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भारी वर्षा: जम्मू-कश्मीर में लगातार चार दिनों से हो रही भीषण बारिश के कारण बुधवार को जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे बंद हो गया. जिससे दोनों तरफ हजारों वाहन फंस गए. जबकि अमरनाथ यात्रा, वैष्णो देवी यात्रा और मचैल माता यात्रा समेत सभी प्रमुख तीर्थ यात्राएं 19 जुलाई से ही बंद हैं. जम्मू इलाके के ज़्यादातर हिस्सों में लगातार चौथे दिन भी ज़ोरदार बारिश हुई, जिसके कारण कई जगहों पर भूस्खलन (लैंडस्लाइड) हुआ. जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर बुधवार को ट्रैफ़िक रोक दिया गया. बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित पुंछ और राजौरी ज़िलों में सात लापता लोगों की तलाश जारी है. जबकि अमरनाथ यात्रा, वैष्णो देवी यात्रा और मचैल माता यात्रा समेत सभी प्रमुख तीर्थ यात्राएं रविवार से ही बंद हैं.
मौसम विभाग का रेड अलर्ट
ट्रैफ़िक विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि 250 किलोमीटर लंबे जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर गाड़ियों की आवाजाही सुबह 9.30 बजे दोनों तरफ़ से रोक दी गई. यह हाईवे कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाली एकमात्र ऐसी सड़क है जो हर मौसम में खुली रहती है. भारी बारिश के कारण उधमपुर और बनिहाल के बीच लगभग एक दर्जन जगहों पर भूस्खलन, कीचड़ खिसकने और पत्थर गिरने की घटनाएं हुईं. अधिकारी ने कहा कि यात्रियों को सलाह दी गई है कि जब तक मौसम ठीक न हो जाए और सड़क को ट्रैफ़िक के लिए सुरक्षित घोषित न कर दिया जाए, तब तक वे हाईवे पर यात्रा न करें. उन्होंने बताया कि सड़क साफ़ करने वाली एजेंसियों ने मलबा हटाने के लिए लोगों और मशीनों को काम पर लगा दिया है.
कठुआ जिले में सबसे ज्यादा बारिश
मौसम विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, बुधवार सुबह 8.30 बजे तक पिछले 24 घंटों में कठुआ ज़िले में सबसे ज़्यादा 153 मिमी बारिश हुई. इसके बाद सांबा (133 मिमी), उधमपुर (112.6 मिमी), जम्मू (62.1 मिमी), कटरा (58.5 मिमी), पुंछ (51 मिमी) और राजौरी (40.5 मिमी) में बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग ने गुरुवार शाम तक मध्यम से भारी बारिश का अनुमान लगाया है. बड़ी नदियों समेत लगभग सभी जल निकायों में जलस्तर बढ़ गया है, जबकि निचले इलाकों में रहने वाले लोगों ने अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) से अपने घरों और दुकानों के डूबने की सूचना दी है. रविवार से पुंछ, राजौरी और डोडा जिलों में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन की अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 23 लोगों की मौत हो गई है और सात अन्य लापता हैं.
सड़कें और पुल बहे
वहीं, लंबे समय तक हुई भारी बारिश से सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और निजी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है. सड़कें और पुल बह गए हैं. कई इलाकों में बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित हुई है. अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित जिलों में बचाव और राहत कार्य तेज कर दिए गए हैं. नागरिक प्रशासन, पुलिस, SDRF, NDRF और अन्य एजेंसियों की टीमें फंसे हुए लोगों को निकालने, संपर्क बहाल करने और नुकसान का आकलन करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रही हैं.
घरों में ही रहने की अपील
प्रशासन ने लोगों से आग्रह किया है कि जब तक बहुत जरूरी न हो, वे घर के अंदर ही रहें. नदियों, नालों और भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों के पास जाने से बचें. अधिकारियों ने कहा कि सरकार स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है.आवश्यक सेवाओं की बहाली तथा प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. एक अन्य घटनाक्रम में, जल शक्ति मंत्री जावेद अहमद राणा ने युवा सेवा एवं खेल मंत्री सतीश शर्मा के साथ राजौरी जिले का दौरा किया. उन्होंने बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया, राहत कार्यों का निरीक्षण किया और जिले में आवश्यक सेवाओं की बहाली की स्थिति का आकलन किया.
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समाचार स्रोत: पीटीआई
