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Iran War : मिडिल ईस्ट में युद्ध शुरू होने के बाद ईरान में 3300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. मरने वालों में 283 बच्चे और 496 महिलाएं शामिल हैं. इसके अलावा ईरान ने अमेरिका से होने वाली बातचीत को लेकर भी बयान दिया.
20 अप्रैल 2026
ईरान युद्ध: ईरान-अमेरिका और इजरायल युद्ध में अभी तक 3,375 लोगों की मौत हो चुकी है. ईरान ने सोमवार को बताया कि युद्ध में मारे गए लोगों की यह एक नई संख्या है. यह आंकड़ा देश के ‘लीगल मेडिसिन ऑर्गनाइज़ेशन’ के प्रमुख अब्बास मसजेदी ने दिया है. वहीं, मसजेदी के हवाले से स्थानीय मीडिया ने बताया कि मरने वालों में से अभी तक चार लोगों की पहचान नहीं की जा सकी है. हालांकि, फोरेंसिक टीम पहचानने के लिए कड़ियां जोड़ने का काम कर रही है. हालांकि, उन्होंने उनके आंकड़ों में सुरक्षा बलों के हताहत होने का ब्योरा शामिल नहीं है.
अब्बास मसजेदी ने बताया है कि मारे गए लोगों में 2,875 पुरुष और 496 महिलाएं शामिल हैं. मसजेदी ने यह भी बताया कि मरने वालों में 283 बच्चे भी शामिल हैं जिनकी उम्र 18 वर्ष से कम है. ईरान का कहना है कि दुश्मन देश यह दावा करते रहे हैं कि वह सिर्फ परमाणु और मिलिट्री ठिकानों को निशाना बना रहे हैं. लेकिन उन्होंने रिहायशी इलाकों में भी बमबारी की है.
क्या दोबारा होगी US-ईरान में बातचीत
इसके अलावा ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में जहां एक तरफ बातचीत की मेज सज रही है तो वहीं, ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका ने उसके एक व्यापारिक जहाज टॉस्का को अपने कब्जे में ले लिया है. इस पर ईरान ने कहा है कि वह इसका जवाब जरूर देगा और अब की बार हमला भयंकर होगा. वहीं, ईरान ने यह भी कहा कि अमेरिका लगातार सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है और अब इसको खत्म होने में दो दिन बचे हैं.
कार्गो जहाज पर किया हमला
ईरान ने जिस तरह के आरोप लगाए हैं, उससे पता चलता है कि वह अमेरिका से बातचीत के लिए कंफर्टेबल नहीं है. साथ मीडिया की खबरों में यह भी दावा किया जा रहा है कि ईरान ने इस्लामाबाद में होने जा रही बातचीत में हिस्सा लेने से मना कर दिया है. ईरान ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने ईरानी झंडे वाले कार्गो जहाज पर हमला किया है और फिर नेविगेशन सिस्टम को निष्क्रिय किया. इसके बाद वह जहाज पर चढ़ गए.
ईरान की सरकारी मीडिया IRNA ने रविवार को स्पष्ट किया है कि इस्लामाबाद में अमेरिका से दूसरे दौर की बातचीत को लेकर जो खबरें चल रही हैं, वह पूरी तरह से झूठ है. ईरान ने बातचीत वाली खबरों को लेकर कहा कि यह अमेरिका द्वारा प्रचारित किया जा रहा है और उनका मकसद सिर्फ तेहरान पर दबाव बनाना है.
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समाचार स्रोत: पीटीआई
