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- शालिनी झा की रिपोर्ट
भारत गठबंधन पोस्टर युद्ध: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज विपक्षी I.N.D.I गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होने जा रही है. इस बैठक में गठबंधन से जुड़े कई प्रमुख राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे और आगामी राजनीतिक रणनीति पर चर्चा करेंगे. हालांकि बैठक शुरू होने से पहले ही राजधानी में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है. दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में ऐसे पोस्टर और होर्डिंग्स लगाए गए हैं, जिनमें गठबंधन के सहयोगी दलों द्वारा अतीत में कांग्रेस और राहुल गांधी को लेकर दिए गए आलोचनात्मक बयानों को प्रमुखता से दिखाया गया है.
पोस्टरों के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि गठबंधन के भीतर विचारों और नेतृत्व को लेकर एकरूपता नहीं है. एक प्रमुख पोस्टर में लिखा गया है, “INDI अलायन्स वाले जो आपस में लड़ रहे हैं, वो साथ क्या लड़ेंगे.” इसके साथ ही विभिन्न नेताओं के पुराने बयान भी दिखाए गए हैं, जिनमें कांग्रेस नेतृत्व और विशेष रूप से राहुल गांधी पर सवाल उठाए गए थे.
पुराने बयानों के पोस्टर लगाए गए
पोस्टरों में केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन का एक पुराना बयान भी शामिल किया गया है. इसमें राहुल गांधी की राजनीतिक समझ पर टिप्पणी करते हुए कहा गया था कि वे राष्ट्रीय स्तर के नेता तो हैं, लेकिन उनकी समझ कांग्रेस के एक सामान्य स्थानीय कार्यकर्ता से भी कम है. इसी तरह तमिलनाडु की सत्तारूढ़ पार्टी डीएमके के नेता उदयनिधि स्टालिन का एक पुराना बयान भी पोस्टरों में दिखाया गया है. बयान के अनुसार, कांग्रेस ने दो दशकों से अधिक समय तक डीएमके के सहयोग का लाभ उठाया, लेकिन बाद में उसी सहयोगी दल के साथ विश्वासघात किया. इस टिप्पणी को भी गठबंधन की आंतरिक चुनौतियों के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया है.

आप की कांग्रेस पर टिप्पणी
दिल्ली में लगाए गए पोस्टरों में आम आदमी पार्टी के नेताओं के पुराने बयान भी शामिल हैं. गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी अब I.N.D.I गठबंधन का हिस्सा नहीं है, लेकिन उसके नेताओं की कांग्रेस विरोधी टिप्पणियों को भी पोस्टर अभियान का हिस्सा बनाया गया है. एक पोस्टर में अरविंद केजरीवाल का वह बयान दिखाया गया है, जिसमें उन्होंने लोगों से कांग्रेस को वोट न देने की अपील की थी. वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की कांग्रेस पर की गई व्यंग्यात्मक टिप्पणी को भी पोस्टरों में जगह दी गई है.
गठबंधन के नेतृत्व पर सवाल?
इसके अलावा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पुराने बयान भी पोस्टरों में दिखाए गए हैं. एक बयान में उन्होंने कहा था कि अगर कांग्रेस I.N.D.I गठबंधन का प्रभावी नेतृत्व नहीं कर सकती, तो वह स्वयं इसकी जिम्मेदारी संभाल सकती हैं. वहीं एक अन्य बयान में उन्होंने कांग्रेस की घटती विश्वसनीयता का उल्लेख करते हुए कहा था कि केवल कांग्रेस पर निर्भर रहना उचित नहीं होगा. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बैठक से पहले सामने आए ये पोस्टर विपक्षी एकता और नेतृत्व के मुद्दे पर नई बहस को जन्म दे सकते हैं. ऐसे समय में जब विपक्ष केंद्र सरकार के खिलाफ साझा रणनीति बनाने की कोशिश कर रहा है, सहयोगी दलों के पुराने बयानों को सामने लाकर गठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े करने का प्रयास किया जा रहा है.
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