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गुजरात एशियाई खेलों के प्रतिभागी: गुजरात खेलों के क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है. राज्य ने अब एशियन गेम्स 2026 से पहले एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है. जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले 20वें एशियाई खेलों के लिए गुजरात के रिकॉर्ड 9 खिलाड़ियों का भारतीय दल में चयन हुआ है, जबकि एक खिलाड़ी को रिजर्व के रूप में शामिल किया गया है. यह गुजरात के खेल इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानी जा रही है. वर्ष 2014 में आयोजित एशियन गेम्स में गुजरात से केवल तीन खिलाड़ी भारतीय टीम का हिस्सा थे, लेकिन महज 12 वर्षों में यह संख्या बढ़कर तीन गुना हो गई है.
ये खिलाड़ी करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व
इससे साफ है कि राज्य में खेलों के प्रति बढ़ती जागरूकता, आधुनिक प्रशिक्षण व्यवस्था और सरकार की खेल नीति के सकारात्मक परिणाम अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखाई देने लगे हैं. जापान के आइची और नागोया शहरों में आयोजित होने वाले एशियन गेम्स में गुजरात के खिलाड़ी अलग-अलग खेलों में भारत की चुनौती को मजबूत करेंगे. भारतीय टीम में चयनित खिलाड़ियों में विश्वस्तरीय शूटर इलावेनिल वलारिवन, टेबल टेनिस खिलाड़ी हरमीत देसाई, मानव ठक्कर और मानुष शाह, सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ी अनिकेत पटेल, तैराक आर्यन नेहरा, टेनिस खिलाड़ी अंकिता रैना और वैदेही चौधरी तथा स्प्रिंटर देवयानी झाला शामिल हैं. इसके अलावा टेनिस खिलाड़ी जील देसाई को रिजर्व खिलाड़ी के रूप में भारतीय टीम में जगह मिली है. इन खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है और अब उनसे एशियन गेम्स में भी पदक की उम्मीद की जा रही है.
हर खेल में पहचान बना रहा गुजरात
गुजरात से इतनी बड़ी संख्या में खिलाड़ियों का चयन केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि राज्य में पिछले डेढ़ दशक से खेलों के लिए किए गए निवेश, योजनाओं और खिलाड़ियों को दिए गए प्रोत्साहन का परिणाम है. एक समय ऐसा था जब गुजरात को केवल क्रिकेट प्रेमी राज्य के रूप में देखा जाता था, लेकिन आज शूटिंग, टेबल टेनिस, तैराकी, टेनिस, एथलेटिक्स और सॉफ्ट टेनिस जैसे कई खेलों में राज्य के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं. यही वजह है कि गुजरात अब धीरे-धीरे मल्टी-स्पोर्ट्स पावरहाउस के रूप में उभर रहा है. इस उपलब्धि पर उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि गुजरात में खेल प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की मजबूत नींव तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल के दौरान रखी थी. उन्होंने खेल महाकुंभ, शक्तिदूत योजना और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने जैसी कई पहल शुरू की थीं.
चैंपियन तैयार करना है उद्देश्य
इन योजनाओं का उद्देश्य गांव और छोटे शहरों में छिपी प्रतिभाओं को खोजकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना था. आज उन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि गुजरात के खिलाड़ी दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजनों में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. हर्ष संघवी ने कहा कि राज्य सरकार खेलों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है. सरकार केवल खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्वस्तरीय कोचिंग, आधुनिक स्पोर्ट्स साइंस, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं और प्रतियोगिताओं के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है. राज्य का उद्देश्य केवल खिलाड़ियों की संख्या बढ़ाना नहीं बल्कि ऐसे चैंपियन तैयार करना है जो ओलंपिक, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे बड़े आयोजनों में देश के लिए पदक जीत सकें.
गुजरात करेगा कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी
वर्ष 2030 में गुजरात कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करने जा रहा है. इसके लिए राज्य में विश्वस्तरीय स्टेडियम, खेल परिसर और अन्य आवश्यक अधोसंरचना विकसित की जा रही है. सरकार का मानना है कि इस आयोजन से गुजरात को वैश्विक खेल मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी और राज्य के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं अपने ही राज्य में उपलब्ध होंगी. पिछले एक दशक के दौरान गुजरात ने ओलंपिक, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में अपना प्रतिनिधित्व लगातार बढ़ाया है. खिलाड़ियों की उपलब्धियों के साथ-साथ खेलों के प्रति युवाओं का रुझान भी तेजी से बढ़ा है. खेल महाकुंभ जैसे आयोजनों ने लाखों युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच दिया है, जबकि सरकारी योजनाओं ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए आर्थिक और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई है. यही कारण है कि आज गुजरात के खिलाड़ी केवल राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं.
अब पूरे देश की निगाहें 19 सितंबर से शुरू होने वाले एशियन गेम्स पर टिकी होंगी. गुजरात के नौ खिलाड़ी भारत के लिए विभिन्न स्पर्धाओं में पदक जीतने की चुनौती पेश करेंगे. यदि ये खिलाड़ी अपने प्रदर्शन से देश को पदक दिलाने में सफल होते हैं तो यह न केवल गुजरात बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व का विषय होगा. खेल विशेषज्ञों का मानना है कि जिस तरह गुजरात में खेलों का विकास हो रहा है, आने वाले वर्षों में राज्य से और भी अधिक खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करते नजर आएंगे. एशियन गेम्स 2026 गुजरात के लिए केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि राज्य की खेल क्रांति और नई खेल संस्कृति का सबसे बड़ा प्रमाण बनने जा रहे हैं.
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समाचार स्रोत: पीटीआई
