Home Latest News & Updates ब्रिटेन की विदेश सचिव का चीन व भारत दौरा

ब्रिटेन की विदेश सचिव का चीन व भारत दौरा

by Live India
Yvette Cooper

यवेटे कूपर: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ब्रिटेन की विदेश सचिव यवेट कूपर (Yvette Cooper) भारत के दौरे पर आ रही हैं. भारत आने से पहले वह सोमवार को चीन का दौरा करेंगी. ईरान और अमेरिका के बीच जारी इस तनाव के बीच ब्रिटेन की विदेश सचिव की इस यात्रा को प्रमुख माना जा रहा है.

न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन की विदेश सचिव यवेट कूपर सोमवार को चीन की यात्रा करेंगी और उसके बाद भारत के दौर पर आएंगी. यह दो देशों का दौरा सबसे महत्वपूर्ण ग्लोबल चुनौतियों से निपटने और सहयोग को मजबूत करने पर केंद्रित है. बता दें कि भारत और ब्रिटेन का रिश्ता कई मुद्दों में काफी अहम रहा है. एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत और ब्रिटेन के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2025 में बढ़कर 47.4 बिलियन पाउंड हो गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 11.7 प्रतिशत की वृद्धि है.

इन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

लंदन में विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (एफसीडीओ) ने कहा कि दो प्रमुख शक्तियों के साथ मंत्रिस्तरीय बैठकों में होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति, रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण और अफ्रीका में इबोला के प्रकोप जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है. जानकारी के अनुसार, गुरुवार को कूपर देश के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगी. उसके बाद वे व्यापार जगत और शिक्षा जगत के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करेंगी.

एफसीडीओ ने कहा, “विदेश सचिव (कूपर) भारत में होंगी, जहां वह विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगी और उन उद्यमियों, शिक्षाविदों और सरकारी भागीदारों से भी मिलेंगी जो यूके-इंडिया विजन 2035 को साकार करने में लगे हुए हैं.” उनकी दिल्ली यात्रा द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर पिछले साल जुलाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके ब्रिटिश समकक्ष कीर स्टारमर द्वारा हस्ताक्षर किए जाने के लगभग एक साल बाद हो रही है.

चीन में इन नेताओं से ब्रिटेन की विदेश सचिव की मीटिंग

जानकारी के अनुसार, बीजिंग में रहते हुए, ब्रिटेन की विदेश सचिव उपराष्ट्रपति हान झेंग और विदेश मंत्री वांग यी के साथ चर्चा करेंगी. इसके बाद कूपर बुधवार को शेनझेन में विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर केंद्रित एक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए जाएंगी और फिर भारत के लिए रवाना होंगी. वहीं, दक्षिण एशिया की उनकी यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया और यूरोप में चल रहे संघर्षों के बीच वैश्विक स्तर पर काफी उथल-पुथल मची हुई है. इससे दुनिया की सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की विकास संभावनाएं प्रभावित हो रही हैं.

इजरायल का लेबनान के ऐतिहासिक ब्यूफोर्ट महल पर कब्जा, हिजबुल्लाह के ठिकानों को सेना ने किया ध्वस्त

समाचार स्रोत: पीटीआई

Related Articles