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Basant Panchami Snan: बसंत पंचमी पर अब तक 1 करोड़ श्रद्धालू संगम में स्नान कर चुके हैं और आज पूरे दिन लगभग 3.5 करोड़ लोगों के स्नान करने का अनुमान है.
22 जनवरी, 2026
प्रयागराज के माघ मेले में आज बसंत पंचमी के दिन पवित्र स्नान करने के लिए आस्था का सैलाब उमड़ा है. कड़ाके की ठंड़ में क्षद्धालू संगम में डुबकी लगा रहे हैं. अब तक 1 करोड़ श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके हैं. सभी भक्त स्नान करने के बाद घाट पर दीया जलाकर प्रार्थना कर रहे हैं. प्रयागराज मेला अथॉरिटी के एक अधिकारी ने बताया कि गुरुवार देर रात से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम इलाके में पहुंचने लगे थे और शुक्रवार सुबह 8 बजे तक करीब 1.04 करोड़ लोगों ने गंगा और संगम में स्नान किया. आज पूरे दिन लगभग 3.5 करोड़ लोगों के स्नान करने का अनुमान है.
वीडियो | प्रयागराज, उत्तर प्रदेश: चल रहे माघ मेले के बीच बसंत पंचमी के अवसर पर सूर्योदय के समय पवित्र स्नान करने के लिए श्रद्धालु संगम घाट पर उमड़ पड़े।#बसंतपंचमी2026 #प्रयागगज मुझे समझ नहीं आ रहा कि क्या करूं।
(पूरा वीडियो पीटीआई वीडियो पर उपलब्ध है – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/ytraGtakX5
– प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 23 जनवरी 2026
चप्पे-चप्पे पर नजर
पुलिस सुपरिटेंडेंट (माघ मेला) नीरज पांडे ने कहा कि भक्तों की सुरक्षा और ट्रैफिक को आसान बनाने के लिए मेला एरिया में 10,000 से ज़्यादा पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है. उन्होंने कहा कि भीड़ मैनेजमेंट और ट्रैफिक फ्लो को ध्यान में रखते हुए, इस साल 42 टेम्पररी पार्किंग की जगहें बनाई गई हैं, जिनमें एक लाख से ज़्यादा गाड़ियों को खड़ा करने की कैपेसिटी है, और माघ मेला 2025-26 के लिए सभी बेसिक सुविधाओं वाले स्नान घाट बनाए गए हैं. पुलिस के अलावा वहीं मेले में PAC, RAF, BDS, UP ATS कमांडो और इंटेलिजेंस एजेंसियां भी तैनात हैं. माघ मेला एरिया का हर इंच सर्विलांस में है, CCTV और ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है.
माघ मेले की सुविधाएं
डिविजनल कमिश्नर सौम्या अग्रवाल ने कहा कि माघ मेला सात सेक्टरों में 800 हेक्टेयर में आयोजित किया गया है. मेला एरिया में 25,000 से ज़्यादा टॉयलेट बनाए गए हैं और 3,500 से ज़्यादा सफ़ाई कर्मचारी तैनात किए गए हैं. अग्रवाल ने कहा कि माघ मेले में उन भक्तों के लिए एक टेंट सिटी बनाई गई है जो थोड़े समय के लिए ‘कल्पवास’ करना चाहते हैं, जिसमें मेडिटेशन और योग की सुविधाएं हैं. उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रियों के आने-जाने को आसान बनाने के लिए बाइक टैक्सी और गोल्फ कार्ट भी उपलब्ध कराई गई हैं.
क्यों खास है बसंत पंचमी
तीर्थ पुरोहित राजेंद्र मिश्रा ने कहा कि प्रयागराज में बसंत पंचमी का खास महत्व है क्योंकि माना जाता है कि यह शहर गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती का संगम है. उन्होंने कहा कि इस दिन पारंपरिक रूप से पीले कपड़े पहने जाते हैं, पीली चीजें दान की जाती हैं और देवी सरस्वती की पूजा की जाती है. यह त्योहार मौसम में बदलाव का भी संकेत देता है और इसे एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के रूप में मनाया जाता है, जिसमें लोग गुलाल लगाते हैं और वसंत की शुरुआत से जुड़े रीति-रिवाजों का पालन करते हैं.
समाचार स्रोत:-पीटीआई
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