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बीजेपी विधायक: मध्य प्रदेश में सत्ताधारी दल भाजपा के भीतर का अंतर्विरोध एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है. गुना से भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने अपनी ही सरकार के दो कद्दावर मंत्रियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. शहर की चरमराई बिजली व्यवस्था से नाराज विधायक शाक्य जब स्थानीय बिजली कंपनी के दफ्तर पहुंचे तो उनका गुस्सा सातवें आसमान पर था. वहां उन्होंने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक माने जाने वाले ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और जिले के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की कार्यशैली पर तीखे सवाल उठाए और उन्हें जमकर आड़े हाथों लिया.
काम न करने वाले दे दें इस्तीफा
विधायक पन्नालाल शाक्य ने सूबे के ऊर्जा मंत्री तोमर पर हमला बोलते हुए कहा कि वे सिर्फ दिखावे की राजनीति करते हैं. तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि वो ऊर्जा मंत्री तो भगवान का बंदा है. मंत्री कभी बिजली के पोल पर चढ़ जाते हैं तो कभी नाली में उतर जाते हैं, लेकिन जनता को ऐसा दिखावा नहीं, बल्कि काम करने वाला जनसेवक चाहिए. शाक्य ने साफ कहा कि इस तरह के ड्रामे से क्षेत्र की बदनामी हो रही है. वे जल्द ही भोपाल जाकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे और ऐसे नाकारा मंत्रियों को पद से हटाने का अनुरोध करेंगे, जो काम करने के बजाय सिर्फ सरकार की छवि खराब कर रहे हैं. उन्होंने नसीहत दी कि जो लोग अपना काम ठीक से नहीं संभाल पा रहे हैं, उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए.
प्रभारी मंत्री खुद को समझते हैं ‘महाराजा’ से भी बड़ा
सिंधिया गुट के दूसरे बड़े नेता और जिले के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर भी विधायक का गुस्सा जमकर फूटा. शाक्य ने एक हालिया घटना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि हवाई पट्टी पर प्रभारी मंत्री ने प्रोटोकॉल और शालीनता को ताक पर रखकर उन्हें ‘चलो हटो’ कहते हुए धक्के देकर किनारे कर दिया था. शाक्य ने कड़े लहजे में कहा कि प्रभारी मंत्री खुद को ज्योतिरादित्य सिंधिया से भी बड़ा ‘महाराजा’ समझने लगे हैं. उन्होंने मंत्रियों को अपनी ताकत का अहसास कराते हुए कहा मैं किसी की मेहरबानी या खैरात से चुनाव नहीं जीता हूं, बल्कि जनता ने मुझे भारी मतों से चुनकर विधानसभा भेजा है.
अधिकारियों को अल्टीमेटम
दरअसल गुना में अघोषित बिजली कटौती और स्थानीय समस्याओं से जनता त्रस्त है. इसी को लेकर विधायक पन्नालाल शाक्य स्थानीय लोगों के साथ बिजली दफ्तर का घेराव करने पहुंचे थे. मंत्रियों पर भड़ास निकालने के साथ ही उन्होंने अधिकारियों को भी सख्त लहजे में चेतावनी दी. शाक्य ने अफसरों को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि बिजली व्यवस्था की कमियों के कारण वे अपनी ही सरकार की बदनामी बर्दाश्त नहीं करेंगे. अधिकारियों को तुरंत व्यवस्था में सुधार करना होगा और पूरी ईमानदारी व जिम्मेदारी के साथ जनता की समस्याओं का समाधान करना होगा. विधायक के इस तीखे तेवर के बाद अब प्रदेश के सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है.
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