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रुपया आज: रविवार से ईरान और इजरायल के बीच एक बार फिर से जंग की शुरुआत हो गई है. दोनों देश एक-दूसरे पर अटैक कर रहे हैं. इस भू-राजनीतिक तनाव ने पश्चिम एशिया और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के लिए संकट को और बढ़ा दिया है. इस बीच कच्चे तेल के दाम बढ़ गए हैं और भारतीय करेंसी रुपये को झटका लगा है.
आज सोमवार को मार्केट खुलते ही अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में 17 पैसे की गिरावट दिखी. जानकार अंदेशा जता रहे हैं कि अगर ईरान और इजरायल की लड़ाई जारी रहती है तो रुपये को और नुकसान हो सकता है.
डॉलर के मुकाबले 95.35 पर खुला रुपया
न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.35 पर खुला, जो पिछले बंद भाव से 17 पैसे कम है. शुक्रवार को, भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा विदेशी पूंजी प्रवाह (foreign capital inflows) को समर्थन देने और विदेशी मुद्रा तरलता (forex liquidity) को मजबूत करने के उपायों की घोषणा के बाद, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 56 पैसे बढ़कर 95.18 पर बंद हुआ, जो लगभग दो महीनों में इसकी सबसे मजबूत एक दिवसीय बढ़त थी.
भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण रुपये पर दबाव
विदेशी बाजार में अमेरिकी मुद्रा की मजबूती, मजबूत अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण रुपये पर दबाव बना रहा. जानकार और विदेशी मुद्रा व्यापारियों का कहना है कि ब्रेंट क्रूड की ऊंची कीमतों ने निवेशकों के विश्वास को ठेस पहुंचाई है. ईरान द्वारा इजरायल की ओर कई मिसाइलें दागने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया, जिससे क्षेत्र की स्थिरता और युद्धविराम प्रयासों की निरंतरता को लेकर चिंताएं बढ़ गईं.
उन्होंने कहा कि निवेशक पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रमों पर भी नजर रख रहे हैं और अमेरिका से आने वाले महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं, जो अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों के रुख के बारे में नए संकेत दे सकते हैं. ईरान द्वारा इजरायल की ओर कई दौर की मिसाइलें दागने के बाद, वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 3.43 प्रतिशत बढ़कर 96.28 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था.
एक्सपर्ट ने क्या कहा?
एक्सपर्ट और सीआर फॉरेक्स एडवाइजर्स के एमडी अमित पबारी ने कहा, “हालांकि इजरायली अधिकारियों ने बताया कि सभी मिसाइलों को रोक दिया गया और कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन इस घटना ने यह याद दिला दिया कि भू-राजनीतिक जोखिम अभी भी उच्च स्तर पर हैं.” उन्होंने आगे कहा, “अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों पक्षों से संयम बरतने का आग्रह किया है और ईरान के साथ नए सिरे से बातचीत शुरू करने का आह्वान किया है, लेकिन बाजार और रुपया दोनों ही सतर्क हैं.”
उन्होंने कहा, “अमेरिका-ईरान तनाव में किसी भी तरह की वृद्धि, जिससे डॉलर मजबूत हो या तेल की कीमतें बढ़ें, तो यह भारतीय करेंसी अस्थायी रूप से 95.30-95.50 की सीमा की ओर वापस जा सकती है.”
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समाचार स्रोत: पीटीआई
