Home News Sunny Deol और अक्षय खन्ना की टक्कर, फिर भी फीकी पड़ गई Ikka?

Sunny Deol और अक्षय खन्ना की टक्कर, फिर भी फीकी पड़ गई Ikka?

by Live India
Sunny Deol और अक्षय खन्ना की टक्कर, फिर भी फीकी पड़ गई Ikka?

इक्का फिल्म समीक्षा: सनी देओल जब भी स्क्रीन पर आते हैं, तो फैंस को दमदार डायलॉग, गदर अंदाज और भरपूर एंटरटेनमेंट की उम्मीद होती है. इस साल ‘बॉर्डर 2’ से धमाकेदार शुरुआत करने के बाद अब सनी देओल नेटफ्लिक्स की कोर्टरूम ड्रामा ‘इक्का’ में नजर आए हैं. खास बात ये है कि ‘दामिनी’ के 33 साल बाद सनी एक बार फिर वकील के कैरेक्टर में लौटे हैं. इस बार उनके सामने हैं अक्षय खन्ना, जिनके साथ उनकी लीगल वॉर फिल्म का सबसे बड़ा अट्रैक्शन है.

कहानी की शुरुआत

फिल्म की शुरुआत एक हाई-प्रोफाइल पार्टी से होती है. सोमा मित्तल यानी आकांक्षा रंजन कपूर क्लब से शौर्यमन गौर यानी अक्षय खन्ना के साथ निकलती है. लेकिन कुछ ही देर बाद वो बुरी हालत में सड़क पर मिलती है. अब इस पूरे मामले में शौर्यमन आरोपी बन जाता है. मामला कोर्ट तक पहुंचता है और अपने बेटे को बचाने के लिए उसका पॉलिटीशियन पिता देश के सबसे ईमानदार वकील अर्जुन मेहरा यानी सनी देओल को केस लड़ने के लिए तैयार करता है.

कहानी में ट्विस्ट

कहानी में असली ट्विस्ट तब आता है जब पता चलता है कि अर्जुन और शौर्यमन का रिश्ता सिर्फ कोर्टरूम तक नहीं है. अर्जुन की पत्नी यानी दिया मिर्जा की एक बेटी है, जिसका बायोलॉजिकल फादर शौर्यमन हैं. बच्ची को ल्यूकेमिया हो जाता है और उसकी जान बचाने के लिए बोन मैरो ट्रांसप्लांट की जरूरत होती है. सबसे बड़ा झटका तब लगता है जब शौर्यमन ये शर्त रखता है कि वो तभी डोनर बनेगा, जब अर्जुन उसे कोर्ट में इनोसेंट साबित कर देगा. यहीं से फिल्म का असली खेल शुरू होता है. एक तरफ बेटी की जिंदगी दांव पर लगी है, तो दूसरी तरफ सच्चाई और कानून. अर्जुन मेहरा किसे चुनेगा? यही सवाल पूरी कहानी को आगे बढ़ाता है.

वीकेंड को बनाइए सुपरहिट! Amazon Prime Video पर मौजूद ये 5 फिल्में हैं एंटरटेनमेंट का फुल पैसा वसूल पैकेज

कोर्ट में सनी का जलवा!

कोर्ट में सनी देओल का मुकाबला होता है तिलोत्तमा शोम से, जो जूनियर वकील मधुरा बनर्जी का कैरेक्टर निभा रही हैं. वो अपने गुरु अर्जुन मेहरा के खिलाफ पूरे कॉन्फिडेंस के साथ केस लड़ती हैं. दोनों के बीच कोर्टरूम में होने वाली बहस फिल्म का सबसे स्ट्रॉन्ग हिस्सा है. एक सीन में तिलोत्तमा, सनी देओल के फेमस ‘ढाई किलो का हाथ’ वाले डायलॉग को भी रिपीट करती हैं.

बेअसर कहानी

डायरेक्टर सिद्धार्थ पी. मल्होत्रा, जिन्होंने इससे पहले ‘महाराज’ जैसी पॉपुलर फिल्म बनाई थी. वो इस बार भी कानून और अदालत की दुनिया पर कहानी लेकर आए हैं. हालांकि,’इक्का’ की कहानी सुनने में दिलचस्प लगती है, लेकिन स्क्रीन पर उसका असर नज़र नहीं आता. सबसे बड़ी कमी इसकी कहानी में है. कई जगह कहानी सिर्फ इसलिए मोड़ लेती है, ताकि सनी देओल का कैरेक्टर हमेशा सही लगे. जो वकील महिलाओं के कैरेक्टर पर सवाल उठाने के खिलाफ नजर आता है, वही अपनी बेटी को बचाने के लिए उन्हीं हथकंडों का सहारा लेता है. बाद में उसे इस फैसले का पछतावा जरूर होता है, लेकिन ये बदलाव पूरी तरह असर नहीं डालता. हालांकि, ‘इक्का’ में कई कोर्टरूम सीन दमदार हैं, लेकिन बार-बार मेज थपथपाने, ऊंची आवाज में बहस और ड्रामेटिक अंदाज कहानी को जरूरत से ज्यादा फिल्मी बना देते हैं. अगर कोर्टरूम ड्रामा में थोड़ा और रिसर्च किया जाता, तो फिल्म अच्छी बन सकती थी.

दमदार एक्टर्स

अक्षय खन्ना एक बार फिर साबित करते हैं कि वो बॉलीवुड के सबसे बेहतरीन एक्टर्स में से एक हैं. दूसरी तरफ दिया मिर्जा को भी इस फिल्म में अच्छा स्क्रीन टाइम मिला है. फिल्म में एक छोटी-सी गलती भी नजर आती है. एक सीन में बेटी अपनी मां की शादी की तस्वीरें देखती है, लेकिन उसमें दिया मिर्जा की वेडिंग फोटोज यूज़ की गई हैं. यह एडिटिंग की चूक है या जानबूझकर रखा गया ईस्टर एग, ये क्लियर नहीं हो पाता. खैर, करीब दो घंटे से ज्यादा लंबी ये फिल्म शुरुआत में लोगों को बांधती है, लेकिन इंटरवल के बाद इसकी स्पीड स्लो पड़ने लगती है. कई सीन खिंचे हुए लगते हैं. देखा जाए तो, ‘इक्का’ एक ऐसा कोर्टरूम ड्रामा है. सनी देओल और अक्षय खन्ना की दमदार एक्टिंग भी शानदार है. हालांकि, शानदार एक्टर्स के बावजूद कमजोर कहानी और स्लो स्पीड इसे एक बढ़िया फिल्म बनने से रोक देती है. ऐसे में अगर आप सनी देओल और अक्षय खन्ना के फैन हैं या कोर्टरूम ड्रामा पसंद करते हैं, तो ये फिल्म एक बार देख सकते हैं, लेकिन इससे ज्यादा उम्मीद न रखें.

Dhamaal 4 ने पहले दिन मचाया बवाल, पर Akshay की फिल्म का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाई Ajay की कॉमेडी

Related Articles