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पीएम मोदी को ईरान का निमंत्रण: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मरहूम सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार और दफन समारोह का न्योता भेजा है. खामेनेई का अंतिम संस्कार 4 से 9 जुलाई तक होगा. तीन दशकों तक ईरान पर राज करने वाले खामेनेई, 28 फरवरी को US और इजराइल के हवाई हमलों में मारे गए थे, जिसके बाद ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध शुरु हुआ. अब 132 दिन बाद उनका अंतिम संस्कार किया जा रहा है, जिसमें दुनियाभर के नेताओं को बुलाया गया है.
पीएम जाएंगे या प्रितिनिधिमंडल?
सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रपति पेजेशकियन ने भारतीय प्रधानमंत्री को खामेनेई के अंतिम संस्कार समारोह में बुलाया है. इस बारे में प्रधानमंत्री कार्यालय से कोई बयान सामने नहीं आया है कि पीएम मोदी जाएंगे या नहीं. संभव है कि भारत की ओर से अन्य अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल ईरान जाए. इससे पहले खामेनेई की मौत पर भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने दिल्ली में ईरानी दूतावास जाकर शोक व्यक्त किया था.
ये है पूरा शेड्यूल
खामेनेई का अंतिम संस्कार समारोह 4 जुलाई से शुरू हो जाएगा. 4 जुलाई को राजधानी तेहरान के ग्रैंड इमाम खुमैनी मुसल्ला प्रार्थना स्थल पर खामेनेई के पार्थिव शरीर को आम जनता है अधिकारियों के अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा. 5 जुलाई को भी श्रद्धांजलि सभा जारी रहेगी. इस दिन देश-विदेश से आने प्रतिनिधिमंडल समारोह में शामिल होंगे. 6 जुलाई को राजधानी तेहरान की सड़कों पर विशाल शोक जुलूस निकाला जाएगा. इस जुलूस में खामेनेई के साथ मारे गए चार अन्य अधिकारियों के पार्थिव शरीर भी शामिल किए जाएंगे. 7 जुलाई को ईरान के पवित्र शहर कोम में धार्मिक सभा और जुलूस निकाला जाएगा. 8 जुलाई को शवयात्रा को नजप और करबला जैसे अन्य धार्मिक शहरों में ले जाया जाएगा. अंतिम दिन यानी 9 जुलाई को मशहद शहर में खामेनेई के पार्थिव शरीर को दफनाया जाएगा. तेहरान प्रशासन को उम्मीद है कि अंतिम यात्रा में 2 करोड़ लोग शामिल हो सकते हैं.
भारत और ईरान के रिश्ते

भारत और ईरान के संबंध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी 10 साल पहले 22 मई, 2016 को अपनी पहली ईरान यात्रा पर गए थे. उस समय उन्होंने तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. हसन रुहानी और सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई से मुलाकात की थी. पिछले साल, मई 2024 में जब ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की हेलीकॉप्टर क्रैश में मौत हो गई थी, तब भारत ने एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया था. उस समय उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को ईरान भेजा गया था. हाल ही में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची BRICS विदेश मंत्रियों की मीटिंग में शामिल होने के लिए नई दिल्ली आए थे. अब देखना होगा कि भारत की तरफ से अंतिम संस्कार समारोह में पीएम मोदी खुद जाते हैं या भारतीय प्रतिनिधिमंडल.
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समाचार स्रोत: पीटीआई
