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झारखंड में जनगणना का पहला चरण शुरू

by Live India
झारखंड में जनगणना 2027 का पहला चरण शुरू

Census 2027: झारखंड में जनगणना का पहला चरण शनिवार से शुरू हो गया. इसके तहत सरकारी कर्मचारी घर-घर जाएंगे और लोगों का डेटा इकट्ठा करेंगे. इसके बाद सरकार यह तय करेगी कि किसे सरकारी सुविधा मिलनी चाहिए या नहीं. एक अधिकारी ने कहा कि जनगणना के पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण और घरेलू डेटा संग्रह किया जाएगा.

जनगणना 2027: झारखंड में जनगणना का पहला चरण शनिवार से शुरू हो गया. इसके तहत सरकारी कर्मचारी घर-घर जाएंगे और लोगों का डेटा इकट्ठा करेंगे. इसके बाद सरकार यह तय करेगी कि किसे सरकारी सुविधा मिलनी चाहिए या नहीं. एक अधिकारी ने कहा कि जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण और घरेलू डेटा संग्रह किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह अभ्यास 14 जून तक चलेगा. इस दौरान प्रशिक्षित गणनाकार घर-घर का दौरा करेंगे. झारखंड के जनगणना संचालन निदेशालय (डीसीओ) ने कहा है कि राज्य में 2027 की जनगणना 24 जिलों, 51 शहरी स्थानीय निकायों और 264 ब्लॉकों में की जा रही है, जिसमें कुल 32,459 गांव शामिल हैं. निदेशालय ने कहा कि राज्य में 1,276 फील्ड प्रशिक्षकों, 61,042 गणनाकारों और 10,386 पर्यवेक्षकों सहित लगभग 76,000 सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को तैनात किया गया है.

14 जून तक चलेगा अभ्यास

झारखंड के जनगणना संचालन निदेशालय के निदेशक प्रभात कुमार ने पीटीआई-भाषा को बताया कि पहले दो-तीन दिनों के लिए गणनाकार और पर्यवेक्षक अपने निर्दिष्ट क्षेत्रों और घरों का एक लेआउट नक्शा तैयार करेंगे. इसके बाद वे क्षेत्र की गणना का काम शुरू करेंगे. गणना अभ्यास के पहले चरण में घरों की स्थिति, परिवार के विवरण, परिवार के लिए उपलब्ध सुविधाएं और उनके स्वामित्व वाली संपत्ति से संबंधित 33 प्रश्न शामिल होंगे. क्षेत्र में दौरे से पहले एक स्व-गणना अभ्यास, जिससे लोगों को अपने घरेलू विवरण डिजिटल रूप से देने की अनुमति मिली, 1 मई से 15 मई के बीच किया गया. निदेशक प्रभात कुमार ने बताया कि 15 मई तक राज्य में 1,88,743 परिवारों ने स्व-गणना पूरी कर ली है. 24 जिलों में शीर्ष तीन स्थानों पर 50,569 परिवारों के साथ रांची, 20,384 परिवारों के साथ पूर्वी सिंहभूम और 11,914 परिवारों के साथ हजारीबाग है. उन्होंने कहा कि यह अभ्यास 14 जून तक चलेगा.

दूसरा चरण अगले साल 9 फरवरी से 28 फरवरी तक

निदेशक प्रभात कुमार ने बताया कि घर के फर्श, दीवारों और छत में उपयोग की जाने वाली सामग्री, स्वामित्व की स्थिति, कमरों की संख्या, विवाहित जोड़ों की संख्या, पानी और ऊर्जा स्रोत, शौचालय तक पहुंच, खाना पकाने के लिए उपयोग किया जाने वाला ईंधन और रेडियो, टेलीविजन, इंटरनेट सुविधा, मोबाइल फोन, दोपहिया वाहन और परिवार द्वारा उपयोग की जाने वाली कार जैसी संपत्ति की बुनियादी जानकारी अभ्यास के दौरान एकत्र की जाएगी. निदेशक प्रभात कुमार ने बताया कि जनगणना का दूसरा चरण अगले साल 9 फरवरी से 28 फरवरी तक किया जाएगा. एक अन्य अधिकारी ने कहा कि जनसंख्या गणना प्रत्येक परिवार के सदस्य के विभिन्न जनसांख्यिकीय, सामाजिक-सांस्कृतिक और आर्थिक मानकों पर आंकड़े प्रदान करेगी.

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