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संसद सत्र: संसद का मानसून सत्र हंगामेदार होने के आसार हैं. कई मुद्दों पर I.N.D.I.A ब्लॉक मोदी सरकार को घेरेगा. RJD सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि I.N.D.I.A ब्लॉक संसद के आने वाले सत्र में राम मंदिर दान मामले और NEET पेपर लीक जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरेगा. साथ ही, वे विपक्षी दलों में दलबदल करवाकर दो-तिहाई बहुमत हासिल करने की BJP की कोशिशों का भी विरोध करेंगे. संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक होना है.
आमने-सामने होंगे सत्ता और विपक्ष
रविवार को PTI को दिए एक इंटरव्यू में बक्सर के सांसद ने आरोप लगाया कि BJP अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए ज़रूरी संख्या बल हासिल करने की कोशिश में विपक्षी दलों को कमज़ोर करने की राजनीतिक रणनीति अपना रही है. सिंह ने कहा कि BJP देश भर में विपक्षी दलों को तोड़कर दो-तिहाई बहुमत हासिल करना चाहती है. I.N.D.I.A ब्लॉक एकजुट होकर इसका विरोध करेगा. हम हर अहम मुद्दे को उठाएंगे. राम मंदिर दान में चोरी और पेपर लीक से लेकर बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार और वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) तक. विपक्षी सांसदों के हालिया दलबदल और आगे भी ऐसा होने की अटकलों के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा कि यह चिंता पूरे INDIA गठबंधन की है.
विपक्ष को कमजोर करने का आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि पहले दलबदल कानून के दायरे में होता था. आज ऐसा लगता है कि उन सुरक्षा उपायों को भी नज़रअंदाज़ किया जा रहा है. हर विपक्षी दल चिंतित है क्योंकि सत्ताधारी पार्टी अपने दम पर ज़रूरी संख्या बल न होने के बावजूद अपने प्रतिद्वंद्वियों को कमज़ोर करने की कोशिश कर रही है. सिंह ने आरोप लगाया कि विपक्ष को कमज़ोर करने की BJP की कोशिशें संविधान को कमज़ोर करने की एक बड़ी कोशिश का हिस्सा है. उन्होंने आरोप लगाया कि 2024 का लोकसभा चुनाव संविधान को बचाने के मुद्दे पर लड़ा गया था. लोग पूछते थे कि संविधान को कैसे कमज़ोर किया जा सकता है.
‘एक देश, एक चुनाव’ का भी विरोध
उन्होंने आरोप लगाया कि वोट देने का अधिकार एक लोकतांत्रिक अधिकार है. अगर असली वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए जाते हैं, तो सरकारें बैलेट के बजाय वोटर लिस्ट के ज़रिए बदली जा सकती हैं. एक बार जब आप वोटर लिस्ट पर कब्ज़ा कर लेते हैं, तो आप चुनाव पर भी कब्ज़ा कर लेते हैं. उन्होंने दावा किया कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो भारत में चुनाव चीन, रूस और उत्तर कोरिया जैसे हो जाएंगे, जहां लगभग सभी वोट सत्ताधारी पार्टी को मिलते हैं और लोकतंत्र का सिर्फ़ दिखावा रह जाता है. सिंह ने कहा कि विपक्ष ‘एक देश, एक चुनाव’ (One Nation, One Election), परिसीमन (delimitation) और ऐसे ही दूसरे कानूनों का भी ज़ोरदार विरोध करेगा, जो उनके अनुसार संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों को कमज़ोर करते हैं.
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