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Pistachio: मिठाई और ठंडाई में पिस्ता ना हो तो मज़ा अधूरा रह जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं आपका फेवरेट पिस्ता दुनिया के किस कौने से होकर आपके घर तक पहुंचता है?
06 मई, 2026
चाहे शाही टुकड़ा हो, मलाई कुल्फी या फिर शाम की चाय के साथ रोस्टेड स्नैक्स, पिस्ता के बिना सबका स्वाद अधूरा सा लगता है. अपनी खास खुशबू, रंग और बेमिसाल फायदों की वजह से ये दुनिया भर में करोड़ों लोगों का फेवरेट ड्राई फ्रूट है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस पिस्ते को आप इतने मजे से खाते हैं, उसे उगाने में कौन सा देश नंबर वन है? अगर आप सोच रहे हैं कि ये ईरान या तुर्की है, तो शायद आप थोड़े पीछे रह गए हैं.

पिस्ता किंग
सालों तक ईरान को पिस्ता उत्पादन का गढ़ माना जाता था, लेकिन ताज़ा आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं. स्टेटिस्टा की रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा पिस्ता उगाने वाली कंट्री बन चुकी है. दिलचस्प बात ये है कि साल 2021-2022 के बीच दुनिया के कुल पिस्ता प्रोडक्शन का लगभग दो तिहाई हिस्सा अकेले अमेरिका से आया. अमेरिका के इस दबदबे के पीछे कैलिफोर्निया का सबसे बड़ा हाथ है. अमेरिका में होने वाली कुल पैदावार का एक बड़ा हिस्सा कैलिफोर्निया के बागानों से आता है. हालांकि, ईरान और तुर्की अभी भी इस रेस में मजबूती से बने हुए हैं. दुनिया का 90 प्रतिशत पिस्ता सिर्फ इन्हीं तीन देशों यानी, अमेरिका, ईरान और तुर्की से आता है. बाकी बचे 10 प्रतिशत में सीरिया, अफगानिस्तान और स्पेन जैसे देश शामिल हैं.
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कैलिफोर्निया की खासियत
पिछले 20 सालों में कैलिफोर्निया में पिस्ते की खेती का इलाका 5 गुना बढ़ गया है. इसके पीछे 3 बड़ी वजह हैं. पहली वहां का मौसम है. कैलिफोर्निया की सैन जोक्विन वैली में पिस्ते के पेड़ों के लिए बिल्कुल परफेक्ट मौसम मिलता है. यहां गर्मियों में खूब गर्मी और सूखा रहता है, जबकि सर्दियां काफी ठंडी होती हैं, जो पिस्ते की बेहतरीन पैदावार के लिए जरूरी हैं. इसके अलावा साल 2024 के आंकड़ों के मुताबिक, कैलिफोर्निया में पिस्ते की खेती के लिए इस्तेमाल होने वाली जमीन में 22 प्रतिशत की और बढ़त देखी गई है. तीसरा कारण है हाई टेक खेती. अमेरिका में पिस्ते के बागान पूरी तरह हाई-टेक हैं. वहां कटाई से लेकर प्रोसेसिंग तक का काम बड़ी मशीनों से होता है, जिससे टाइम कम लगता है और उत्पादन कई गुना बढ़ जाता है.

पिस्ता और भारत का कनेक्शन
भारत में पिस्ते का उत्पादन बहुत कम होता है. इसकी वजह ये है कि भारत का क्लाइमेट इसके लिए उतना अच्छा नहीं है. मगर, जब बात पिस्ता खाने और इसे इम्पोर्ट करने की बात आती है, तो भारत दुनिया के टॉप देशों में शामिल है. भारतीय रसोइयों में पिस्ता एक जरूरी हिस्सा है. हमारी कुल्फी, बर्फी, खीर और हलवे बिना पिस्ते की गार्निशिंग के अधूरे लगते हैं. भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर पिस्ता अमेरिका और ईरान से ही मंगवाता है.

सेहत और स्वाद
पूरी दुनिया में पिस्ते की मांग बढ़ने की एक बड़ी वजह इसकी हेल्थ वैल्यू भी है. इसमें प्रोटीन की मात्रा काफी ज्यादा होती है और ये फाइबर के साथ-साथ हेल्दी फैट्स का बेहतरीन सोर्स है. जहां अमेरिका छिलके वाले पिस्ते का सबसे बड़ा एक्सपोर्टर है, वहीं ईरान पिस्ता कर्नेल के प्रोडक्शन में आगे है. तुर्की भी अब एक उभरते हुए सप्लायर के तौर पर अपनी पहचान बना रहा है. यानी अगली बार जब आप पिस्ता खाएं, तो याद रखिएगा कि वो शायद कैलिफोर्निया की सुनहरी धूप से होकर आप तक पहुंचा है.
