Home मनोरंजन जानें Salman Khan के 27 साल पुराने चैप्टर के बारे में सब कुछ!

जानें Salman Khan के 27 साल पुराने चैप्टर के बारे में सब कुछ!

by Live India
जानें Salman Khan के 27 साल पुराने चैप्टर के बारे में सब कुछ!

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Salman Khan-Kala Hiran: बॉलीवुड के दबंग स्टार सलमान खान 60 साल को हो गए हैं, लेकिन लड़ना नहीं भूले और ना ही लाइमलाइट में रहना. इस बार भी लड़ाई और लाइमलाइट, दोनों की ही वजह वो पूरी तरह से खुद है. एक बार फिर सलमान सोशल मीडिया से लेकर न्यूज़ हेडलाइन्स में छाए हुए हैं. इस बार वजह उनकी कोई नई फिल्म नहीं, बल्कि उन पर बेस्ड एक कंट्रोवर्शियल मूवी बताई जा रही है. ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी’ नाम की फिल्म रिलीज से पहले ही कानूनी पचड़े में फंसती नजर आ रही है. नाम से ही आपको मामला समझ आ ही गया होगा. अब सलमान खान की लीगल टीम ने फिल्म के मेकर्स और डायरेक्टर को नोटिस भेजकर इसकी रिलीज और प्रमोशन पर रोक लगाने की डिमांड की है. ऐसे में अब फैंस ये जानना चाहते हैं, कि आखिर ये मामला है क्या? वैसे, भाईजान के डाइहार्ट फैंस ‘काला हिरण’ नाम से अच्छी तरह से वाकिफ हैं, लेकिन फिर भी पूरा मैटर हम बता देतें हैं.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, ‘काला हिरण’ नाम की एक फिल्म को लेकर जबरदस्त बवाल हो रहा है. ये फिल्म सलमान खान से जुड़े साल 1998 के पॉपुलर ब्लैकबक शिकार मामले से इंस्पायर बताई जा रही है. फिल्म का पहला पोस्टर हाल ही में रिलीज़ किया गया था. पोस्टर रिलीज़ के बाद ये बातें होने लगीं कि फिल्म में उस कंट्रोवर्शियल इवेंट को फिल्मी अंदाज में दिखाया जाएगा जिसने सालों तक सुर्खियां बटोरीं. पोस्टर सामने आते ही मामला गर्मा गया और अब सलमान खान की लीगल टीम ने भी इस पर एक्शन ले लिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक एक्टर की तरफ से भेजे गए नोटिस में फिल्म की रिलीज, मेकिंग और प्रमोशन को तुरंत रोकने की मांग की गई है. वैसे, फिल्म के पोस्टर में एक ऐसा कैरेक्टर दिखाई देता है जिसकी शक्ल-सूरत और स्टाइल काफी हद तक सलमान खान से मैच करती है. इतना ही नहीं, किरदार के हाथ में बंदूक दिखाई गई है और उसकी कलाई में फिरोजा कलर का ब्रेसलेट भी नजर आता है, जो सलमान खान की पहचान माना जाता है. यही वजह है कि फिल्म को सीधे तौर पर सलमान खान और उनके केस से जोड़कर देखा जा रहा है.

क्या कहा लीगल टीम ने?

सलमान खान की तरफ से भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि ब्लैकबक शिकार मामला अभी भी लीगल प्रोसेस के दायरे में है. इसके अलावा राजस्थान हाईकोर्ट में इससे जुड़े मामलों पर सुनवाई चल रही है. ऐसे में इस सब्जेक्ट पर फिल्म बनाना न सिर्फ सलमान खान की इमेज को नुकसान पहुंचा सकता है, बल्कि ज्यूडिशियल प्रोसेस को भी इफेक्ट कर सकता है. नोटिस में ये भी कहा गया है कि सलमान खान ने फिल्म के मेकर्स को अपना नाम, पर्सनालिटी या उनसे जुड़ी घटना का इस्तेमाल करने की परमिशन नहीं दी है. साथ ही सलमान खान की लीगल टीम ने ‘काला हिरण’ फिल्म के मेकर्स से दो मांगें की हैं. पहली, फिल्म की मेकिंग, रिलीज और प्रमोशन को तुरंत बंद किया जाए. दूसरी, एक्टर से बिना किसी शर्त के लिखित में माफी मांगी जाए. रिपोर्ट्स के मुताबिक, नोटिस में ये भी वॉर्निंग दी गई है कि अगर 24 घंटे के अंदर इन डिमांड्स का पूरा नहीं किया गया तो आगे सिविल और क्रिमिनल लीगल एक्शन किया जा सकता है.

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मेकर्स का पलटवार

कंट्रोवर्सी के बीच फिल्म ‘काला हिरण’ के मेकर अमित जैन ने भी अपना रिएक्शन दिया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लीगल नोटिस शेयर करते हुए आरोप लगाया कि ये कदम फिल्म से जुड़े लोगों को डराने और प्रेशर बनाने के लिए उठाया गया है. अमित का कहना है कि नोटिस का मकसद लोगों को इस प्रोजेक्ट से पीछे हटने के लिए मजबूर करना है. उन्होंने अपने बयान में फेमस शायर राहत इंदौरी की लाइनों का भी जिक्र किया और कहा कि वो किसी दबाव में आने वाले नहीं हैं. उन्होंने लिखा- ‘उसकी आदत डरा रहा है, है मेरी फितरत डरा नही हूं. वो मुझको मुर्दा समझ रहा है, उसे कहो मैं मरा नही हूं. हालांकि, सलमान खान या उनकी टीम ने अमित जैन के इन आरोपों पर अभी तक कोई पब्लिक रिएक्शन नहीं दिया है.

कौन बना रहा है फिल्म?

अब ये भी जान लें कि ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी’ फिल्म बनाने के पीछे किसका हाथ है. दरअसल, इस फिल्म को भारत एस. श्रिनेट डायरेक्ट कर रहे हैं. फिल्म को जानी फायरफॉक्स मीडिया प्राइवेट लिमिटेड प्रोड्यूस कर रही है. ये वही प्रोडक्शन हाउस है जो पहले भी कंट्रोवर्शियल सब्जेक्ट्स पर बेस्ड प्रोजेक्ट्स से जुड़ा रहा है. वहीं, फिल्म के मेकर्स का दावा है कि ये एक दमदार कहानी होगी, जिसमें रीयल लीगल स्ट्रगल और एक्शन से जुड़े सीन्स दिखाई देंगे. फिल्म का पहला टीजर 20 जून को रिलीज करने की प्लानिंग है.

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1998 का ब्लैकबक मामला

ये मामला साल 1998 का है, जब सलमान खान सूरज बड़जात्या की फिल्म हम साथ साथ हैं की शूटिंग कर रहे थे. फिल्म की पूरी टीम राजस्थान के जोधपुर जिले में शूटिंग कर रही थी. उसी दौरान सलमान खान पर जोधपुर के कांकाणी गांव में दो काले हिरणों के शिकार का आरोप लगा था. इस घटना के बाद बिश्नोई समुदाय के लोगों ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामला कानूनी लड़ाई में बदल गया. इस मामले में सलमान खान के अलावा सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम कोठारी के नाम भी सामने आए थे. हालांकि, बाद में सलमान खान को छोड़कर बाकी स्टार्स को इस केस से बरी कर दिया गया. इसके बाद सलमान के खिलाफ मामला आगे बढ़ता रहा. करीब 20 साल बाद, 5 अप्रैल, 2018 को एक ट्रायल कोर्ट ने सलमान खान को इस केस में दोषी ठहराते हुए उन्हें 5 साल की सजा सुनाई थी. हालांकि, बाद में उन्हें जमानत मिल गई. करीब 27 साल पुराना यह केस आज भी चर्चा में बना हुआ है.

क्यों नाराज हुआ बिश्नोई समाज ?

काला हिरण, जिसे ब्लैकबक भी कहा जाता है, भारत में प्रोटेक्टिव वाइल्डलाइफ की कैटेगरी में आता है. ये जानवरी वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन एक्ट 1972 के तहत सेफ है. वहीं, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के कई इलाकों में रहने वाला बिश्नोई समुदाय काले हिरण को बहुत ही पवित्र मानता है. वाइल्डलाइफ और नेचर की रक्षा करना उनकी परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है. यही वजह थी कि इस घटना के बाद समुदाय ने इसका काफी ज्यादा विरोध किया और कानूनी कार्रवाई की मांग की. खैर, शिकायत दर्ज होने के कुछ दिनों बाद, 12 अक्टूबर, 1998 को सलमान खान को गिरफ्तार किया गया. हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई. इस मामले की सुनवाई कई सालों तक चलती रही. साल 2006 में एक ट्रायल कोर्ट ने सलमान खान को दोषी ठहराते हुए 5 साल की सजा और जुर्माना सुनाया. एक्टर ने इस फैसले को चैलेंज किया और मामला आगे की अदालतों तक पहुंच गया.

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लड़ाई में आए कई मोड़

साल 2007 में जोधपुर की अदालत ने सलमान खान की अपील खारिज कर दी और सजा बरकरार रखी. हालांकि, बाद में राजस्थान हाईकोर्ट ने सजा पर रोक लगा दी, जिससे उन्हें राहत मिली. इसके बाद भी केस कई बार अदालतों में पहुंचा. साल 2012 में केस से जुड़े सभी लोगों के खिलाफ फिर से आरोप तय किए गए. साल 2015 में सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने एक खास आदेश देते हुए कहा कि सिर्फ फॉरेन टूर की परमिशन लेने के लिए जुर्म साबित होने पर रोक नहीं लगाई जा सकती. फिर साल 2016 में राजस्थान हाईकोर्ट ने सबूतों के अभाव का हवाला देते हुए सलमान खान को बरी कर दिया. अदालत का मानना था कि ये साबित नहीं हो पाया कि जिन काले हिरणों की मौत हुई, उन्हें सलमान खान की बंदूक से ही मारा गया था. हालांकि, राजस्थान सरकार ने इस फैसले को चैलेंज देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और मामला फिर आगे बढ़ा.

2018 में फिर बड़ा फैसला

सबकी नजर, इस कदम पर

फिलहाल फिल्म ‘काला हिरण’ की रिलीज पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं. एक तरफ सलमान खान की लीगल टीम फिल्म को रोकने के लिए एक्टिव है, तो दूसरी तरफ फिल्म के मेकर्स इसे आगे बढ़ाने के मूड में साफ नजर आ रहे हैं. ऐसे में ये देखना काफी दिलचस्प होगा कि ये कंट्रोवर्सी अदालत तक पहुंचती है या दोनों तरफ के लोग कोई नया रास्ता निकलते हैं. लेकिन इतना तय है कि रिलीज से पहले ही ‘काला हिरण’ ने लोगों का ध्यान अपनी तरफ जरूर खींच लिया है. अब ये फिल्म रिलीज़ होगी या नहीं, ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा. लेकिन इतना तय है कि, मामला जल्दी से शांत होने वाला नहीं लग रहा है.

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