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West Bengal : राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले ED ने छापेमारी की. इस बार कोलकाता के DCP के घर पर छापेमारी की है और यह कार्रवाई सोना-पप्पू सिंडिकेट से जुड़ी बताई जा रही है.
पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर (DCP) शांतनु सिन्हा के घर पर छापेमारी की. एजेंसी रविवार को सुबह 7 बजे बालीगंज में स्थित उनके आवास पर पहुंचीं और तलाशी अभियान शुरू कर दिया. वहीं, जानकारी से पता चला है कि डीसीपी बिस्वास इससे पहले कालीघाट पुलिस स्टेशन थाना प्रभारी रह चुके हैं और यह इलाका ममता बनर्जी के भवानीपुर विधानसभा के अंतर्गत आता है.
कई ठिकानों पर की गई छापेमारी
प्रवर्तन निदेशालय की तरफ से यह पूरी कार्रवाई दक्षिण कोलकाता के बालीगंज क्षेत्र में चल रहे सोना पप्पू सिंडिकेट केस से जुड़ी बताई जा रही है. इस अपराधी के खिलाफ हत्या की कोशिश और रंगदारी मांगने के आरोप में कई केस दर्ज हैं. इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ने तलाशी अभियान का पहला दौर एक अप्रैल को शुरू किया था. इसके बाद ED ने जब तलाशी ली तो कई विभिन्न स्थानों से 1.47 करोड़ रुपये की नकदी बरामद की. इसके अलावा 67.64 लाख रुपये के सोने और चांदी के गहने और एक देसी रिवॉल्वर भी जब्त की थी.
क्या है पूरा मामला?
जानकारी से पता चला है कि जांच एजेंसी मुख्य रूप से रंगदारी और सिंडिकेट रैकेट में अधिकारी की संलिप्तता के इर्द-गिर्द घूम रही थी. ED को शक हुआ कि इस मामले में सोना पप्पू जैसे अपराधी भी शामिल हैं. एजेंसी ने आरोप लगाया कि इन अपराधियों द्वारा वसूली गई रंगदारी का एक हिस्सा डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिन्हा बिस्वास तक भी पहुंच रहा था.
कामदार नहीं हुए एजेंसी के सामने पेश
यह पूरा मामला कथित अवैध गतिविधियों और मनी ट्रेल की जांच से संबंधित है. केंद्रीय जांच एजेंसी ने तीन जगहों पर छापेमारी की है. इनमें से दो ठिकाने शंतनु सिन्हा बिस्वास से जुड़े हैं, जबकि एक ठिकाना जॉय कामदार से भी जुड़ा हुआ है. बताया जा रहा है जॉय कामदार के घर पर एजेंसी पहले भी दो बार छापा मार चुकी है और इस दौरान पूछताछ के लिए दो बार समन भी भेजा था. लेकिन वह ईडी के सामने एक बार भी पेश नहीं हुए.
ईडी की सक्रियता
एजेंसी की तरफ से यह कार्रवाई ऐसे वक्त में हुई है जब राज्य की राजधानी में अवैध निर्माण या सिंडिकेट मामले में शुक्रवार को कई ठिकानों में जांच की गई. वहीं, कुछ दिनों पहले ही एजेंसी ने पूर्व राज्य मंत्री पार्थ चटर्जी के शिक्षक भर्ती भ्रष्टाचार मामले में छापेमारी की थी. साथ ही इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने भी बहिरा विधायक और तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार देबाशीष कुमार के आवास पर भी छापेमारी की थी.
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समाचार स्रोत: पीटीआई
