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ईरान पर अमेरिकी हमले: पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच एक बार फिर से युद्ध शुरू हो चुका है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान पर लगाए गए नाकाबंदी को “पुनः लागू” करने की घोषणा के कुछ घंटों बाद, अमेरिका ने मंगलवार तड़के ईरान पर हमले किए. ट्रंप ने अलग से यह भी संकेत दिया कि अमेरिका सुरक्षित मार्ग के लिए अन्य जहाजों से शुल्क लेगा, जिससे विश्व भर में नौवहन की स्वतंत्रता का समर्थन करने वाली सैकड़ों वर्षों की अमेरिकी नीति उलट जाएगी.
भारतीय समयानुसार मंगलवार तड़के 2 बजकर 38 मिनट पर ईरान के खिलाफ शुरू हुआ अमेरिका का मिशन करीब पांच घंटों तक चला. अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमान ने पहले हमला शुरू करने की जानकारी दी उसके बाद उसे खत्म करने की भी बात कही.
ईरान के खिलाफ लगातार तीसरी रात हमला – यूएस
यूएस सेंट्रल कमांड ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, “आज शाम 4:45 बजे, U.S. सेंट्रल कमांड ने कमांडर इन चीफ के कहने पर ईरान के खिलाफ लगातार तीसरी रात हमले शुरू किए.” सेना ने आगे कहा, ” इन हमलों से ईरानी सेना को भारी नुकसान होगा और होर्मुज स्ट्रेट में बेगुनाह आम लोगों और कमर्शियल जहाजों पर हमला करने की उनकी क्षमता कम हो जाएगी.”
आज शाम 4:45 बजे ईटी, यूएस सेंट्रल कमांड ने कमांडर इन चीफ के निर्देश पर ईरान के खिलाफ लगातार तीसरी रात हमले शुरू किए। इन हमलों से ईरानी सेनाओं को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी और निर्दोष नागरिकों पर हमला करने की उनकी क्षमता कम हो जाएगी और…
– यूएस सेंट्रल कमांड (@CENTCOM) 13 जुलाई, 2026
अमेरिका ने ईरान के इन ठिकानों पर बरसाए बम
वहीं, ईरान के खिलाफ करीब पांच घंटे के अपने मिशन को पूरा करने पर भी सेंट्रल कमान ने जानकारी दी. उसने बताया कि अमेरिका ने ईरान के किन-किन ठिकानों पर हमले किए और बम व मिसाइल बरसाए. एक्स पर पोस्ट करके यूएस सेंट्रल कमांड ने कहा, “U.S. सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने 13 जुलाई को रात 10:15 बजे ईरान के खिलाफ हमलों की नई लहर पूरी की. पांच घंटे के मिशन के दौरान, U.S. सेना ने ईरान के बुशहर, चाबहार, जस्क, कोनारक, अबू मूसा और बंदर अब्बास समेत पूरे ईरान में मिलिट्री ठिकानों पर सफलतापूर्वक हमला किया, ताकि कमर्शियल शिपिंग पर हमला करने की ईरान की क्षमता और कम हो सके.”
सेंट्रल कमान ने आगे कहा, “CENTCOM सेना ने ईरानी कोस्टल डिफेंस सिस्टम, मिसाइल और ड्रोन साइट्स और समुद्री क्षमताओं के खिलाफ सटीक हथियारों का इस्तेमाल किया. अभी मिडिल ईस्ट में 50,000 से ज्यादा U.S. सर्विस मेंबर तैनात हैं. अमेरिकी सेना सतर्क, खतरनाक और तैयार है.
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– यूएस सेंट्रल कमांड (@CENTCOM) 14 जुलाई, 2026
हम नाकाबंदी को फिर से लागू कर रहे- ट्रंप
अमेरिकी सेना द्वारा नए हमलों की घोषणा के कुछ ही क्षण बाद, प्रेसिडेंट ट्रंप ने इसे “एक और बड़ा हमला” बताया. उन्होंने ओवल ऑफिस में पत्रकारों से कहा, “हम उन पर कड़ा प्रहार कर रहे हैं. और यह जारी रहेगा, और हम देखेंगे कि आगे क्या होता है.” ट्रंप ने कहा, “हम उनकी सभी आक्रमणकारी क्षमताओं को ध्वस्त कर रहे हैं और जलडमरूमध्य पर हमारा नियंत्रण है. हम नाकाबंदी को फिर से लागू कर रहे हैं.”
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– यूएस सेंट्रल कमांड (@CENTCOM) 13 जुलाई, 2026
ट्रंप ने अपने प्रशासन द्वारा पहले किए गए उस दावे से पलटते हुए नई जानकारी भी दिए, जिसमें उन्होंने जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाने का सुझाव दिया था, जबकि पहले उन्होंने ऐसा न करने का सुझाव दिया था.

उन्होंने कहा, “हम दुनिया के बहुत अमीर हिस्से की सुरक्षा कर रहे हैं. हम पैसा खर्च कर रहे हैं. और इसलिए, हमने जो किया है, उसके लिए हमें सुरक्षा के लिए पैसे मिलेंगे.” बता दें कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ नेवल नाकाबंदी फिर से शुरू कर दी है. ये ऊपर की तस्वीर में जो लाल घेरे और कतारें दिख रही हैं, इन जगहों को अमेरिकी सेना के द्वारा घेरकर ईरान के खिलाफ नाकेबंदी कर दी गई है.
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समाचार स्रोत: पीटीआई
