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Bird Flu: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में 4,400 मुर्गियों की अचानक मौत हो गई. प्रशासन की जांच में बर्ड फ्लू का प्रकोप सामने आया है.
बर्ड फलू: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में 4,400 मुर्गियों की अचानक मौत हो गई. प्रशासन की जांच में बर्ड फ्लू का प्रकोप सामने आया है. जिला कलेक्ट्रेट में एक बर्ड फ्लू नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जो चौबीसों घंटे काम करेगा. अधिकारियों ने लोगों से अंडे खाने में सावधानी बरतने की अपील की है. जिले भर में अलर्ट जारी कर दिया गया है. मुर्गीपालकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा) के प्रकोप के कारण प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं. अधिकारियों ने बताया कि कोनी क्षेत्र के एक सरकारी पोल्ट्री फार्म में संक्रमण फैलने के बाद 22,808 पक्षियों को मार दिया गया है. संक्रमण को रोकने के लिए 25,896 अंडे और लगभग 79 क्विंटल चारा भी नष्ट किया गया.
पशुपालन विभाग हुआ सतर्क
गौरतलब है कि 19 से 24 मार्च के बीच इसी फार्म में 4,400 मुर्गियों की अचानक मौत हो गई थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई. प्रशासन फिलहाल क्षेत्र में स्थिति की निगरानी कर रहा है. मुख्य रूप से पक्षियों में होने वाला एक अत्यधिक संक्रामक वायरल संक्रमण है, जो इन्फ्लूएंजा टाइप A वायरस के कारण फैलता है. यह बीमारी जंगली जलपक्षियों से मुर्गियों और अन्य घरेलू पक्षियों में फैलती है, जिससे उनमें बहुत अधिक मृत्यु दर हो सकती है. दुर्लभ मामलों में यह वायरस मनुष्यों को भी संक्रमित कर सकता है. एक अधिकारी ने कहा कि बर्ड फ्लू की पुष्टि के तुरंत बाद पशुपालन विभाग ने त्वरित कार्रवाई शुरू की. संयुक्त निदेशक, पशु चिकित्सा सेवाओं की देखरेख में एक त्वरित प्रतिक्रिया टीम का गठन किया गया है.
संक्रमित क्षेत्र में आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित
उन्होंने कहा कि ऐहतियात के तौर पर बुधवार शाम तक संक्रमित क्षेत्र के भीतर 22,808 पोल्ट्री पक्षी, 25,896 अंडे और लगभग 79 क्विंटल पोल्ट्री चारा नष्ट कर दिया गया और क्षेत्र में उनकी आवाजाही पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दी गई है. बिलासपुर पशु चिकित्सा विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. जीएसएस तंवर ने कहा कि जिले भर में अलर्ट जारी कर दिया गया है. मुर्गीपालकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. पोल्ट्री फार्मों की निगरानी बढ़ा दी गई है और प्रभावित क्षेत्रों में आवाजाही को सख्ती से नियंत्रित किया जा रहा है. अधिकारी ने कहा कि समय पर हस्तक्षेप से बीमारी के प्रसार को रोकने में मदद मिलने की उम्मीद है. उन्होंने लोगों से घबराने की नहीं, बल्कि सतर्क और जागरूक रहने की अपील की है.
कलेक्ट्रेट में खुला कंट्रोल रूम
लोगों से मृत पक्षियों के किसी भी संदिग्ध मामले या घटना की सूचना नियंत्रण कक्ष की हेल्पलाइन पर देने को कहा गया है. अधिकारियों ने बताया कि जिला कलेक्ट्रेट में एक बर्ड फ्लू नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जो चौबीसों घंटे काम करेगा. अधिकारियों ने कोनी क्षेत्र में बर्ड फ्लू प्रभावित फार्म के आसपास एक किलोमीटर के दायरे को “संक्रमित क्षेत्र” और 10 किलोमीटर के दायरे को “निगरानी क्षेत्र” घोषित किया है. पोल्ट्री फार्म श्रमिकों के स्वास्थ्य की निगरानी भी की जा रही है. अधिकारियों ने कहा कि लक्षण दिखने वाले व्यक्तियों का परीक्षण किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर एंटीवायरल दवा दी जाएगी. अधिकारियों ने जिले भर में पोल्ट्री बिक्री केंद्रों की निरंतर निगरानी का भी निर्देश दिया है. जिला मजिस्ट्रेट ने जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने और अधिकारियों के साथ सहयोग करने की अपील की है. अधिकारियों ने बताया कि अब तक मनुष्यों में संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है.
समाचार स्रोत: पीटीआई
