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Middle East Tension : कतर के तट से करीब 43 किलोमीटर दूर पर एक मालवाहक जहाज पर हमला किया गया. इसके कारण जहाज में आग लग गई. हालांकि, अभी तक जनहानि की कोई खबर सामने नहीं आई है.
मध्य पूर्व तनाव: कतर के तट पर एक मालवाहक जहाज में हमले के बाद आग लग गई. बताया जा रहा है कि यह घटना जहाज पर प्रोजेक्टाइल टकराने की वजह से हुई है. ब्रिटिश सेना ने रविवार को बताया कि जहाज को किसी अज्ञात चीज से निशाना बनाया गया था और यह फारस की खाड़ी में जहाजों पर ताजा हमला है. यह घटना ऐसे वक्त में हुई है जब ईरान और अमेरिका के बीच अस्थाई संघर्ष विराम चल रहा है.
हमले की नहीं ली किसी ने जिम्मेदारी
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स सेंटर ने बताया कि इस अज्ञात हमले की वजह से जहाज में आग लग गई. हालांकि, इसको समय रहते बुझा दिया गया. UKMTO ने बताया कि यह हमला कतर की राजधानी दोहार से करीब 43 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में हुआ. फिलहाल, किसी के हताहत होने की खबर सामने नहीं आई है और अभी तक किसी ने भी इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है. बता दें कि ईरान ने रविवार को अपनी चेतावनी दोहराते हुए कहा कि हमारे किसी भी तेल टैंकरों या व्यापारिक जहाजों पर हमला किया गया तो उसका जवाब दुश्मनों के जहाजों पर जोरदार हमले करके दिया जाएगा.
होर्मुज में जहाजों की आवाजाही पर लगी रोक
वहीं, ट्रंप प्रशासन का कहना है कि एक महीने पुराना यह संघर्ष विराम अभी भी लागू है, लेकिन उस खत्ते में इसकी बार-बार परीक्षा हो रही है. ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में मालवाहक जहाजों की आवाजाही पर रोक लगा रखी है और उसकी प्रमीशन के बिना यहां से कोई जहाज गुजर नहीं सकता है. यह एक रणनीतिक जलमार्ग है जो दुनिया भर में तेल की सप्लाई के लिए काफी अहम है. वहीं, अमेरिका ने भी ईरान के पोर्ट की घेराबंदी कर दी है.
अमेरिका ने दिया प्रस्ताव
अब वाशिंगटन उस प्रस्ताव पर जवाब का बेसब्री से इंतजार कर रहा है, जिसमें ईरान की तरफ से युद्ध को खत्म करने, होर्मुज से जहाजों की आवाजाही खोलने और परमाणु कार्यक्रम की वापसी की बात कही गई है. दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत में अहम मुद्दा एनरिच्ड यूरेनियम का है, जिसमें दोनों ही पीछे हटने को तैयार नहीं है. अमेरिका ने साफ कह दिया है कि ईरान को परमाणु कार्यक्रम को पीछे लेना ही पड़ेगा. वहीं, संयुक्त राष्ट्र की परमाणु एजेंसी का कहना है कि ईरान के पास 440 किलोग्राम से ज्यादा यूरेनियम है और यह 60 प्रतिशत शुद्ध है. साथ ही तेहरान परमाणु बम बनाने से बस एक कदम दूर है.
क्या अमेरिका चुराएगा ईरान का यूरेनियम
ईरानी सेना एक प्रवक्ता ने ईरानी सरकारी मीडिया से कहा कि सेना उन न्यूक्लियर साइट्स की सुरक्षा करने के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने आगे कहा कि हमें शक है कि अमेरिका घुसपैठ या हेलीकॉप्टर से होने वाले ऑपरेशन्स के जरिए इसे चुराने की कोशिश करें. हालांकि, प्रवक्ता ने इसके बारे में विस्तार से कोई जानकारी साझा नहीं की. दूसरी तरफ यूएन की न्यूक्लियर एजेंसी के प्रमुख ने बताया कि ईरान का ज्यादातर हाईली एनरिच्ड यूरेनियम शायद इस्फ़हान न्यूक्लियर कॉम्प्लेक्स में ही रखा है.
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समाचार स्रोत: पीटीआई
