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कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री से मांगा इस्तीफा

by Live India
कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री से मांगा इस्तीफा

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NEET Exam: NEET परीक्षा रद्द होने पर कांग्रेस हमलावर हो गई है. वरिष्ठ कांग्रेस नेता एम वीरप्पा मोइली ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की है.

12 मई 2026

नीट परीक्षा: NEET परीक्षा रद्द होने पर कांग्रेस हमलावर हो गई है. वरिष्ठ कांग्रेस नेता एम वीरप्पा मोइली ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की है. उन्होंने कहा कि नैतिकता के आधार पर प्रधान को इस्तीफा दे देना चाहिए और सरकार द्वारा गहन जांच का आदेश दिया जाना चाहिए.पेपर लीक के आरोपों के बीच राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने मंगलवार को 3 मई को आयोजित NEET (UG) 2026 परीक्षा रद्द कर दी. मेडिकल कॉलेजों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश पाने के इच्छुक छात्रों के लिए अब परीक्षा बाद में आयोजित की जाएगी. पूर्व कानून मंत्री मोइली ने कहा कि NEET पेपर के लीक होने के बारे में सुनना काफी चौंकाने वाला है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA), जो NEET परीक्षा आयोजित करती है, परीक्षा प्रक्रिया की अखंडता और सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रही है. उन्होंने कहा कि ऐसा दूसरी बार हो रहा है और इससे लाखों छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है.

छात्रों से माफी मांगे केंद्र सरकार

मोइली ने कहा कि मैं समझता हूं कि मामला जांच के लिए सीबीआई को सौंपा गया है. मुझे लगता है कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है और जांच एनआईए द्वारा की जानी चाहिए. कहा कि इस तरह के लीक से संबंधित लोगों से बेहद गंभीरता से निपटना होगा. उन्होंने कहा कि केवल एनटीए के भीतर अधिकारियों को दंडित करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिक्षा मंत्री और संबंधित अधिकारियों के लिए जिम्मेदारी लेना और तुरंत इस्तीफा देना भी जरूरी है. NEET परीक्षा रद्द करने पर केंद्र पर हमला करते हुए कांग्रेस और बीआरएस ने मंगलवार को कहा कि केंद्र की एनडीए सरकार को अपनी विफलता की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और छात्रों व उनके अभिभावकों से माफी मांगनी चाहिए. हजारों छात्रों और अभिभावकों ने रद्दीकरण पर गहरी निराशा व्यक्त की.

छात्रों के भविष्य से खिलवाड़

कांग्रेस के लोकसभा सदस्य चमाला किरण कुमार रेड्डी ने कहा कि एनटीए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री को रद्दीकरण की जिम्मेदारी लेनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली राजग सरकार विभिन्न चीजों के बारे में बड़े-बड़े दावे करती है लेकिन प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित करने सहित बुनियादी जरूरतों को सुनिश्चित करने में विफल रहती है. उन्होंने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों को डॉक्टर के रूप में देखने की उम्मीद में कोचिंग पर बहुत पैसा खर्च करते हैं. ये पेपर लीक छात्रों के भविष्य को नुकसान पहुंचाते हैं. इसलिए, केंद्र को भविष्य में अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए. केंद्र को माफी मांगनी चाहिए. उन्होंने मांग की कि केंद्र पेपर लीक मामले को पूरी गंभीरता से ले.

परीक्षा रद्द होने पर रो पड़ा एक अभ्यर्थी

इस बीच, नीट परीक्षा देने वाला एक अभ्यर्थी परीक्षा रद्द होने पर रो पड़ा. नाम न छापने की शर्त पर पीटीआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मुझे भोजन और नींद का त्याग करते हुए फिर से इस प्रक्रिया से गुजरना होगा. उनकी मां ने कहा कि छात्रों और अभिभावकों के लिए परीक्षा की तैयारी की प्रक्रिया को फिर से दोहराना वास्तव में कठिन है. उन्होंने कहा कि सरकार को पेपर लीक रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए. इसी तरह की भावना व्यक्त करते हुए एक अन्य छात्रा मेघना ने कहा कि परीक्षा रद्द करना उसके लिए अचानक से एक झटका है क्योंकि वह वर्तमान में NEET की कड़ी तैयारी के बाद अपने दादा-दादी के साथ समय बिता रही है.

समाचार स्रोत: पीटीआई

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