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मार्को रुबियो: ईरान और अमेरिका शांति समझौते को लेकर आज रविवार को एक ऐतिहासिक डील पर साइन कर सकते हैं. इस शांति समझौते से पहले इन दोनों देशों के बीच हमले की एक नई दौर शुरू हुई थी. इसी दौरान ओमान तट पर भारतीय क्रू वाले एक-दो नहीं बल्कि तीन जहाजों पर हमला किया गया था. ये हमले अमेरिकी सेना के द्वारा किए गए थे. इनमें से एक हमला वाणिज्यिक पोत सेट्टेबेलो पर भी किया गया था, जिसमें कुल 24 भारतीयों में से 3 की मौत हो गई थी.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, यूरोप दौरे पर गए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बात की. इस दौरान उन्होंने रुबियो के सामने ओमान की खाड़ी में एक व्यापारिक पोत पर अमेरिकी सैन्य हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा उठाया. उन्होंने इसपर कड़ी आपत्ति भी जताई. वहीं, अब अमेरिका की ओर से भारत को एक तरह से अकड़ दिखाया गया है. आइए जानते हैं पूरी खबर.
होर्मुज में अमेरिकी नाकाबंदी का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं- यूएस
अमेरिका के ट्रंप प्रशासन के द्वारा 13 जून को एक प्रेस रिलीज जारी की गई, जिसमें बताया गया कि अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट (विदेश मंत्री) मार्को रुबियो ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने फोन पर बात की.
यह जानकारी मुख्य उप-प्रवक्ता टॉमी पिगॉट की ओर से दी गई है, जिसमें लिखा गया- “सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो ने कल भारतीय विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर से बात की. दोनों अधिकारियों ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में हाल की घटनाओं पर चर्चा की. सेक्रेटरी ने जोर दिया कि सभी कमर्शियल जहाजों को अमेरिकी सेना के आदेशों का तुरंत पालन करना चाहिए, क्योंकि वे इस जलडमरूमध्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन और ईरानी तेल की अवैध ढुलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.”

विदेश मंत्री जयशंकर ने क्या कहा था?
बीते दिनों विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा, “आज शाम मैंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात की. मैंने खाड़ी में अमेरिकी नौसेना द्वारा किए गए हमलों पर भारत के कड़े विरोध को दोहराया, जिसमें तीन भारतीय नौसैनिक मारे गए.” उन्होंने आगे कहा, “वाणिज्यिक जहाजों के खिलाफ इस तरह की घातक कार्रवाई उचित नहीं है.”
बता दें कि भारत ने शुक्रवार को चार्ज डी’अफेयर्स जेसन मीक्स को तलब किया और उनसे कहा कि ओमान के तट पर भारतीय चालक दल के सदस्यों वाले वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिकी सेना के घातक हमले अस्वीकार्य हैं.
भारतीय क्रू वाले जहाजों पर हमला
जानकारी के अनुसार, 8 जून को अमेरिकी सेना ने पलाऊ ध्वज वाले तेल टैंकर ‘मारिवेक्स’ को निशाना बनाया था. इस जहाज पर 24 भारतीय नाविक सवार थे. हालांकि, इस हमले में किसी की हताहत होने की कोई सूचना नहीं थी और सभी 24 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया था.
उसके बाद 10 जून को, अमेरिका ने पलाऊ ध्वज वाले एक अन्य टैंकर ‘सेट्टेबेलो’ पर हमला किया. इसमें भी 24 भारतीय नाविक सवार थे. बचाव कार्य हुआ तो 21 नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया था और तीन भारतीय चालक दल की मौत हो गई थी.
इस हमले के बाद भी अमेरिका नहीं माना और उसके बाद एक अन्य जहाज ‘जलवीर’ को भी निशाना बनाया. यह गिनी-बिसाऊ के ध्वज वाला टैंकर था और इसमें 20 भारतीय सवार थे. इस जहाज पर गुरुवार को हमला किया गया था. अमेरिका के द्वारा भारतीय क्रू वाले जहाजों पर लगातार हमले के बाद भारत ने अमेरिका से कड़ा विरोध जताया है.
खुलेगा होर्मुज… ईरान-US शांति समझौते के लिए आज बड़ा दिन, होने वाला है ऐतिहासिक फैसला!
समाचार स्रोत: पीटीआई
