14
एसएफआई का विरोध: स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर पुलिस की बर्बरता के खिलाफ 24 जुलाई को देशव्यापी हड़ताल की घोषणा की है. SFI ने बुधवार को आरोप लगाया कि 20 जुलाई को दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्रों पर ज़रूरत से ज़्यादा बल का इस्तेमाल किया. छात्र संगठन ने आरोप लगाया कि संसद की ओर मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज, आंसू गैस, रबर की गोलियों और पैलेट गन का इस्तेमाल किया, जिससे कई प्रदर्शनकारी छात्र घायल हो गए.
केंद्र सरकार के रवैये पर उठाए सवाल
संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि महिला प्रदर्शनकारियों के साथ छेड़छाड़ की गई और दावा किया कि पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों पर बिना किसी उकसावे के बल का प्रयोग किया. हालांकि, दिल्ली पुलिस के एक सूत्र ने दावा किया कि महिला प्रदर्शनकारियों पर पुरुष पुलिसकर्मियों के हमले के सभी आरोप बेबुनियाद हैं. वहीं, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर अनियंत्रित, आक्रामक और हिंसक व्यवहार करने और तैनात पुलिसकर्मियों पर पत्थर व अन्य चीज़ों से हमला करने का आरोप लगाया. पुलिस ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों समेत 118 पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि 60 प्रदर्शनकारियों के भी घायल होने की खबर है. SFI ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की और NEET पेपर लीक व शिक्षा क्षेत्र से जुड़े अन्य मुद्दों पर छात्रों की मांगों को लेकर केंद्र सरकार के रवैये पर सवाल उठाए.
मानवाधिकार आयोग का रुख करेगा छात्र संगठन
संगठन ने कहा कि वह पुलिस की कथित ज्यादतियों को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) का रुख करेगा और 20 जुलाई की घटनाओं की जांच के लिए जाने-माने लोगों और पूर्व जजों को शामिल करके एक स्वतंत्र ‘जन आयोग’ (People’s Commission) बनाने की योजना की घोषणा की. SFI के अनुसार, यह आयोग पुलिस की बर्बरता के आरोपों की जांच करेगा और प्रभावित लोगों को न्याय दिलाने के लिए उपाय सुझाएगा. छात्र संगठन ने बुधवार से देशव्यापी अभियान शुरू करने की घोषणा की, जिसमें कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में कैंपस विरोध-प्रदर्शन, रैलियां और नुक्कड़ सभाएं शामिल होगी.
क्लास का बहिष्कार करने का आह्वान
23 जुलाई को संगठन कई अन्य संगठनों जैसे डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI), ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक विमेंस एसोसिएशन (AIDWA), ऑल इंडिया किसान सभा (AIKS), सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (CITU) और ऑल इंडिया एग्रीकल्चरल वर्कर्स यूनियन (AIAWU) के सहयोग से राजभवनों और लोक भवनों तक मार्च निकालने या राज्यों में केंद्र सरकार के कार्यालयों के बाहर विरोध-प्रदर्शन करने की योजना बना रहा है. SFI ने यह भी कहा कि वह इस मुद्दे पर राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग करेगा. संगठन ने 24 जुलाई को पूरे देश में छात्रों की हड़ताल और क्लास का बहिष्कार करने का आह्वान किया है.
छात्र चलाएंगे जागरूकता अभियान
उन्होंने उसी दिन रात 10 बजे से ‘रात जागो, देश जागो’ नाम से रात भर चलने वाले देशव्यापी विरोध कार्यक्रम की भी घोषणा की. उन्होंने बताया कि देश भर में कई जगहों पर मशाल जुलूस, सांस्कृतिक कार्यक्रम और रात भर चलने वाली सभाएं आयोजित की जाएंगी. SFI ने कहा कि 25 और 26 जुलाई को वह ‘रिटर्न गिफ्ट’ नाम से एक अभियान शुरू करेगा, जिसके तहत उसके सदस्य पुलिसकर्मियों को मेलोडी चॉकलेट बांटेंगे. संगठन ने यह भी कहा कि वह विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई को दिखाने वाले बैनर और तस्वीरें प्रदर्शित करेगा और देशव्यापी जागरूकता अभियान के तहत लोगों से हस्ताक्षर भी इकट्ठा करेगा. संगठन ने शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर विरोध कर रहे छात्रों के प्रति अपना समर्थन दोहराया और देश भर के लोगों से अपने कार्यक्रमों में शामिल होने की अपील की.
बिहार में छात्रों का उग्र प्रदर्शन, लाठीचार्ज, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले, शिक्षा मंत्री का मांगा इस्तीफा
समाचार स्रोत: पीटीआई
