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DMK की विपक्ष को खुली चुनौती

by Live India
DMK की विपक्ष को खुली चुनौती

डीएमके: तमिलनाडु में द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) ने कांग्रेस के साथ भविष्य में किसी भी तरह के गठबंधन से इनकार किया है. कांग्रेस के साथ भविष्य में किसी भी तरह के समझौते से इनकार करते हुए वरिष्ठ द्रमुक नेता आरएस भारती ने रविवार को कांग्रेस पर तीखा हमला किया. उन्होंने गठबंधन से बाहर निकलने की तुलना व्यभिचार से की और कहा कि द्रविड़ नेता कभी भी दलबदलुओं का स्वागत नहीं करेंगे. भारती ने कहा कि हम उस गठबंधन में नहीं हैं जहां कांग्रेस मौजूद है. भारती ने प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी चुनौती भी दी. उन्होंने प्रतिद्वंद्वियों को आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में एक भी मेयर सीट जीतने की चुनौती दी.

कांग्रेस को कभी स्वीकार नहीं करेंगे कार्यकर्ता

उन्होंने जनवरी के शुरू में चुनाव कराने की मांग की. उन्होंने चैलेंज किया कि छह महीने में चुनाव कराएं, यदि वे एक भी मेयर पद जीत सकते हैं, तो मैं विपक्ष की ताकत स्वीकार करूंगा. द्रमुक के प्रदर्शन और गठबंधन के बारे में कांग्रेस नेता मनिकम टैगोर की आलोचनात्मक टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर भारती ने टैगोर को पहले अपनी जीत पर आत्मचिंतन करने की सलाह दी. वरिष्ठ द्रमुक नेता ने कहा कि जमीनी स्तर के पार्टी कार्यकर्ता कभी भी कांग्रेस को वापस स्वीकार नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य के बावजूद द्रमुक वैचारिक रूप से समझौताहीन बनी हुई है और भविष्य में भाजपा के साथ गठबंधन करने से दृढ़ता से इनकार करती है.

बार-बार पाला बदलने वाले राजनेताओं पर कटाक्ष करते हुए भारती ने कहा कि आया राम- गया राम संस्कृति, जिसने ऐतिहासिक रूप से हरियाणा जैसे उत्तरी राज्यों को प्रभावित किया है, अब तमिलनाडु में अपना चेहरा दिखा रही है. पूर्व अन्नाद्रमुक नेताओं और भाजपा व नवगठित पार्टियों में शामिल होने वाले अन्य राजनेताओं पर निशाना साधते हुए भारती ने कहा कि जो लोग पदों के लिए एक पार्टी से दूसरी पार्टी में चले जाते हैं, वे लंबे समय तक नहीं टिकेंगे. अगर सरकार छह महीने में गिर जाती है, तो वे सभी एक जगह वापस आ जाएंगे.

विधायक और मंत्री को नहीं जानती जनता

अभिनेता से नेता बने विजय की टीवीके की हालिया चुनावी जीत को कमतर आंकते हुए भारती ने इस जीत को विचारधारा के समर्थन के बजाय जैकपॉट लॉटरी टिकट बताया. उन्होंने कहा कि टीवीके ने केवल 35 प्रतिशत वोट शेयर हासिल किया, जिसका अर्थ है कि 65 प्रतिशत मतदाताओं ने उनके खिलाफ मतदान किया. भारती ने दावा किया कि लोगों ने केवल चेहरा देखकर और इंस्टाग्राम पर सोशल मीडिया अभियानों के कारण वोट दिया. मतदाताओं को यह भी नहीं पता है कि उनके स्थानीय विधायक या मंत्री कौन हैं.

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समाचार स्रोत: पीटीआई

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