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छात्रों के लिए खोला खजाना

by Live India
मप्र कैबिनेट के बड़े फैसलेः छात्रों के लिए खोला खजाना, किसानों को चार गुना मुआवजा

MP Cabinet: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में कैबिनेट की अहम बैठक संपन्न हुई. इस बैठक में प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े कई प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है.

एमपी कैबिनेट: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में कैबिनेट की अहम बैठक संपन्न हुई. इस बैठक में प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े कई प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है. सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से लेकर किसानों के मुआवजे और स्कूली छात्रों की सुविधा के लिए खजाना खोल दिया है. बैठक के बाद मंत्री शिवाजी पटेल ने बताया कि कैबिनेट ने प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में मरीजों के परिजनों के लिए पेशेंट-अटेंडेंट शेल्टर होम बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. अक्सर देखा जाता है कि दूर-दराज से आने वाले परिजनों को रुकने और खाने के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है.

सभी मेडिकल कॉलेज होंगे अत्याधुनिक

मंत्री ने बताया कि शेल्टर होम के लिए सरकार केवल जमीन उपलब्ध कराएगी, जबकि सामाजिक संस्थाएं अपने खर्च पर भवन निर्माण, बिजली और पानी की व्यवस्था करेंगी. एक विशेष समिति न्यूनतम शुल्क तय करेगी ताकि परिजनों को सस्ती दरों पर रहने और खाने की सुविधा मिल सके. यह व्यवस्था वर्तमान 20 मेडिकल कॉलेजों के साथ-साथ निर्माणाधीन कॉलेजों में भी लागू होगी. सरकार ने तय किया है कि अगले 5 वर्षों में राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों को अत्याधुनिक बनाया जाएगा. करीब 2000 करोड़ रुपये की लागत से कैथ लैब हृदय रोग उपचार हेतु और ऑर्गन ट्रांसप्लांट अंग प्रत्यारोपण जैसी उच्च स्तरीय सुविधाएं विकसित की जाएंगी.

33 हजार करोड़ का बजट भी स्वीकृत

किसानों के लिए खुशखबरी है. अधिग्रहण पर 4 गुना मुआवजा दिया जाएगा. ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों के लिए कैबिनेट ने फैक्टर-2 लागू करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है. इसके तहत अब ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहण होने पर किसानों को बाजार मूल्य से चार गुना तक मुआवजा मिल सकेगा. इसके अलावा राज्य में विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए 33 हजार करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट को भी स्वीकृति दी गई है. शिक्षा और अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की गई है. अगले 5 सालों में कक्षा 6वीं और 9वीं के छात्र-छात्राओं को साइकिल बांटने पर सरकार 990 करोड़ रुपये खर्च करेगी.

प्यास बुझाने के लिए 157 करोड़ रुपये मंजूर

शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों के कायाकल्प के लिए 1200 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. इसके अलावा उज्जैन क्षेत्र के 35 गांवों की प्यास बुझाने के लिए 157 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजना को हरी झंडी मिली है. सीएम केयर योजना को 2026 तक निरंतर रखने की मंजूरी दी गई है, जिस पर 5 वर्षों में 3628 करोड़ रुपये व्यय होंगे. नारी शक्ति वंदन के तहत महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र आयोजित करेगी. कैबिनेट ने छिंदवाड़ा जिले के लिए पुनर्वास पैकेज के तहत 128 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि को भी मंजूरी प्रदान की है. इन फैसलों से स्पष्ट है कि सरकार का फोकस स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ करने पर है.

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