले करने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों को भी दोषी ठहराया. उल्फा (आई) ने राज्य पुलिस बल को जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है.

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