Home Latest News & Updates गहलोत ने बताया कांग्रेस की योजना

गहलोत ने बताया कांग्रेस की योजना

by Live India
Ashok Gehlot inauguration termed historic day

राजस्थान रिफाइनरी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को बालोतरा के पचपदरा में राज्य की पहली पेट्रोकेमिकल रिफाइनरी का उद्घाटन करेंगे. इसी बीच मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा समेत कई मंत्री भी पहुंच गए हैं. इसी बीच कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रिफाइनरी के जल्द शुरू होने को ऐतिहासिक दिन बताया. उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट की योजना कांग्रेस सरकार के समय बनी थी और इसे शुरू भी उसी दौरान किया गया था. बता दें कि राजस्थान में रिफाइनरी लगाने की कोशिशें साल 2008 में राज्य में कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद शुरू हुईं.

पांच सालों तक रुका रहा प्रोजेक्ट का कार्य

अशोक गहलोत ने इस रिफाइरी का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवरा और सोनिया गांधी को दिया. गहलोत ने कहा कि रिफाइनरी का उद्घाटन 2013 में सोनिया गांधी और वीरप्पा मोइली ने किया था. उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक कारणों की वजह से इस काम पांच सालों सो रुका रहा और इसके कारण प्रोजेक्ट की लागत काफी बढ़ गई. गहलोत ने बताया कि साल 2018 में राजस्थान में कांग्रेस के सत्ता में लौटने के बाद रिफाइनरी के काम को प्राथमिकता के साथ फिर शुरू किया गया. कोविड-19 महामारी की चुनौतियों के बावजूद कांग्रेस सरकार में इस प्रोजेक्ट का कार्य का लगभग 85 फीसदी पूरा कर दिया गया था.

JDU ने पंजाब में राजनीतिक पारी का किया आगाज, विधानसभा चुनाव से पहले पेश किया रोडमैप

रिफाइनरी तक सीमित नहीं था प्रोजेक्ट

उन्होंने कहा कि कांग्रेस का विजन रिफाइनरी तक ही सीमित नहीं था बल्कि एक पेट्रोकेमिकल जोन बनाने का भी था. साथ ही इसके लिए जमीन भी आवंटित की गई थी. इस पेट्रोकेमिकल ज़ोन योजना में प्लास्टिक आधारित उद्योग होते जो रिफाइनरी के बाई-प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते और भारी संख्या में नौकरियां का सर्जन होता. हालांकि, कांग्रेस की सरकार में जमीन को अलॉट किया गया था लेकिन समय बीतने के साथ इस योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया.

क्रेडिट लेने को मची कांग्रेस-बीजेपी में होड़

मालूम हो कि पचपदरा रिफाइनरी सिर्फ राज्य की बड़ी परियोजना नहीं है बल्कि देश की बड़ी तेल परियोजनाओं में से एक है. शनिवार को होने वाले इस उद्घाटन में बीजेपी जहां एक तरफ इसे अपने कार्यकाल की बड़ी उपलब्धि को बनाने में लगी हुई है. वहीं, कांग्रेस का स्पष्ट कहना है कि इस ड्रीम प्रोजेक्ट की नींव साल 2013 में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने रखी थी. फिलहाल, जिस तरह से आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं उससे राज्य में सियासी पारा तेजी से बढ़ने वाला है.

MP में आसमानी आफत, नदियां उफान पर, इंदौर-उज्जैन समेत 19 जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी

Related Articles