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सुरक्षित हैं दान किए गए 30 किलो सोना

by Live India
सुरक्षित हैं दान किए गए 30 किलो सोना

राम मंदिर: राम मंदिर दान में हुई हेराफेरी के विवादों के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने मंगलवार को बड़ा बयान दिया है. उन्होंने बताया कि ट्रस्ट के पास अभी 30 किलोग्राम से ज़्यादा सोने की चीज़ें और 1,518 किलोग्राम से ज़्यादा चांदी की चीज़ें हैं, जो भक्तों ने दान की हैं. गिरी ने PTI को बताया कि मंदिर को दान की गई सभी 2,926 कीमती चीज़ें सुरक्षित हैं और उनका रिकॉर्ड रखा गया है. उन्होंने दान की जानकारी तब दी जब ट्रस्ट ने सोमवार को मीडिया के सामने मंदिर में चढ़ाई गई कई चीज़ें दिखाईं, जैसे सोने की ‘रामचरितमानस’ और हीरे जड़ा हार. चांदी की ‘चरण पादुका’ और चांदी की ‘काकभुशुंडि’ की कलाकृति भी दिखाई गईं. हालांकि दावा किया गया था कि ये चीज़ें गायब हैं या इनका कोई हिसाब-किताब नहीं है.

गायब होने के दावों को ट्रस्ट ने किया खारिज

ट्रस्ट ने बताया कि इन कीमती चीज़ों में सोना, चांदी और हीरे जड़े गहने, कलाकृतियां, मुकुट, हार, चरण पादुका, चांदी की ईंटें और राम मंदिर के उद्घाटन के बाद से भक्तों द्वारा भेंट की गई अन्य चीज़ें शामिल हैं. उन्होंने दावा किया कि दान की गई हर चीज़ का विवरण, दान की तारीख और अन्य ज़रूरी रिकॉर्ड के साथ दर्ज किया गया है. अनीता भारद्वाज नाम की एक भक्त द्वारा दान की गई चांदी की काकभुशुंडी कलाकृति का ज़िक्र करते हुए गिरी ने दावा किया कि दान की गई कुछ चीज़ें, जिन पर अटकलें लगाई जा रही थीं, मंदिर की कस्टडी में सुरक्षित हैं.

गिरी ने बताया कि ट्रस्ट को 31 मार्च, 2024 तक 16.765 किलोग्राम सोने जैसी चीज़ें मिलीं, 2024-25 के दौरान 10.445 किलोग्राम और 2025-26 के दौरान 5.050 किलोग्राम चीज़ें मिलीं, जिससे 31 मार्च, 2026 तक कुल मात्रा 32.259 किलोग्राम हो गई. उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के पास मौजूद चांदी में वे चांदी की चीज़ें शामिल हैं जिन्हें उनके मूल रूप में रखा गया है, साथ ही 849.272 किलोग्राम रिफाइंड चांदी भी है जो दान की गई चांदी की चीज़ों को सरकारी देखरेख में पिघलाने और रिफाइन करने के बाद मिली है. ट्रस्ट की इन्वेंट्री का विवरण देते हुए गिरी ने बताया कि 31 मार्च, 2026 तक उनके पास 1,518.925 किलोग्राम चांदी और चांदी जैसी चीज़ें थीं, जिनमें 849.272 किलोग्राम रिफाइंड चांदी और 32.259 किलोग्राम सोने जैसी चीज़ें शामिल थीं.

चढ़ावे की एक-एक तारीख और विवरण दर्ज

उन्होंने दावा किया कि दान में मिली सभी चीज़ों का रिकॉर्ड रखा गया और एक स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म से हर साल उनकी फिजिकल वेरिफिकेशन (मौके पर जाकर जांच) कराई गई. उन्होंने बताया कि रिफाइनिंग के लिए भेजी गई चांदी की चीज़ों की प्रोसेसिंग भारत सरकार की टकसाल (मिंट) में की गई और उनकी तस्वीरें, वज़न का रिकॉर्ड व शुद्धता के सर्टिफ़िकेट रखे गए. साथ ही, दान देने वाले हर व्यक्ति को दान की गई चीज़ के लिए रसीद दी गई. गिरी ने कहा कि अगर किसी के पास गड़बड़ी का कोई सबूत है, तो उसे बिना पुष्टि किए आरोप लगाने के बजाय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को सौंपना चाहिए.

SIT जांच में सहयोग करेगा ट्रस्ट

सोमवार को हुई बैठक में ट्रस्ट ने दान में हेराफेरी के आरोपों को लेकर हुए विवाद के बाद अपने प्रशासनिक और वित्तीय सिस्टम को मज़बूत करने का फ़ैसला किया. दस्तावेज़ों से यह भी पता चलता है कि ट्रस्ट गहनों, कीमती धातुओं और दूसरी कीमती चीज़ों के लिए अलग-अलग इन्वेंट्री और रजिस्टर रखता है. इसके साथ ही ट्रस्ट अपनी संपत्ति और दान में मिली चीज़ों की कीमत, अकाउंटिंग रिकॉर्ड और उनकी विस्तृत सूची भी रखता है. ट्रस्ट ने कहा कि सभी कीमती चीज़ों का हिसाब-किताब सही ढंग से रखा गया था. उसने कहा कि ट्रस्ट कथित गड़बड़ियों की SIT जांच में सहयोग करेगा और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ़ कानून के मुताबिक कार्रवाई करेगा.

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समाचार स्रोत: पीटीआई

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