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ईरान पर इजराइल का हमला: पश्चिम एशिया का संकट और भी बड़ा और लंबे समय के लिए हो सकता है. इसकी वजह यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच शांति समझौते की वार्ता के दौरान अब ईरान और इजरायल में जंग शुरू हो गई है. जी हां, रविवार देर रात ईरान ने इजरायल पर बड़ा मिसाइल हमला किया. इन दोनों देशों के बीच अप्रैल 2026 में हुए सीजफायर के बाद यह ईरान के द्वारा इजरायल पर पहला हमला है.
ईरान द्वारा इजरायल पर हमले के बाद ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को हमले का जवाब नहीं देने का आग्रह किया था और कहा था कि “हम समझौते के बेहद करीब हैं।” लेकिन इस बीच नेतन्याहू ने ट्रंप को ठेंगा दिखा (साफ तौर पर मना कर देना) दिया है. ईरान के हमले के बाद इजरायल ने उसके खिलाफ जवाबी कार्रवाई की है.
इजरायल ने पश्चिमी और मध्य ईरान में किया हमला
रविवार देर रात ईरान ने इजरायल पर मिसाइलें दागीं. इस हमले से भीषण लड़ाई की वापसी की संभावना बढ़ गई है और युद्ध को समाप्त करने के मध्यस्थता प्रयासों में मुश्किल आ गई है. ईरान के सरकारी टीवी चैनल ने हमलों की पुष्टि की और संभावित जवाबी कार्रवाई के लिए ईरान ने अपना पश्चिमी हवाई क्षेत्र बंद कर दिया. ईरान के हमले के बाद अब इजरायल ने उसपर जवाबी कार्रवाई करते हुए हमला किया है. यह हमला आज सोमवार सुबह में किया गया है.
इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) की आधिकारिक एक्स हैंडल के अनुसार, “इजरायली वायु सेना ने कुछ देर पहले पश्चिमी और मध्य ईरान में ईरानी आतंकी शासन के सैन्य ठिकानों पर हमला किया.” वहीं, इजरायली एयर फोर्स ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, “IDF ने पता लगाया है कि यमन की ओर से इजरायली क्षेत्र की तरफ एक मिसाइल दागी गई है; इस खतरे को रोकने के लिए डिफेंस सिस्टम काम कर रहे हैं. आम लोगों को होम फ्रंट कमांड के निर्देशों के अनुसार काम करना चाहिए.”
ईरान-हिजबुल्लाह और इजरायल का संग्राम
बता दें रविवार को इजरायल ने वाशिंगटन के कुछ दिन पहले के अनुरोध को नजरअंदाज किया और लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर हमला कर दिया. इसे बिना किसी चेतावनी के हमला बताया गया. हालांकि, इजरायल ने कहा था कि ईरान समर्थित हिजबुल्लाह ने दिन में पहले उत्तरी इजरायल पर गोलीबारी की थी. उसके जवाब में इजरायल ने हमला किया. हिजबुल्लाह पर हमले के बाद ईरान ने इजरायल पर हमला कर दिया.
ईरान के हमले के बाद इजरायल के कई इलाकों में सायरन बजने लगे, जिससे लाखों लोग सेल्टर होम की ओर भागने लगे. इजरायल की सेना ने मिसाइलों को रोकने का दावा किया और उत्तर में कई विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं. एक घंटे से भी कम समय बाद, सेना ने कहा कि लोग मिसाइल हमलों से बचाव के लिए मजबूत किए गए क्षेत्रों को छोड़ सकते हैं.
वहीं, अब इजरायल ने ईरान पर हमला कर दिया है. ईरानी हमलों पर इजरायल के सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रिन ने कहा था, “ईरान ने एक गंभीर गलती की है.” सेना के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर ने कहा कि आदेश मिलते ही दुश्मन पर पूरी दृढ़ता से हमला किया जाएगा.
उधर ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने एक बयान में कहा, “यदि आक्रामकता की ये घटनाएं दोहराई जाती हैं, तो प्रतिक्रिया तेज व बड़ी होगी और इसमें पूरे क्षेत्र में सभी अमेरिकी और जायोनी लक्ष्य शामिल होंगे.”
ईरान के हमले के बाद ट्रंप ने नेतन्याहू से क्या कहा था?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से ईरान द्वारा किए गए मिसाइल हमलों का जवाब न देने का आग्रह किया था, क्योंकि इससे तीन महीने से चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए शांति समझौते हेतु जारी वार्ता खतरे में पड़ जाएगी.
अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सियोस ने बताया कि रविवार को ईरान द्वारा इजरायल पर मिसाइलें दागने के बाद, ट्रंप ने नेतन्याहू से बात की ताकि दोनों देशों के बीच नए सिरे से तनाव पैदा होने से शांति समझौते को पटरी से उतरने से रोका जा सके. ट्रंप ने ईरान से बातचीत की मेज पर लौटने का भी आग्रह किया.
ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को बताया, “हम समझौते के बेहद करीब हैं. मेरा मानना है कि इस सप्ताह सोमवार, मंगलवार या बुधवार को समझौते पर हस्ताक्षर हो जाएंगे.” ईरान द्वारा इजरायल पर किए गए हमलों का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा, “आपने अपनी मिसाइलें दाग दी हैं, बस इतना ही काफी है. बातचीत की मेज पर वापस आइए और समझौता कीजिए.”
समाचार स्रोत: पीटीआई
