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Abhijeet Dipke Health: पिछले एक महीने से अधिक समय से जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का धरना-प्रदर्शन जारी है. सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दिपके के नेतृत्व में हो रहे इस धरना में नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग जारी है.
इस बीच सीजेपी के फाउंडर की हेल्थ को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. जी हां, सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके को टाइफाइड हो गया है. उन्होंने खुद इसकी जानकारी सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करके दी है.
मुझे टाइफाइड हुआ है- दिपके
न्यूज एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके ने शनिवार को कहा कि उन्हें टाइफाइड हुआ है, लेकिन उन्होंने कसम खाई कि उनकी बीमारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग वाले आंदोलन को धीमा नहीं करेगी.
सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो मैसेज में, दिपके ने कहा कि वह पिछले कुछ दिनों से बीमार थे और अभी उनका इलाज चल रहा है. अपनी बीमारी के बावजूद, उन्होंने देश भर में विरोध प्रदर्शनों को जिंदा रखने के लिए CJP सपोर्टर्स को धन्यवाद दिया और कहा कि आंदोलन अपना मकसद हासिल करेगा.
उन्होंने कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, मैं पिछले कुछ दिनों से बीमार हूं. रिपोर्ट आ गई हैं और मुझे टाइफाइड हुआ है.” दिपके ने कहा कि उनका इलाज चल रहा है और उन्हें इंट्रावीनस दवा दी जा रही है. उन्होंने कहा, “इलाज चल रहा है. मुझे हर दिन IV ड्रिप लग रही है. लेकिन मैं उन सभी कॉकरोच को धन्यवाद देना चाहता हूं जो पूरे देश में शांति से विरोध कर रहे हैं.”
टाइफाइड हो गया है, लेकिन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने तक लड़ाई जारी रहेगी! pic.twitter.com/8iHSZdF6K7
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) July 25, 2026
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मिल जाएगा- दिपके
आंदोलन को बढ़ाने के लिए सपोर्टर्स को बधाई देते हुए, दिपके ने कहा कि उनका मानना है कि लगातार शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन से उन्हें अपनी मुख्य मांग – केंद्रीय मंत्री प्रधान का इस्तीफा – हासिल करने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा, “इस मूवमेंट को इतनी बड़ी सफलता दिलाने के लिए आप सभी को बधाई. मुझे पूरा यकीन है कि अगर हम इसी तरह विरोध करते रहे, तो हमें धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मिल जाएगा.”
वांगचुक के अनशन खत्म के बाद भी धरना
बता दें कि कॉम्पिटिटिव एग्जाम नीट में कथित गड़बड़ियों को लेकर CJP के नेतृत्व में शुरू किया गया यह आंदोलन एग्जाम सिस्टम में जवाबदेही, भर्ती और एंट्रेंस टेस्ट में सुधार और शिक्षा मंत्री प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है. इस विरोध को कई जानी-मानी हस्तियों का समर्थन मिला, जिसमें एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी शामिल हैं, जो 28 जून को आंदोलन में शामिल हुए और 26 दिन की भूख हड़ताल की.
वांगचुक ने इस हफ्ते की शुरुआत में अपना उपवास तब खत्म किया जब केंद्र ने लिखित आश्वासन दिया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं किया जाएगा, संसद एग्जाम सुधारों और जवाबदेही पर चर्चा करेगी, और कथित NEET पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजे पर सकारात्मक विचार किया जाएगा.
वांगचुक के अनशन खत्म करने के बावजूद, CJP ने कहा है कि जंतर-मंतर पर उनका विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते.
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समाचार स्रोत: पीटीआई
