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ईरान पर अमेरिकी हमला: पश्चिम एशिया में एक बार फिर से संघर्ष के साथ युद्ध की शुरुआत हो गई है. बीते दिनों ईरान के द्वारा अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागने के बाद अब वाशिंगटन ने तेहरान पर जवाबी कार्रवाई की है.
जी हां, जॉर्डन में अमेरिकी सेना पर तेहरान के हमले के जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरानी ठिकानों पर जवाबी हमले किए हैं. यह हमला तब हुआ जब अमेरिका ने सऊदी अरब के साथ मिलकर पड़ोसी देश इराक में ईरान समर्थित मिलिशियाओं पर हमला किया, जिसमें कम से कम 20 लड़ाके और छह ईरानी सलाहकार मारे गए.
ईरान के इन ठिकानों पर अमेरिकी हमला
न्यूज एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को हुए नए हमले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों की मेजबानी करने वाले एक अड्डे को निशाना बनाने के बाद ईरान को “बहुत कड़ी सजा” देने की कसम खाने के कुछ घंटों बाद हुए.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर हमले की जानकारी देते हुए बताया, “29 जुलाई को रात 10 बजे (ET), U.S. सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की फोर्स ने ईरान के खिलाफ जोरदार हमले किए. ये हमले कल U.S. फोर्स पर मिसाइल से हमले की कोशिश के जवाब में किए गए थे.”
सेंट्रल कमांड ने आगे कहा, “CENTCOM ने ईरान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कई ठिकानों पर हमले किए. इनमें मिलिट्री कमांड सेंटर, मिसाइल और ड्रोन फैसिलिटी, तटीय निगरानी और सुरक्षा साइटें, और समुद्री क्षमताएं शामिल थीं. इन हमलों का मकसद ईरान और उसके प्रॉक्सी से अमेरिकी फोर्स, कमर्शियल शिपिंग और पड़ोसी खाड़ी देशों को होने वाले खतरे को और कम करना था.”
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– यूएस सेंट्रल कमांड (@CENTCOM) 30 जुलाई, 2026
U.S. फोर्स पर अचानक हमले
अमेरिकी सेना ने बताया,”28 जुलाई को, IRGC फोर्स ने मिडिल ईस्ट में मौजूद U.S. फोर्स पर अचानक हमले की कोशिश में ईरान से कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. ईरान की सभी मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक दिया गया. अभी मिडिल ईस्ट में 50,000 से ज्यादा U.S. सैनिक तैनात हैं और वे पूरी तरह सतर्क, फ़ोकस्ड, घातक और तैयार हैं.”
ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थित केशम द्वीप पर हुए हमलों में दो लोग घायल हो गए और उत्तर-पश्चिम में खुजेस्तान प्रांत में भी विस्फोटों की खबर मिली है.
युद्ध की वापसी का खतरा
वहीं, कई दिनों की अपेक्षाकृत शांति के बाद विभिन्न मोर्चों पर अचानक भड़की झड़पों ने पूर्ण युद्ध की वापसी का खतरा बढ़ा दिया है. इसने पांच महीने से चल रहे उस संघर्ष को समाप्त करने की कठिनाई को भी उजागर किया है जिसने विश्व अर्थव्यवस्था को झकझोर दिया है और अमेरिकियों के बीच अलोकप्रिय है.
इस लड़ाई से इस चिंता में भी इजाफा होने की संभावना है कि अमेरिका अपने ठिकानों और सहयोगियों की रक्षा के लिए आवश्यक गोला-बारूद के पहले से ही कम हो चुके भंडार को और कम कर रहा है.
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समाचार स्रोत: पीटीआई
