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बारिश और तूफ़ान: भारत मौसम विज्ञान विभाग ने शुक्रवार को अगले दो दिनों में पूरे उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और तूफान की भविष्यवाणी की है. राज्य के अलग-अलग इलाकों में तेज हवाएं, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की भी चेतावनी दी. लखनऊ केंद्र द्वारा जारी मौसम बुलेटिन के अनुसार, 29 और 30 मई को पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा कि शुक्रवार को दोनों क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने, बिजली गिरने और धूल भरी आंधी आने की संभावना है.
कई जिलों में आंधी-तूफान से भारी क्षति
कहा गया है कि 29 मई को राज्य भर में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश और ओलावृष्टि होने की भी संभावना है. उधर शुक्रवार को प्रतिकूल मौसम के कारण राज्य के कई हिस्सों में सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. सहारनपुर में शुक्रवार तड़के हुई भारी बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों से पानी का तेज बहाव शुरू हो गया. 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, भारी बारिश और आंधी-तूफान से लखनऊ, वाराणसी और प्रयागराज समेत 20 जिलों में जन-धन की काफी क्षति हुई. मौसम कार्यालय ने 30 मई के लिए पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा के साथ आंधी और बिजली गिरने की भविष्यवाणी की है.
बुलेटिन में कहा गया है कि 31 मई को राज्य में अलग-अलग स्थानों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है. मौसम विभाग ने कहा कि 1 जून से बारिश की गतिविधि धीरे-धीरे कम होने की संभावना है. 3 और 4 जून को पूरे उत्तर प्रदेश में शुष्क मौसम की उम्मीद है. एक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थिति की समीक्षा की और सभी जिलाधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने का निर्देश दिया.
मुख्यमंत्री ने मांगी रिपोर्ट
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तुरंत क्षेत्रीय सर्वेक्षण करने, नुकसान का आकलन करने और राहत सहायता का शीघ्र वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने जिला अधिकारियों को हर तीन घंटे में सरकार को अद्यतन रिपोर्ट सौंपने और नियमित रूप से बचाव और राहत कार्यों की निगरानी करने का भी निर्देश दिया. अधिकारियों से समय पर सार्वजनिक जागरूकता सुनिश्चित करने के लिए मुआवजा वितरण, राहत शिविरों और बचाव कार्यों से संबंधित जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के माध्यम से प्रसारित करने का भी आग्रह किया गया है.
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समाचार स्रोत: पीटीआई
