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केरल में कई इलाके जलमग्न

by Live India
केरल में भारी बारिश का कहर: पाम्बला बांध के फाटक खुले, कई इलाके जलमग्न

भारी बारिश: केरल में शनिवार को भारी बारिश के कारण संपत्तियों को काफी नुकसान पहुंचा. एहतियात के तौर पर पाम्बला बांध के शटर खोल दिए गए. पेरियार नदी के दोनों किनारों पर रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. शनिवार को केरल के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई, जिससे कई नदियों और बांधों में पानी का स्तर बढ़ गया, निचले इलाकों में पानी भर गया और संपत्ति को नुकसान पहुंचा. अधिकारियों ने अलर्ट जारी किया है. पलक्कड़ ज़िले में भारी बारिश के कारण दो घरों की बाउंड्री वॉल गिर गईं, जबकि कोझिकोड के उत्तरी हिस्सों, खासकर ऊंचे पहाड़ी इलाकों में ज़ोरदार बारिश हुई.

नदी किनारे रहने वाले बरतें सतर्कता

अधिकारियों ने बताया कि इडुक्की ज़िले के कैचमेंट एरिया में भारी बारिश के कारण जलाशय में पानी का स्तर बढ़ने पर एहतियात के तौर पर पाम्बला बांध के फाटक खोल दिए गए. पेरियार नदी के दोनों किनारों पर रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई, जबकि अधिकारियों को सभी ज़रूरी सुरक्षा उपाय करने के निर्देश दिए गए. आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने चेतावनी दी कि पथानामथिट्टा, अलाप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, त्रिशूर, पलक्कड़, कोझिकोड, कन्नूर और कासरगोड ज़िलों में 40 किमी प्रति घंटे तक की रफ़्तार वाली तेज़ हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है.

स्कूलों में छुट्टी

उन्होंने चेतावनी दी कि भारी बारिश के कारण मुख्य सड़कों पर जलभराव हो सकता है. कम विज़िबिलिटी से ट्रैफ़िक प्रभावित हो सकता है. निचले इलाकों और नदी के किनारों पर बाढ़ आ सकती है. पेड़ उखड़ने से बिजली व्यवस्था बाधित हो सकती है. घरों और झोपड़ियों को नुकसान हो सकता है और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है. अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी कि खराब मौसम का असर लोगों और मवेशियों पर पड़ सकता है और समुद्र तट के किनारे बनी असुरक्षित मकानों को नुकसान पहुंच सकता है. इस बीच, भारी बारिश को देखते हुए त्रिशूर जिला प्रशासन ने शनिवार को सभी शिक्षण संस्थानों, जिनमें प्रोफेशनल कॉलेज भी शामिल हैं, में छुट्टी की घोषणा की.

राहत शिविरों में जाने की सलाह

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भूस्खलन और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) की आशंका वाले इलाकों में रहने वाले लोगों से अपील की कि वे स्थानीय अधिकारियों के निर्देशानुसार सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं. नदी के किनारों और बांधों के निचले इलाकों में रहने वालों को भी सतर्क रहने और अधिकारियों के निर्देश मिलने पर राहत शिविरों में जाने की सलाह दी गई. एडवाइजरी में कमजोर या असुरक्षित घरों में रहने वाले लोगों से सावधानी बरतने को भी कहा गया, क्योंकि तेज हवाओं से पेड़ उखड़ सकते हैं और बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो सकते हैं. अधिकारियों ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और जिला अधिकारियों द्वारा जारी निर्देशों का सख्ती से पालन करने की भी अपील की है.

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समाचार स्रोत: पीटीआई

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