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ओडिशा जापान निवेश: भारत और जापान के बीच रिश्ते और व्यापार को अधिक मजबूत करने के लिए दोनों देशों की सरकारों के द्वारा कई समझौते पर साइन की गई है. जी हां, हाल ही में जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची भारत पर थीं. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात की और बैठक के बाद भारत और जापान के बीच कई मुद्दों पर डील हुई.
इस बीच ओडिशा सरकार ने भी जापान की कंपनी एसीएमई ग्रुप के साथ एक डील की है. इसके जरिए ओडिशा में करीब 67000 करोड़ रुपये के निवेश की बात कही गई है. आइए जानते हैं कि ये पूरी डील क्या है और ओडिशा में ये निवेश कहां और कैसे होने वाले हैं.
67,000 करोड़ के प्रस्तावित निवेश के लिए एमओसी
न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को ओडिशा सरकार ने एसीएमई समूह और जापान की आईएचआई कॉर्पोरेशन के साथ 67,000 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश के लिए सहयोग ज्ञापन (एमओसी) पर हस्ताक्षर किए. इसका उद्देश्य प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और हरित औद्योगीकरण को गति देना है.
ये समझौते मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की जापान के एक उच्च स्तरीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बातचीत के दौरान हस्ताक्षरित किए गए. माझी ने कहा कि यह समझौता इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नई दिल्ली में अपनी जापानी समकक्ष सनाए ताकाइची के साथ शिखर वार्ता करने के एक दिन बाद हुआ है.
कहां-कहां पर कितना होगा निवेश?
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह समझौता ओडिशा में बड़े पैमाने पर स्वच्छ ऊर्जा और औद्योगिक परियोजनाओं की स्थापना के अवसरों का पता लगाने के लिए राज्य सरकार, आईएचआई कॉर्पोरेशन और एसीएमई समूह की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है. इसमें इसकी संसाधन शक्ति, औद्योगिक इकोसिस्टम और नीतिगत समर्थन का लाभ उठाया जाएगा.
इनमें गोपालपुर में 20,000 करोड़ रुपये के निवेश से निर्मित 0.4 मीट्रिक टन प्रति वर्ष की क्षमता वाली हरित अमोनिया परियोजना शामिल है, जिसमें 3,400 रोजगार सृजित करने की क्षमता है. वहीं, 1,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश से निर्मित जेटी-रहित फ्लोटिंग टर्मिनल अवसंरचना भी शामिल है.
इसके अतिरिक्त, पारादीप में 34,000 करोड़ रुपये के निवेश से 0.8 मीट्रिक टन प्रति वर्ष की क्षमता वाली एक हरित अमोनिया परियोजना को क्रियान्वित किया जाएगा, जिससे 3,600 रोजगार सृजित होने की संभावना है.
इसके अलावा, एक अधिकारी ने बताया कि पारादीप में 12,000 करोड़ रुपये के निवेश से 0.1 मीट्रिक टन प्रति वर्ष की क्षमता वाली एक हरित मेथनॉल परियोजना स्थापित की जाएगी, और इन तीनों परियोजनाओं से लगभग 7,000 लोगों के लिए रोजगार सृजित होगा.
ओडिशा के मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि ओडिशा का लक्ष्य देश में सबसे बड़े हरित हाइड्रोजन इकोसिस्टम में से एक की स्थापना करना है.
उन्होंने कहा, “कल मध्य पूर्वी निवेशकों के साथ हुए 11 अरब अमेरिकी डॉलर के समझौते के बाद, आज सुदूर पूर्वी मित्र जापान के साथ हुई साझेदारी ने राज्य के औद्योगिक क्षेत्र को और भी उज्ज्वल बना दिया है.” उन्होंने कहा कि ओडिशा ने पहले ही 12 प्रमुख ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है, जिससे राज्य में 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आएगा और 36,000 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे.
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