Home Top News ईरान-इजरायल की नई जंग कितना खतरनाक?

ईरान-इजरायल की नई जंग कितना खतरनाक?

by Live India
ईरान-इजरायल की नई जंग कितना खतरनाक?

5

पश्चिम एशिया तनाव: पश्चिम एशिया में जारी तनाव और जंग खत्म होती हुई नजर नहीं आ रही है. ताजा मामला ईरान और इजरायल के बीच फिर से शुरू हुई नई जंग का है. बता दें कि रविवार को इजरायल ने अमेरिका के कुछ दिन पहले के अनुरोध को नजरअंदाज किया और लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर हमला कर दिया. इसे बिना किसी चेतावनी के हमला बताया गया. हालांकि, इजरायल ने कहा था कि ईरान समर्थित हिजबुल्लाह ने रविवार को दिन में पहले उत्तरी इजरायल पर गोलीबारी की थी. उसके जवाब में इजरायल ने हमला किया.

वहीं, हिजबुल्लाह पर हमले के बाद रविवार देर रात ईरान ने इजरायल पर बड़ा मिसाइल हमला किया. इन दोनों देशों के बीच अप्रैल 2026 में हुए सीजफायर के बाद यह ईरान के द्वारा इजरायल पर पहला हमला रहा. ईरान द्वारा इजरायल पर हमले के बाद ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को हमले का जवाब नहीं देने का आग्रह किया था और कहा था कि “हम समझौते के बेहद करीब हैं.” लेकिन इस बीच नेतन्याहू ने ट्रंप को ठेंगा दिखा (साफ तौर पर मना कर देना) दिया. ईरान के हमले के बाद इजरायल ने उसके खिलाफ जवाबी कार्रवाई कर दी. इजरायली वायु सेना ने पश्चिमी और मध्य ईरान में ईरानी शासन के सैन्य ठिकानों पर हमला कर दिया. इससे अब दोनों देशों के साथ अमेरिका और पश्चिम एशिया में तनाव और भी गंभीर हो चुका है.

इस बीच आज सोमवार को भारतीय शेयर बाजार खुला और इसमें इस नई जंग का बड़ा असर दिखा. सोमवार को मार्केट खुलते ही सेंसेक्स में 800 से अधिक अंकों की गिरावट दर्ज की गई जबकि निफ्टी50 भी एक फीसदी से अधिक गिरा. इस गिरावट ने निवेशकों को तगड़ा झटका है. बताया गया कि ईरान और इजरायल में छिड़ी इस नई जंग की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के खुलने की संभावना काफी कम हो गई है. इसकी वजह से अब एक बार फिर से कच्चे तेल के दाम बढ़ोतरी की ओर है. इससे दुनिया समेत भारत पर भी बुरा असर पड़ते हुए दिख रहा है.

हम यहां यह कह सकते हैं कि ईरान-इजरायल की नई जंग में मार्केट के साथ रुपया भी कमजोर हो गया है. ट्रंप ने नेतन्याहू को जवाबी कार्रवाई न करने का आग्रह किया था लेकिन इजरायली पीएम ने अमेरिकी प्रेसिडेंट को एक तरह से ठेंगा दिखा दिया है. अब आइए जानते हैं कि ईरान-इजरायल के बीच जंग को लेकर बड़ा अपडेट क्या है, अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने इसपर क्या कहा है और भारतीय शेयर बाजार के साथ रुपये पर इसका क्या प्रभाव पड़ा है. उसके बाद जानेंगे कि यह जंग पश्चिम एशिया के लिए कितना खतरनाक हो रहा है.

नेतन्याहू ने ट्रंप को दिखाया ठेंगा! इजरायली एयर फोर्स ने ईरान पर किया जवाबी हमला

इजरायल-लेबनान और हिजबुल्लाह का सीजफायर

पश्चिम एशिया में जारी तनाव को खत्म करने के लिए अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान के साथ वार्ता करते हुए नजर आ रहे थे. उन्होंने यह दावा भी किया था कि जल्द ही इसको लेकर कुछ बड़ा फैसला किया जा सकता है. उन्होंने क्षेत्र में शांति बनाने के लिए ईरान की उस बात को भी मान ली थी, जिसमें कहा गया था कि पश्चिम एशिया में शांति समझौते के लिए इजरायल को लेबनान और हिजबुल्लाह पर अपने हमले को बंद करने होंगे. बीते दिनों इजरायल और लेबनान ने अपने युद्धविराम को नए सिरे से लागू करने पर सहमति जताई थी.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते सोमवार(1 जून) को कहा था कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ बातचीत करने और मध्यस्थों के माध्यम से लेबनान के आतंकवादी समूह के साथ संवाद करने के बाद इजरायल और हिजबुल्लाह लड़ाई कम करने पर सहमत हो गए हैं. ट्रंप ने नेतन्याहू से बातचीत के बाद सोशल मीडिया पोस्ट में इसकी घोषणा की थी. नेतन्याहू के साथ फोन पर बातचीत के बाद, ट्रंप ने कहा था, “बेरूत में कोई भी सेना नहीं भेजी जाएगी और जो भी सेनाएं रास्ते में थीं, उन्हें पहले ही वापस भेज दिया गया है.” ट्रंप ने हिजबुल्लाह से भी बातचीत की थी. उन्होंने कहा कि हिजबुल्लाह इस बात पर सहमत हो गया है कि सभी प्रकार की गोलीबारी बंद कर दी जाएगी.

इसके साथ ही लेबनान के अंदर कई “पायलट” सुरक्षा क्षेत्र बनाने पर सहमति व्यक्त की गई है. इन जगहों पर हिजबुल्लाह के आतंकवादियों का प्रवेश प्रतिबंधित करने की भी बात कही गई थी. अमेरिकी विदेश विभाग में अमेरिकी मध्यस्थता से हुई वार्ता के चौथे दौर के बाद जारी एक संयुक्त बयान में, दोनों पक्षों ने कहा था कि युद्धविराम “हिजबुल्लाह द्वारा गोलीबारी को पूरी तरह से बंद करने और लिटानी नदी के दक्षिण के क्षेत्रों से सभी हिजबुल्लाह सदस्यों को निकालने पर निर्भर है.” लेकिन इजरायल ने इस बीच एक बड़ा अपडेट दिया. इजरायल ने बताया कि हिजबुल्लाह ने उसपर फिर से हमला किया है.

महासंग्राम! ईरान ने इजरायल पर किया मिसाइल हमला, सीजफायर के बाद भीषण युद्ध की वापसी?

ईरान-इजरायल की नई जंग

इजरायल ने कहा कि ईरान समर्थित हिजबुल्लाह ने रविवार दिन में पहले उत्तरी इजरायल पर गोलीबारी और हमला किया. उसके जवाब में इजरायल ने अटैक किया है. इजरायल ने रविवार को लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में हमला किया. यह हमला हिजबुल्लाह के ठिकानों पर किया गया. इजरायल के इस हमले के बाद इरान बौखला गया और लेबनान पर हमले के बदले उसने इजरायल पर हमला शुरू कर दिया. न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, रविवार रात में ईरान ने इजरायल पर मिसाइलें दागीं. यह अप्रैल की शुरुआत में लागू हुए नाजुक युद्धविराम के बाद इस तरह की पहली घटना रही. हमले से भीषण लड़ाई की वापसी की संभावना बढ़ गई और युद्ध को समाप्त करने के मध्यस्थता प्रयासों में मुश्किल आ गई है. ईरान के सरकारी टीवी चैनल ने हमलों की पुष्टि की और संभावित जवाबी कार्रवाई के लिए ईरान ने अपना पश्चिमी हवाई क्षेत्र बंद कर दिया.

इजरायल के सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रिन ने कहा, “ईरान ने एक गंभीर गलती की है.” सेना के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर ने कहा था कि आदेश मिलते ही दुश्मन पर पूरी दृढ़ता से हमला किया जाएगा. ईरान के हमले के कुछ घंटे बाद ही इजरायली वायु सेना ने ईरान में कई जगहों पर हमला कर दिया. इसकी जानकारी इजरायल डिफेंस फोर्सेज और इजरायली वायु सेना ने दी.

US-ईरान बातचीत के बीच तेहरान पहुंचे पाक गृहमंत्री, शहबाज और मुनीर की तरफ से लाए खास लेटर

मार्केट-रुपया धड़ाम

ईरान और इजरायल के बीच शुरू हुई नई जंग ने पश्चिम एशिया में तनाव को और अधिक बढ़ाने का काम किया है. इन दोनों को लेकर अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “ईरान के हमलों से किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा. दोनों पक्षों ने अपना-अपना काम कर लिया. इजरायल ने हमला किया और ईरान ने भी हमला किया. अब हमें किसी और हमले की जरूरत नहीं है.” हालांकि, ट्रंप की इस बात का आगे क्या असर होता है वह तो समय बताएगा लेकिन अभी ईरान और इजरायल की नई लड़ाई ने कच्चे तेल के दाम को बढ़ाने का काम किया है. इसकी वजह से डॉलर की मजबूत हुई और भारतीय शेयर बाजार के साथ इसकी करेंसी रुपये में भी गिरावट दर्ज की गई.

आज सोमवार को मार्केट ओपनिंग के दौरान सेंसेक्स में 824.05 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. यह 9 बजकर 15 मिनट पर 1.11 फीसदी की गिरावट के साथ 73,419.29 के स्तर पर कारोबार कर रहा था. वहीं, निफ्टी सोमवार को मार्केट खुलते ही 1.19 फीसदी गिर गया. यह लाल निशान में 278.45 अंकों की सुस्ती के साथ 23,088.25 पर कारोबार करते हुए दिखा.

अब भारतीय करेंसी की बात करते हैं. सोमवार को अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.35 पर खुला, जो पिछले बंद भाव से 17 पैसे कम है. शुक्रवार को, भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा विदेशी पूंजी प्रवाह (foreign capital inflows) को समर्थन देने और विदेशी मुद्रा तरलता (forex liquidity) को मजबूत करने के उपायों की घोषणा के बाद, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 56 पैसे बढ़कर 95.18 पर बंद हुआ, जो लगभग दो महीनों में इसकी सबसे मजबूत एक दिवसीय बढ़त थी. जानकार बताते हैं कि ईरान द्वारा इजरायल की ओर कई मिसाइलें दागने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया, जिससे क्षेत्र की स्थिरता और युद्धविराम प्रयासों की निरंतरता को लेकर चिंताएं बढ़ गईं. इससे रुपये पर निगेटिव प्रभाव पड़ा है.

लेबनान पर इजरायल का भीषण हवाई हमलाः लेबनानी सेना के तीन अफसरों सहित 9 की मौत

पश्चिम एशिया के लिए कितना खतरनाक?

पश्चिम एशिया में एक बार फिर से तनाव बढ़ते हुए दिख रहा है. कारण ईरान और इजरायल के बीच नई जंग है. बता दें कि बीते 28 फरवरी 2026 को अमेरिका-इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान पर हमला किया था. इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर सैयद अली हुसैनी खामनेई की मौत हो गई थी. अपने सुप्रीम लीडर की मौत से बौखलाए ईरान ने इजरायल सहित दुनिया के कई देशों में बनाए गए अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला शुरू कर दिया. उसने मिसाइल और ड्रोन की मदद से यूएई, सऊदी अरब, बहरीन, कुवैत, ओमान समेत अन्य देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जोरदार हमला किया. हालांकि, कुछ दिनों बाद इनके बीच सीजफायर का ऐलान हुआ और अमेरिका ने इसकी घोषणा की. लेकिन यह संघर्ष विराम कुछ खास टिकता हुआ नहीं दिखाई दे रहा है और ईरान-अमेरिका व इजरायल के बीच रुक-रुक कर हमले जारी हैं.

इस क्षेत्र के जानकार बताते हैं कि यह नई जंग और रुक-रुक के होने वाले हमले पश्चिम एशिया के लिए बहुत ही खतरनाक हैं. इस तनाव से भारत समेत दुनिया के कई देशों के लिए एनर्जी सप्लाई (तेल, गैस आदि) के लिए अहम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बाधित रहेगा. इसकी वजह से भारत व कई अन्य देशों में पेट्रोल-डीजल और गैस के दाम बढ़ेंगे. इससे महंगाई बढ़ेगी और इसका सीधा असर आम जनता और मार्केट पर पड़ेगा. इजरायल और ईरान की लड़ाई के साथ-साथ ईरान का अमेरिका के साथ शांति प्रस्ताव का अभी तक न होना, पश्चिम एशिया के लिए और भी खतरनाक साबित हो सकता है.

ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में दागे ड्रोन तो US आर्मी ने किया तबाह, तेहरान के रडार ठिकाने भी ध्वस्त

Related Articles