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India New Zealand:2030 तक ₹35000 करोड़ के व्यापार का लक्ष्य

by Live India
India New Zealand:2030 तक ₹35000 करोड़ के व्यापार का लक्ष्य

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भारत न्यूजीलैंड डील: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न्यूजीलैंड की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर हैं. 6 जुलाई से तीन देशों के दौरे पर निकले पीएम मोदी का यह अंतिम फेज है. इससे पहले वे इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया गए थे. न्यूजीलैंड की इस आधिकारिक यात्रा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के पीएम क्रिस्टोफर लक्सन की आपसी मुलाकात हुई और दोनों देशों के बीच इन शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में बैठक के बाद करीब 10 बड़े समझौते हुए.

इसमें यह भी कहा गया कि भारत और न्यूजीलैंड 2030 तक अपने ट्रेड को दोगुना करके 35000 करोड़ रुपये करने का लक्ष्य रखे हैं. दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच बैठक के बाद संयुक्त बयान जारी किया गया. आइए जानते हैं कि इसमें किस-किस समझौते पर सहमति बनी है.

10 समझौतों की बड़ी बातें

मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके न्यूजीलैंड समकक्ष क्रिस्टोफर लक्सन के बीच हुई वार्ता के बाद भारत और न्यूजीलैंड ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया. दोनों देशों ने 2030 तक वस्तुओं और सेवाओं के अपने वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके 35,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का पांच वर्षीय लक्ष्य निर्धारित किया.

इस बैठक में 10 समझौतों सहित 18 ठोस निष्कर्ष निकले. इनमें से प्रमुख थे अगले चार वर्षों में संबंधों को विस्तार देने का रोडमैप, हिंद-प्रशांत समुद्री सहयोग को बढ़ाने का ढांचा और भारतीय नौसेना व न्यूजीलैंड रक्षा बल के बीच पारस्परिक रसद सहायता समझौता.

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— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) July 11, 2026

प्रशांत क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की रक्षा

दोनों देशों के एक संयुक्त बयान में कहा गया कि मोदी और लक्सन ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर विचारों का आदान-प्रदान किया और एक स्वतंत्र, खुले और समृद्ध क्षेत्र के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की. उन्होंने संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की रक्षा के महत्व पर भी बल दिया.

इसमें कहा गया है कि दोनों प्रधानमंत्रियों ने अंतरराष्ट्रीय कानून, विशेष रूप से 1982 के संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन के अनुसार, नौवहन और हवाई उड़ान की स्वतंत्रता और समुद्र के अन्य वैध उपयोगों का आह्वान किया. वार्ता के दौरान अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा था कि भारत और न्यूजीलैंड, दोनों समुद्री राष्ट्रों के बीच गहरा सहयोग, हिंद-प्रशांत क्षेत्र को नई ताकत प्रदान करेगा.

FTA को जल्द लागू कराने का संकल्प

दोनों प्रधानमंत्रियों ने 2030 तक वस्तुओं और सेवाओं में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर या लगभग 35,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की दिशा में काम करने पर सहमति व्यक्त की. उन्होंने मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को जल्द से जल्द लागू कराने के लिए मिलकर काम करने का भी संकल्प लिया.

संयुक्त बयान में कहा गया है कि मोदी और लक्सन ने पश्चिम एशिया संघर्ष पर चर्चा करते हुए तनाव में फिर से वृद्धि होने पर चिंता व्यक्त की और सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव कम करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान किया.

संयुक्त बयान में कहा गया है, “उन्होंने जलडमरूमध्य के माध्यम से नौवहन की स्वतंत्रता और वाणिज्य के ग्लोबल फ्लो की पूर्ण बहाली की मांग की, जबकि जहाजरानी पर किसी भी प्रकार की पाबंदी का विरोध किया.” दोनों नेताओं ने संघर्ष के शांतिपूर्ण और स्थायी समाधान प्राप्त करने के लिए संवाद और कूटनीति के महत्व और अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन पर जोर दिया. मोदी और लक्सन ने संयुक्त राष्ट्र में “साहसिक और प्रभावी” सुधारों की वकालत की और सुरक्षा परिषद के विस्तार के लिए अपने समर्थन की पुष्टि की.

चीन की चुनौतियों के बीच हिंद-प्रशांत सहयोग को नई ताकत, पीएम मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री की सहमति

समाचार स्रोत: पीटीआई

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