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Vivek Lakra Journey: 3 जनवरी से चेन्नई में शुरू होने वाली हॉकी इंडिया लीग में विवेक लाकड़ा एक इंस्पिरेशन बनकर आ रहे हैं. उनकी जर्नी इतनी शानदार है कि, हर स्पोर्ट्स लवर विवेक का फैन हो जाएगा.
24 दिसंबर, 2025
विवेक लाकड़ा यात्रा: कहते हैं हालात चाहे जैसे भी हों, अगर जज़्बा मजबूत हो तो रास्ते खुद बन जाते हैं. ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले से आने वाले यंग गोलकीपर विवेक लाकड़ा की कहानी कुछ ऐसी ही है. फाइनेंशियल क्राइसेस, लिमिटेड सोर्स और उधार की किट से शुरुआत करने वाला ये खिलाड़ी आज हॉकी इंडिया लीग (HIL) में सबसे महंगे और पॉपुलर जूनियर खिलाड़ियों में शामिल हो गया है. शराची बंगाल वॉरियर्स ने उन्हें 23 लाख रुपये में खरीदा, जबकि उनकी बेस प्राइस सिर्फ 2 लाख रुपये थी.
आसान नहीं था सफर
हाल ही में 18 साल के हुए विवेक लाकड़ा की हॉकी जर्नी आसान नहीं रही. दिलचस्प बात ये है कि हॉकी उनका पहला प्यार भी नहीं थी. वो तो फुटबॉल और क्रिकेट में ज्यादा दिलचस्पी रखते थे. लेकिन विवेक के पिता हॉकी के बड़े फैन थे. उन्हीं के कहने पर विवेक ने हॉकी स्टिक थामी. उनके पहले कोच, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं, ने विवेक को इस खेल की बेसिक बातें सिखाईं और आगे बढ़ने के मौके दिखाए. विवेक बताते हैं कि लो लेवल के कैंप के दौरान उन्हें रिश्तेदारों के घर रहकर ट्रेनिंग करनी पड़ती थी. जब वो राउरकेला के स्पोर्ट्स हॉस्टल पहुंचे, तब वहां गोलकीपर की सही किट तक नहीं थी.
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उधार की किट
मजबूरी में विवेक को कुछ टाइम तक स्ट्राइकर के तौर पर खेला. स्टोर रूम में रखी सीनियर्स की पुरानी और फटी किट को सिलकर उन्होंने प्रेक्टिस शुरू की. लॉकडाउन के बाद एक सीनियर खिलाड़ी ने अपनी पुरानी किट उन्हें दे दी, जिससे विवेक के लिए आगे का रास्ता थोड़ा आसान हुआ. फिर धीरे-धीरे विवेक को इंटरनेशन एक्सपीरियंस भी मिला. उन्होंने ओडिशा टीम के साथ मलेशिया का एक्सपोजर टूर किया. खेलो इंडिया में रनरअप और फिर चैंपियन बने. इसके बाद विवेक लाकड़ा को जर्मनी में भारतीय जूनियर टीम के साथ 4 देशों के टूर्नामेंट में खेलने का मौका मिला. विवेक मानते हैं कि ये सफर स्ट्रगल्स से भरा था, लेकिन उनकी मेहनत आखिरकार रंग लाई.
इंस्पिरेशन
हॉकी के दिग्गज गोलकीपर पीआर श्रीजेश विवेक के इंस्पिरेशन हैं. साल 2018 वर्ल्ड कप में भुवनेश्वर में श्रीजेश को खेलते देखकर विवेक ने तय किया कि उन्हें भी गोलकीपर ही बनना है. आज वही श्रीजेश भारतीय पुरुष जूनियर टीम के लीड कोच हैं. अब HIL को लेकर विवेक बहुत एक्साइटेड हैं. 3 जनवरी से चेन्नई में शुरू होने वाली हॉकी इंडिया लीग में विवेक लाकड़ा का लाखों यंग प्लेयर्स के लिए इंस्पिरेशन की तरह होंगे. उनकी ये कहानी सिर्फ हॉकी की नहीं, बल्कि सपनों को जिंदा रखने और संघर्ष से जीत हासिल करने की भी है.
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