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स्वर्ण महिला: पेपर लीक के खिलाफ आमरण अनशन पर बैठे शिक्षाविद और समाजसेवी सोनम वांगचुक के समर्थन में देशभर के करीब 60 सांसद आगे आए हैं. आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने बुधवार को जानकारी दी कि विभिन्न दलों के लगभग 60 सांसदों ने एक संयुक्त पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसे बुधवार शाम 6 बजे सोनम वांगचुक को सौंपा जाएगा. इस पत्र के जरिए सांसद उनसे अपना आमरण अनशन समाप्त करने का अनुरोध करेंगे, जबकि युवाओं के मुद्दों पर चल रहे आंदोलन को जंतर-मंतर से मजबूती के साथ जारी रखने की अपील भी करेंगे.
सरकार को वांगचुक के स्वास्थ्य की चिंता नहीं
संजय सिंह ने कहा कि सोनम वांगचुक पिछले 24 दिनों से आमरण अनशन पर हैं और उनका स्वास्थ्य लगातार चिंता का विषय बना हुआ है. उनका कहना है कि वांगचुक देश के करोड़ों युवाओं की आवाज बनकर पेपर लीक के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को उनके स्वास्थ्य की भी कोई चिंता नहीं दिखाई दे रही है. उन्होंने कहा कि पेपर लीक के मामलों को लेकर देशभर के युवाओं में भारी नाराजगी है. साथ ही, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर सरकार की चुप्पी ने छात्रों और युवाओं के आक्रोश को और बढ़ा दिया है. संजय सिंह के मुताबिक, यही वजह है कि विभिन्न दलों के सांसदों ने एकजुट होकर सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील करने का फैसला किया है.
छात्रों के साथ दुश्मन देश के नागरिकों जैसा वर्तावः संजय
संजय सिंह ने हाल ही में हुए युवाओं के संसद मार्च का भी उल्लेख किया. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ पुलिस ने कठोर कार्रवाई की. उनके मुताबिक, प्रदर्शनकारियों को ऐसे खदेड़ा गया जैसे वे किसी दुश्मन देश के नागरिक हों. उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, लाठीचार्ज किया और कई छात्रों को गंभीर चोटें आईं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सादी वर्दी में मौजूद कुछ लोगों ने हेलमेट पहनकर और चेहरा ढककर प्रदर्शनकारियों पर कील लगे डंडों से हमला किया. आम आदमी पार्टी के सांसद ने कहा कि यह आंदोलन अब केवल कुछ छात्रों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे देश का जन आंदोलन बन चुका है.
वांगचुक का जीवन देश के लिए महत्वपूर्ण
उन्होंने कहा कि सांसदों का मानना है कि सोनम वांगचुक का जीवन देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. इसलिए उनसे आग्रह किया जाएगा कि वे अपना आमरण अनशन समाप्त करें ताकि वे लंबे समय तक युवाओं की इस लड़ाई का नेतृत्व कर सकें. संजय सिंह ने बताया कि फिलहाल करीब 60 सांसदों ने पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं और कुछ अन्य सांसदों के हस्ताक्षर अभी होने बाकी हैं. शाम छह बजे सांसदों का प्रतिनिधिमंडल यह पत्र लेकर सोनम वांगचुक से मिलेगा और उनसे अनशन समाप्त करने का अनुरोध करेगा. साथ ही यह भी अपील करेगा कि जंतर-मंतर से युवाओं के हितों और पेपर लीक के खिलाफ चल रहे आंदोलन को पहले की तरह मजबूती से जारी रखा जाए. आम आदमी पार्टी का कहना है कि देशभर के युवा इस आंदोलन के साथ खड़े हैं और सांसदों की यह पहल भी इसी उद्देश्य से की जा रही है कि आंदोलन जारी रहे, लेकिन सोनम वांगचुक का स्वास्थ्य और जीवन सुरक्षित बना रहे.
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- दिल्ली से शालिनी झा की रिपोर्ट
