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Nepal Home Minister: हमारे पड़ोसी देश नेपाल की राजनीति में बड़ी उथल-पुथल देखने को मिल रही है. दरअसल, सूदन गुरुंग अब नेपाल के एक्स गृह मंत्री हो चुके हैं.
22 अप्रैल, 2026
नेपाल की राजनीति में इन दिनों जबरदस्त हलचल मची हुई है. भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की लहर के बीच देश के गृह मंत्री सूदन गुरुंग ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. सिर्फ कुछ हफ्ते पहले 27 मार्च को कार्यभार संभालने वाले गुरुंग पर वित्तीय अनियमितताओं और एक कंट्रोवर्शियल बिजनेसमैन के साथ बिजनेस रिलेशनशिप के आरोप लगे थे. गुरुंग ने अपने इस्तीफे की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए सबके साथ शेयर की. उन्होंने बहुत ही इमोशनल पोस्ट करते हुए लिखा कि उनके लिए पद से कहीं ज्यादा जरूरी नैतिकता और जनता का भरोसा है. उन्होंने कहा कि उनके पद पर रहते हुए निष्पक्ष जांच में बाधा आ सकती थी, इसलिए उन्होंने खुद को इस जिम्मेदारी से अलग कर लिया है.
जेन-जी का असर
गुरुंग ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा- मेरे उन 46 भाई-बहनों के बलिदान से बनी सरकार पर अगर कोई सवाल उठाता है, तो उसका जवाब सिर्फ नैतिकता ही हो सकती है. आपको बता दें कि नेपाल में हाल के महीनों में Gen Z का एक बड़ा आंदोलन देखने को मिला, जो सरकार से ट्रांसपेरेंसी और जवाब की मांग कर रहा है. गुरुंग खुद पिछले साल सितंबर में इस आंदोलन के दौरान काफी एक्टिव थे, जहां उन्हें प्रदर्शनकारियों को पानी की बोतलें बांटते देखा गया था. उन्होंने कहा कि यंगस्टर्स का ये मैसेज क्लियर है कि पब्लिक लाइफ साफ-सुथरा होनी चाहिए और लीडरशिप को जवाबदेह होना ही होगा.
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बालेन शाह का मोर्चा
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह के सचिवालय ने पुष्टि की है कि गुरुंग का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है. फिलहाल, गृह मंत्रालय का कार्यभार प्रधानमंत्री ने खुद अपने पास रखा है. दिलचस्प बात ये है कि बालेन शाह की सरकार भ्रष्टाचार विरोधी इमेज और पुराने राजनीतिक घरानों के विरोध के दम पर सत्ता में आई है. गुरुंग ने ही बालेन शाह और टीवी जर्नलिस्ट से नेता बने रवि लामिछाने के बीच गठबंधन कराने में अहम रोल निभाया था.
सफाई अभियान
नेपाल सरकार में ये पहली बार नहीं है जब किसी मंत्री पर गाज गिरी हो. इससे पहले 9 अप्रैल को श्रम मंत्री दीप कुमार साह को भी पद से हटा दिया गया था. उन पर आरोप था कि उन्होंने अपनी पत्नी को हेल्थ इंश्योरेंस बोर्ड में दोबारा अपॉइन्ट करने के लिए अपनी पोस्ट का गलत फायदा उठाया था. हालांकि, नेपाल की इस नई सरकार के लिए ये दौर काफी चैलेंजिंग है. एक तरफ जनता की उम्मीदें हैं और दूसरी तरफ अपने ही मंत्रियों पर लग रहे आरोप. अब गुरुंग का ये कदम राजनीति में नैतिकता की एक नई मिसाल पेश करता है या ये सिर्फ जांच से बचने का एक तरीका है, ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा.
समाचार स्रोत: पीटीआई
