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Ghazwa-e-Hind: दिल्ली पुलिस ने देश को दहलाने की साजिश को नाकाम कर आतंकियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया. तीन राज्यों से चार आतंकियों को गिरफ्तार किया गया.
Ghazwa-e-Hind: दिल्ली पुलिस ने देश को दहलाने की साजिश को नाकाम कर आतंकियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया. तीन राज्यों से चार आतंकियों को गिरफ्तार किया गया. आतंकियों ने रिमोट कंट्रोल कार से भीड़-भाड़ वाली जगहों पर हमले की योजना बनाई थी. पूरा ऑपरेशन गजवा-ए-हिंद से प्रेरित था. हमले के लिए आतंकी कई जगहों की रेकी कर रहे थे. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े खुफिया ऑपरेशन में महाराष्ट्र, ओडिशा और बिहार से चार आतंकियों को गिरफ्तार कर देश को दहलाने की साजिश का पर्दाफाश किया है. ये आरोपी ‘खुरासान के लश्कर’ और ‘गज़वा-ए-हिंद’ जैसी चरमपंथी विचारधाराओं से प्रेरित थे. दो आरोपी भीड़-भाड़ वाली जगहों पर IED से लैस एक रिमोट खिलौना कार को रखने की योजना बना रहे थे.
IED और विस्फोटक सामग्री जब्त
पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि पकड़े गए आरोपी एन्क्रिप्टेड ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के माध्यम से सक्रिय थे. इन माध्यमों का उपयोग चरमपंथी विचारधारा के प्रचार-प्रसार और नए सदस्यों को जोड़ने के लिए किया जा रहा था. पुलिस ने उनके पास से IED और अन्य विस्फोटक सामग्री जब्त की है. अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों ने कुछ संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां की रेकी भी की थी.दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने विभिन्न राज्यों के साथ समन्वय स्थापित कर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया. पुलिस अधिकारी ने बताया कि एक आरोपी ने युवाओं को कट्टरपंथी बनाने के लिए काले झंडे के साथ लाल किले की तस्वीर साझा की.
एक ने दिसंबर 2025 में किया था दिल्ली का दौरा
जांच से पता चला कि एक आरोपी ने दिसंबर 2025 में दिल्ली का दौरा किया था और लाल किला व इंडिया गेट सहित प्रमुख स्थानों की टोह ली थी. जांचकर्ताओं ने कहा कि मॉड्यूल ने अयोध्या में राम मंदिर, संसद भवन और कुछ सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमलों पर भी चर्चा की थी. सुरक्षा एजेंसियों का मानना था कि आतंकियों का इरादा भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर हमला कर दहशत फैलाना था. अधिकारी ने बताया कि सभी चार आरोपी मोसैब अहमद, मोहम्मद हम्माद, मोहम्मद सोहेल और शेख इमरान सामान्य सामाजिक व आर्थिक पृष्ठभूमि से हैं. मामला दर्ज कर लिया गया है. उनके सहयोगियों, संचालकों और व्यापक नेटवर्क की पहचान करने के लिए आगे की जांच की जा रही है.
आजमगढ़ का रहने वाला है मोसैब
मोसैब ने पहले खाड़ी देशों में एक ऑटो इलेक्ट्रीशियन के रूप में काम किया था. उसने अपने तकनीकी कौशल का उपयोग करके आईईडी से लैस रिमोट नियंत्रित कार को डिजाइन किया था. मोसैब अहमद उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ का रहने वाला है. उसने 10वीं कक्षा तक पढ़ाई की है. वर्तमान में वह ठाणे में एक निजी ऑटोमोबाइल वर्कशॉप में काम कर रहा था. मोहम्मद हम्माद मुंबई का निवासी है. वह पत्राचार माध्यम से 12वीं की पढ़ाई कर रहा है. शेख इमरान का जन्म ओडिशा के भुवनेश्वर में एक निम्नवर्गीय घर में हुआ है. उसने 10वीं कक्षा तक पढ़ाई की. इसके बाद सुरक्षा गार्ड और डिलीवरी ब्वाय के रूप में काम किया. 2024 में उसने तारिक जमील, इसरार अहमद, जाकिर नाइक की तकरीर सुनना शुरू किया और कट्टरपंथी हो गया.
युवाओं को उकसाता था सोहेल
शेख इमरान ने राम मंदिर, संसद और सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने पर चर्चा की. उसने लाल किले और इंडिया गेट की रेकी के लिए दिसंबर 2025 में दिल्ली का दौरा भी किया. मोहम्मद सोहेल बिहार के कटिहार का रहने वाला है . वह पेशे से प्लंबर है. उसने भी 10वीं कक्षा तक पढ़ाई की. अधिकारी ने बताया कि वह इसरार अहमद के भाषणों से प्रभावित था. उसने कई सोशल मीडिया अकाउंट बनाए और जिहाद के नाम पर युवाओं को उकसाया. मार्च 2026 में उसने अपने चैनल के अनुयायियों को गजवा-ए-हिंद के लिए हथियार और विस्फोटक इकट्ठा करने के लिए उकसाया. उसने जिहाद के नाम पर पैसे इकट्ठा करने के लिए अपना बैंक खाता व क्यूआर कोड साझा किया. उसके पास से कई मोबाइल फोन और डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए हैं.
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समाचार स्रोत: पीटीआई
